Saturday, January 31

रोज पानी देने पर भी तुलसी का पौधा सूख रहा है? गार्डनर कविता जोशी ने बताई वजह और देखभाल के टिप्स

 

This slideshow requires JavaScript.

 

तुलसी का पौधा धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन कई बार लोग रोजाना पानी देने के बावजूद देख रहे हैं कि उनका तुलसी का पौधा सूख रहा है। इसका मुख्य कारण जड़ों का गलना और फंगस लगना है। इस पर गार्डनिंग एक्सपर्ट कविता जोशी ने पौधे की सही देखभाल और खाद संबंधी टिप्स साझा की हैं।

 

पाले और ज्यादा पानी से बचाव

सर्दियों में तुलसी के पौधे को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। जरूरत से ज्यादा पानी देने पर जड़ें गलने लगती हैं और फंगस का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही पाले के कारण पत्तियां सूखकर काली पड़ सकती हैं और गिरने लगती हैं। कविता जोशी बताती हैं कि तुलसी को ऐसे स्थान पर रखें जहां सीधा पाला न पड़े। अगर पौधा गमले में है, तो उसे शेड वाले एरिया में रखें या कॉटन की हल्की कपड़े से कवर करें।

 

सही समय पर खाद डालें

तुलसी में बार-बार खाद डालने की आवश्यकता नहीं होती। महीने में एक बार ही पर्याप्त है। कविता जोशी अपने पौधे में पत्तियों से बनी खाद या गोबर की खाद डालती हैं। खाद डालने से पहले मिट्टी को हल्का हल्दी गुड़ाई देना लाभकारी होता है।

 

पानी देने का सही तरीका

सर्दी के मौसम में ओवरवाटरिंग सबसे बड़ी समस्या है। पानी डालने से पहले मिट्टी की जाँच करें, अगर मिट्टी के ऊपर 2 इंच तक सूखापन है तभी पानी दें। जरूरत से ज्यादा पानी देने से पौधे की जड़ों में फंगस लगने का खतरा बढ़ता है और पौधा सूख सकता है।

 

राख और हल्दी का इस्तेमाल

गोबर या पत्तियों की खाद डालने के बाद मिट्टी में लकड़ी या उपले की राख डालें और पत्तियों पर भी हल्का छिड़काव करें। राख में कैल्शियम भरपूर होता है, जो कीटनाशक का काम करता है। साथ ही, हल्दी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है, जो जरूरत से ज्यादा पानी डालने पर फंगस से पौधे की रक्षा करती है।

 

मंजरी हटा कर रखें पौधा स्वस्थ

यदि तुलसी में सूखी भूरी मंजरी हो चुकी है तो तुरंत उन्हें हटा दें। हरी मंजरी को हटाने की जरूरत नहीं है। इस प्रक्रिया से पौधा फंगस और कीड़ों से बचा रहता है।

 

निष्कर्ष

इन सरल टिप्स का पालन करने से आपका तुलसी का पौधा पाले और ओवरवाटरिंग की वजह से खराब नहीं होगा।

 

Leave a Reply