
मुंबई/नई दिल्ली: मुंबई की दीप वोरा की कहानी साहस और दृढ़ निश्चय की मिसाल है। एक दशक तक सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP) के रूप में काम करने वाली दीप 20 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर थीं। लेकिन उनके अंदर हमेशा कुछ अपना करने की चाहत रही।
एक मैराथन रेस ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। 21 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि अगर वह अपनी शारीरिक सीमाओं को पार कर सकती हैं तो कॉर्पोरेट कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर खुद का बड़ा काम भी कर सकती हैं। इसी संकल्प के साथ उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अक्टूबर 2019 में ‘हाची विद लव’ (Hachi With Love) की नींव रखी।
सिर्फ ₹50,000 से शुरुआत
दीप ने रिसर्च के बाद पाया कि हेल्दी स्नैक्स, विशेषकर ग्रैनोला कैटेगरी में नैचुरल प्रोडक्ट्स की भारी कमी है। बाजार में मौजूद अधिकांश उत्पाद प्रिजर्वेटिव्स और आर्टिफिशियल स्वीटनर से भरे थे। उन्होंने मात्र ₹50,000 के निवेश से अपने ब्रांड की शुरुआत की। शुरुआती दौर में यह QSR (क्विक सर्विस रेस्टोरेंट) मॉडल पर आधारित था, जहां ग्राहकों को सैम्पल के रूप में ग्रैनोला दिया जाता था।
चुनौतियों का डटकर सामना
जैसे ही बिजनेस ने गति पकड़ी, कोरोना महामारी ने दस्तक दी। इस अनिश्चित समय में दीप ने हार नहीं मानी और पूरी तरह से हेल्दी स्नैक्स पर फोकस किया। ग्राहकों के जबरदस्त फीडबैक के बाद 2021 के अंत तक उन्होंने अपनी इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की। उनके उत्पाद जैसे रागी और बादाम के आटे के केक और गुड़ व वर्जिन कोकोनट ऑयल से बने ग्रैनोला स्वाद और शुद्धता का अनूठा संगम बन गए।
आज का ब्रांड और आगे के लक्ष्य
आज ‘हाची विद लव’ 3,500 से अधिक ग्राहकों और 20 से ज्यादा कॉर्पोरेट पार्टनर्स के साथ सालाना 80 लाख रुपये का टर्नओवर जेनरेट कर रहा है। दीप का लक्ष्य अब इसे 2 करोड़ रुपये तक ले जाना है। शुद्धता के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए वे कांच की बोतलों का इस्तेमाल करती हैं और ऑर्गेनिक मार्केटिंग पर भरोसा रखती हैं। उनका अगला कदम ब्लिंकिट जैसे क्विक–कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए घर-घर पहुंचना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखना है।
निष्कर्ष
दीप वोरा की कहानी यह सिखाती है कि सीमित संसाधनों और जोखिम के बावजूद अगर साहस और मेहनत साथ हो तो छोटे निवेश से भी बड़े सपने सच किए जा सकते हैं।