Monday, May 25

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सरदार पटेल, राष्ट्रहित प्रथम के विचार पर सदैव अडिग रहे : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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इंदौर, 31 अक्टूबर 2025।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, दृढ़ संकल्प और एकता की भावना का प्रतीक है। उन्होंने आज़ादी के बाद बिखरी हुई 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत की अखंडता को सुदृढ़ किया। उनका यह कार्य स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे अद्भुत और प्रेरणादायक उपलब्धियों में से एक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार शौर्य स्मारक में आयोजित “एक दौड़ देश की एकता और अखंडता के लिए — रन फॉर यूनिटी” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने इस अवसर पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, भारत माता एवं सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उपस्थित जनसमुदाय को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने हरी झंडी दिखाकर रन फॉर यूनिटी को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीतों की मधुर धुनों ने वातावरण को ओजपूर्ण बना दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल का व्यक्तित्व कठोरता और करुणा का अद्भुत संगम था। वे जहां राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते थे, वहीं जनता के दुःख-दर्द को गहराई से समझते थे। बारडोली आंदोलन के बाद उन्हें “सरदार” की उपाधि मिली। स्वतंत्रता संग्राम के हर आंदोलन — चाहे नमक आंदोलन हो या भारत छोड़ो आंदोलन — में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि जब अंग्रेज़ों ने भारत को विभाजित करने की साजिश रची, तब सरदार पटेल ने अपनी अद्भुत राजनीतिक बुद्धिमत्ता और कूटनीति से हैदराबाद, जूनागढ़ और भोपाल जैसी रियासतों को भारत में सम्मिलित कराया। परिणामस्वरूप आज भारत एक अखंड राष्ट्र के रूप में विश्व के सामने खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता को स्थायी रूप देने के लिए सरदार पटेल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा जैसी केंद्रीय संस्थाओं की स्थापना की। गृह मंत्री के रूप में उन्होंने देश की प्रशासनिक नींव को सुदृढ़ किया। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का बीड़ा उठाकर सरदार पटेल ने जनसहभागिता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत, सरदार पटेल की उसी नीति पर आगे बढ़ रहा है — “राष्ट्र अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करे।” जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, भारत की आत्मनिर्भरता और केवड़िया में स्थापित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ इस भावना के जीवंत प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल किसी दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के नेता थे। लोकतंत्र की सुंदरता इसी में है कि हम दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करने वाले महापुरुषों का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने महापुरुषों को याद रखते हैं, तब तक कोई भी शक्ति भारत को कमजोर नहीं कर सकती।

इस अवसर पर संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री धर्मेन्द्र लोधी, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, युवा और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनों को राष्ट्र की अखंडता, एकता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प दिलाया और कहा —
“सरदार पटेल की विचारधारा हमें सिखाती है कि भारत की शक्ति उसकी एकता में है, और इस एकता को अक्षुण्ण बनाए रखना ही हम सबका कर्तव्य है।”

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