
इंदौर: मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा में हुए दूषित पेयजल के प्रकोप को लेकर बेबुनियाद सवाल उठाकर विपक्षी दल इंदौर की जनता और शहर के सफाई कर्मियों की बदनामी कर रहा है।
मंत्री विजयवर्गीय ने एक कार्यक्रम में कहा, “क्या आपकी मां, बहन और बेटी रात के दो बजे घर से निकलकर सड़क पर सफाई कर सकती हैं? यह वही इंदौर के सफाईकर्मी हैं जो अपनी महिलाओं को शहर को स्वच्छ बनाने के लिए रात-दर-रात भेजते हैं।”
फर्जी दस्तावेजों के आरोपों पर पलटवार
भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण कई मौतों के बाद विपक्षी नेता उमंग सिंघार ने दावा किया था कि सरकारी अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज पेश कर इंदौर को स्वच्छता खिताब दिलाए। विजयवर्गीय ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कांग्रेस नेताओं को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के बयान इंदौर की जनता की भागीदारी और सफाईकर्मियों के सम्मान का अपमान है।
इंदौर की स्वच्छता पर विजयवर्गीय का दावा
विजयवर्गीय ने कहा, “स्वच्छता के मामले में इंदौर नंबर-1 था, है और हमेशा रहेगा। जनता और सफाईकर्मी हमारी शान हैं। इन बेशर्म लोगों को माफी मांगनी चाहिए।”
उन्होंने कांग्रेस नेताओं को चुनौती दी कि वे बताएँ कि अपने राजनीतिक जीवन में शहर के हित में उन्होंने क्या काम किए हैं। उन्होंने कहा, “बिल्ली के भाग्य से छींका टूट गया, उसकी दीपावली हो गई। लेकिन हम इंदौर की आन-बान-शान को जाने नहीं देंगे।”
भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा विवादित
भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है। वहीं स्थानीय नागरिकों का दावा है कि प्रकोप में छह माह के बच्चे समेत 23 लोग मारे गए। महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में संकेत मिला है कि भागीरथपुरा में 15 मौतें उल्टी-दस्त से जुड़ी हो सकती हैं।