
इस्लामाबाद/वॉशिंगटन, 14 जनवरी: पाकिस्तान ने अमेरिका के सामने कई असामान्य प्रस्ताव रखे, जिनमें व्यापार, निवेश और सुरक्षा से जुड़े आकर्षक ऑफर शामिल थे। यह जानकारी पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर के अमेरिकी लॉबी फर्म को भेजे गए ईमेल से सामने आई।
ईमेल 14 मई 2025 को पॉल डब्ल्यू. जोन्स को भेजा गया था, जिनका पहले पाकिस्तान में राजदूत का अनुभव है। ईमेल में पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को सार्वजनिक तौर पर भारत के साथ संघर्ष खत्म कराने के लिए धन्यवाद दिया और अमेरिका के साथ संबंध सुधारने के लिए कई प्रलोभन पेश किए।
पाकिस्तान के प्रस्ताव:
अमेरिकी उत्पादों की बड़ी खरीद और व्यापारिक टैरिफ में कटौती।
स्पेशल इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन काउंसिल (SIFC) के जरिए अमेरिकी कंपनियों को फास्ट-ट्रैक एक्सेस।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और असीम मुनीर द्वारा अमेरिकी निवेश को प्रोत्साहित करना।
दुर्लभ खनिज (तांबा, लिथियम, कोबाल्ट, निकेल) अमेरिकी कंपनियों के लिए उपलब्ध कराना।
आतंकवाद के खिलाफ सहयोग: ISIS और TTP के खिलाफ अभियान में अमेरिका का समर्थन।
अफगानिस्तान में अमेरिकी हथियारों की बरामदगी में मदद।
भारत-चीन और क्षेत्रीय रणनीति:
ईमेल में पाकिस्तान ने स्पष्ट किया कि उसके चीन के साथ संबंध व्यावहारिक हैं और अमेरिका-भारत के मजबूत संबंध पाकिस्तान-अमेरिका रिश्तों में बाधा नहीं बनेंगे। अफगानिस्तान में भी पाकिस्तान ने खुद को अमेरिका का रणनीतिक साझेदार बताया।
इस ईमेल के कुछ ही महीनों बाद, असीम मुनीर को वाइट हाउस बुलाया गया और 18 जून को डोनाल्ड ट्रंप से उनकी मुलाकात हुई। इसके बाद अमेरिका ने पाकिस्तान के समर्थन में कई बयान दिए, जो भारत के लिए असहज साबित हुए।