
नई दिल्ली: अब नींद सिर्फ थकान मिटाने का काम नहीं करेगी, बल्कि आपके भविष्य में होने वाली बीमारियों का संकेत भी दे सकती है। अमेरिका की स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक खास AI मॉडल तैयार किया है, जिसका नाम है SleepFM। यह मॉडल इंसान की नींद के दौरान शरीर में होने वाली गतिविधियों का विश्लेषण करके 130 बीमारियों का अनुमान लगा सकता है।
रिसर्च के अनुसार, SleepFM मॉडल ने 75% तक सटीक भविष्यवाणी की। उदाहरण के लिए, हार्ट अटैक के मामलों में 10 में 8, डिमेंशिया में 8.5, किडनी रोग में करीब 8, स्ट्रोक में 7.8 और ब्रेस्ट कैंसर में 10 में से 9 मामलों का सही अनुमान लगाया। इस अध्ययन में लगभग 65 हजार लोगों की नींद डेटा का उपयोग किया गया, जो 5 लाख 85 हजार घंटे की नींद से जुड़ा था।
नींद में क्या होता है खास
नींद के दौरान हमारा दिमाग, दिल, सांस और मांसपेशियां लगातार काम करती रहती हैं। दिमाग की तरंगें बदलती हैं, दिल की धड़कन धीमी या तेज होती है, सांस लेने का तरीका बदलता है और शरीर पूरी तरह आराम की स्थिति में जाता है। डॉक्टर ‘स्लीप टेस्ट’ के दौरान इन सभी संकेतों को रिकॉर्ड करते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि कई बीमारियों के शुरुआती लक्षण शरीर में बहुत पहले दिखाई देने लगते हैं, लेकिन हम उन्हें पहचान नहीं पाते। SleepFM उन संकेतों को पकड़ने में मदद करता है।
डिमेंशिया और दिल की बीमारी में नींद का अहम रोल
रिसर्च में यह भी पाया गया कि जिन लोगों की नींद बार-बार टूटती है या नींद के कुछ खास चरण पूरे नहीं होते, उनमें दिमागी और दिल की बीमारियों का खतरा अधिक होता है। सांस की गड़बड़ियां और नींद में ऑक्सीजन की कमी दिल और फेफड़ों की बीमारियों से जुड़ी पाई गई। मॉडल ने यह भी दिखाया कि अलग-अलग बीमारियों के लिए नींद के अलग संकेत अहम होते हैं।