
जयपुर: 78वें सेना दिवस के अवसर पर जयपुर के महल रोड पर आयोजित भव्य परेड में भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य की झलक देखने को मिली। इस अवसर पर सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ और आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण वीरता दिखाने वाले पांच वीर शहीदों को मरणोपरांत सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया।
मरणोपरांत वीरता पदक पाने वाले शहीदों में शामिल हैं:
- सूबेदार मेजर पवन कुमार – कृष्णा घाटी सैन्य छावनी पर दुश्मन के ड्रोन और तोपखाने को नाकाम किया, अपने साथियों को सुरक्षित किया और इस दौरान वीरगति को प्राप्त हुए।
- हवलदार सुनील कुमार – गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दुश्मन ड्रोन की जानकारी देते रहे और साथियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
- लांस नायक दिनेश कुमार – भीषण गोलाबारी के दौरान समय पर गोला-बारूद की आपूर्ति करते हुए, दुश्मन ड्रोन को निशाना बनाया।
- लांस नायक सुभाष कुमार – आतंकवादियों की घुसपैठ नाकाम कर दो आतंकवादियों को ढेर किया, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद लड़ाई जारी रखी।
- लांस नायक प्रदीप कुमार – तलाशी अभियान में हिज़्बुल मुजाहिदीन का आतंकवादी ढेर किया, गंभीर चोटों के बावजूद मोर्चा नहीं छोड़ा।
इन नायकों की वीरता, कर्तव्य के प्रति निष्ठा और अदम्य साहस ने न केवल देश की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि उनके बलिदान ने पूरी सेना और राष्ट्र को गौरवान्वित किया। शहीदों के परिवारों ने अपने प्रियजनों का मरणोपरांत पुरस्कार ग्रहण किया।
78वें सेना दिवस पर जयपुर में यह भव्य परेड भारतीय सेना की वीरता, अनुशासन और साहस की प्रतीक रही।