
नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। हालांकि, भारत के लिए इस कदम का असर बहुत ज्यादा नहीं होने की संभावना है, क्योंकि भारत का ईरान के साथ व्यापार सीमित है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह घोषणा भारत के कुल व्यापार का केवल 0.15 प्रतिशत प्रभावित करेगी।
ईरान भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में नहीं
भारत और ईरान के बीच पिछले साल कुल व्यापार लगभग 1.6 अरब डॉलर का था, जो भारत के वैश्विक व्यापार का केवल 0.15% है। ईरान भारत के शीर्ष 50 व्यापारिक साझेदारों में शामिल नहीं है। वहीं, ईरान के कुल आयात में भारत का योगदान भी केवल 2.3% है। प्रमुख आयातक देशों में संयुक्त अरब अमीरात (30%), चीन (26%) और तुर्की (16%) शामिल हैं।
निर्यातकों को ज्यादा टेंशन नहीं
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के सीईओ और डीजी अजय सहाय ने कहा कि भारतीय निर्यातक इस घोषणा से चिंतित नहीं हैं। भारतीय उद्योग और बैंक केवल उन्हीं सामानों का व्यापार ईरान के साथ करते हैं, जो अमेरिकी OFAC (Office of Foreign Assets Control) के प्रतिबंधों से बाहर हैं।
बासमती चावल पर असर
इंडिया गेट चावल की मूल कंपनी KRBL के बल्क एक्सपोर्ट्स हेड अक्षय गुप्ता ने कहा कि ईरान भारतीय बासमती चावल के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार रहा है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में प्रतिबंध और व्यापार में पाबंदियों के कारण निर्यात प्रभावित हुआ है।
ट्रंप का कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका के सभी व्यावसायिक सौदों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उन्होंने इसे तुरंत प्रभावी और अंतिम निर्णय बताया।
सरकारी रुख
सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत का ईरान के साथ व्यापार पहले से ही सीमित है। अमेरिका के नए टैरिफ से फिलहाल भारत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ने की संभावना है। भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है, और निर्यातकों को फिलहाल अतिरिक्त चिंता करने की जरूरत नहीं है।