Monday, January 12

उपेंद्र कुशवाहा की RLM में सबकुछ ठीक नहीं, मंत्री बेटे दीपक प्रकाश के सीतामढ़ी दौरे पर विधायक ने बनाई दूरी

 

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सीतामढ़ी: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के भीतर असंतोष की बातें सामने आने लगी हैं। पार्टी के हालात ‘ऑल इज वेल’ से बहुत दूर हैं। हाल ही में बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री और उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश के सीतामढ़ी दौरे ने इस असंतोष को फिर उजागर कर दिया।

 

सूबे के इस जिले में दो दिन तक रहे मंत्री दीपक प्रकाश ने कई प्रखंडों का दौरा किया और पंचायत सरकार भवन सहित अन्य विकास कार्यों का जायजा लिया। लेकिन इस दौरान पार्टी के इकलौते सीतामढ़ी विधायक रामेश्वर कुशवाहा मंत्री के साथ कहीं नहीं दिखे, जिससे स्पष्ट संकेत मिला कि विधायकों और कुशवाहा परिवार के बीच दूरी बढ़ रही है।

 

बाजपट्टी से निर्वाचित रामेश्वर कुशवाहा पहले जदयू के पार्षद थे, लेकिन बाद में उन्होंने टिकट हासिल कर RLM के पक्ष में चुनाव लड़ा और विजयी हुए। पार्टी के चार में से सभी विधायकों को उम्मीद थी कि नीतीश मंत्रिपरिषद में उनका भी प्रतिनिधित्व होगा, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा ने तमाम कयासों को दरकिनार कर अपने पुत्र दीपक प्रकाश को मंत्री बना दिया, जिससे विधायकों में असंतोष और बेचैनी बढ़ गई।

 

विधायक रामेश्वर कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट के माध्यम से संकेत दिया कि नेतृत्व की नीयत और नीतियां जनहित से अधिक स्वार्थ के अनुसार दिशा ले रही हैं। उनके 11 और 12 दिसंबर के पोस्ट में साफ संदेश था कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो स्वयं दीपक बनकर समाज और राष्ट्र को सही दिशा दिखाए।

 

हालांकि मंत्री दीपक प्रकाश ने मीडिया से कहा कि पार्टी में ‘ऑल इज वेल’ है, लेकिन विधायक की मौन दूरी और सोशल मीडिया पोस्ट पार्टी में उठ रहे सवालों की तरफ इशारा कर रहे हैं।

 

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के इस दौर में यह घटना बताती है कि पार्टी नेतृत्व और विधायकों के बीच खाई बढ़ रही है, और आगे आने वाले समय में पार्टी की आंतरिक राजनीति और भी दिलचस्प मोड़ ले सकती है।

 

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