
केदारनाथ धाम से बर्फबारी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर समिति ने कड़ा रुख अपनाया है। बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन को पत्र लिखकर वायरल वीडियो के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मंदिर समिति का पक्ष
हेमंत द्विवेदी का कहना है कि शीतकाल में जब धामों के कपाट बंद होते हैं, तब नारायण पूजा का प्रावधान रहता है। ऐसे समय में बर्फबारी या किसी अन्य दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करना धार्मिक मान्यताओं के विपरीत है।
तीर्थ पुरोहितों की आपत्ति
वायरल वीडियो को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने भी आपत्ति जताई है। वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित और केदार सभा के पदाधिकारी संतोष त्रिवेदी ने जिला प्रशासन को पत्र भेजा है और वायरल वीडियो को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की है।
पहली बार सख्ती
गौरतलब है कि शीतकाल के दौरान बद्रीनाथ-केदारनाथ के कपाट बंद होने के बाद बर्फबारी के वीडियो पहले भी सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे हैं। लेकिन इस बार पहली बार मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि शीतकाल के दौरान धामों की वीडियो वायरल करना धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है।
केदारनाथ धाम में जनवरी की शुरुआत से ही बर्फबारी हो रही है। बाबा भोलेनाथ की नगरी पूरी तरह बर्फ की चादर से ढकी हुई है और यही दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे तीर्थ पुरोहितों और मंदिर समिति में चिंता बढ़ गई।
मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक नियमों का पालन करना सभी के लिए आवश्यक है और वायरल वीडियो के मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।