
मालदा (पश्चिम बंगाल): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अवसर पर वह 3250 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास व शुभारंभ भी करेंगे। नई स्लीपर ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी के बीच चलेगी, जिससे पश्चिम बंगाल और असम के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर पश्चिम बंगाल को एक दर्जन से अधिक नई ट्रेनों की सौगात देंगे। इन दोनों राज्यों के अलावा, इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। प्रधानमंत्री सात अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे राज्य का अन्य हिस्सों से रेल संपर्क और सुदृढ़ होगा।
वंदे भारत का सफर:
देश में पहली वंदे भारत चेयरकार ट्रेन 15 फरवरी, 2019 को लॉन्च हुई थी। इसके बाद क्रमशः वंदे भारत 2.0 (30 सितंबर 2022) और वंदे भारत 3.0 (2025) लांच हुई। अब 17 जनवरी, 2026 को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, 2027 में वंदे भारत का एडवांस वर्जन 4.0 लॉन्च होगा, जो कवच के एडवांस वर्जन 5.0 से लैस होगा।
रेलवे ने हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए बेहतर ट्रैक बनाने पर भी काम शुरू कर दिया है। डेडिकेटेड हाई-स्पीड कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें ट्रेनें 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।
भविष्य की योजनाएँ:
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनों की संख्या दिसंबर 2025 तक 164 तक पहुँच चुकी है। यह संख्या 2030 तक बढ़कर 800 और 2047 तक बढ़कर 4500 होने की संभावना है। इन ट्रेनों में चेयरकार और स्लीपर दोनों तरह की सेवाएँ शामिल होंगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अभी 1000-1500 किलोमीटर की दूरी के लिए बनाई गई है, लेकिन भविष्य में इसे कश्मीर से कन्याकुमारी तक लंबी दूरी की सेवाओं के लिए भी चलाया जाएगा। रेलवे का कहना है कि वंदे भारत चेयरकार अब देशभर में लोगों की पसंदीदा ट्रेन बन गई है और हर राज्य चाहता है कि उसके क्षेत्र में अधिक से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चलें।
चरणबद्ध विस्तार:
स्लिपर ट्रेन की परफॉरमेंस और सुविधाओं को देखते हुए इसे भी धीरे-धीरे पूरे देश में चलाया जाएगा, ताकि सभी राज्यों की जनता इसका लाभ उठा सके।