Tuesday, January 13

स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में 1500 बच्चों ने ली नशामुक्ति की शपथ, बिलासपुर में बना विश्व रिकॉर्ड

 

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राष्ट्रीय युवा दिवस और स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। स्वामी विवेकानंद चेतना महोत्सव के तहत 1500 बच्चों ने स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा धारण कर सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ ली, जिससे विश्व रिकॉर्ड कायम हुआ। इस उपलब्धि के लिए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र प्राप्त किया।

 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पुलिस ग्राउंड, बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने एक साथ पूर्ण वंदेमातरम् का सामूहिक गायन कर देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संदेश दिया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्वयं मंच से बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक रहने और समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाया।

 

5625 फीट की विशाल रंगोली बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम के दौरान पुलिस ग्राउंड में 5625 फीट लंबी स्वामी विवेकानंद जी की रंगोली भी बनाई गई, जिसे विश्व की दूसरी सबसे बड़ी रंगोली बताया जा रहा है। रंगोली को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे और आयोजन को ऐतिहासिक बताया।

 

स्वामी विवेकानंद के विचारों से युवा शक्ति को जोड़ा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की आध्यात्मिक शक्ति को विश्व पटल पर स्थापित किया।

उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति स्वयं पर नियंत्रण कर लेता है, वही महान बनता है। आत्मसंयम, आत्मनियंत्रण और आत्मअनुशासन ही सच्ची महानता का मार्ग है।”

उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में उतारने और भारत की संस्कृति व अध्यात्म को पुनः विश्व में स्थापित करने का आह्वान किया।

 

विशाल शोभायात्रा और प्रदर्शनी का आयोजन

स्वामी विवेकानंद के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पुलिस ग्राउंड से विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जो विवेकानंद उद्यान में संपन्न हुई। यहां समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया गया।

इसके अलावा उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के साथ विवेकानंद उद्यान में लगी स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी आम नागरिकों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी रहेगी।

 

यह आयोजन न केवल एक विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हुआ, बल्कि युवा शक्ति, नशामुक्ति, भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के संदेश को मजबूती से आगे बढ़ाने का प्रतीक भी बना।

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