
मुंबई।
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और सांसद मनोज तिवारी ने हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय सिनेमा अकादमी (INCA) के शुभारंभ समारोह में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को लेकर एक अहम और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनके करियर की एक शुरुआती भोजपुरी फिल्म महज 30 लाख रुपये के बजट में बनी थी, लेकिन उसने बॉक्स ऑफिस पर 54 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई की। इसके बावजूद उस फिल्म के निर्देशक और लेखक को आज तक कोई बड़ा पुरस्कार नहीं मिला।
मनोज तिवारी ने मंच से कहा,
“मेरी एक भोजपुरी फिल्म 30 लाख रुपये में बनी थी और उसने 54 करोड़ रुपये का कारोबार किया, लेकिन न तो निर्देशक को और न ही लेखक को कोई अवॉर्ड मिला। ऐसे मंचों की जरूरत है, जहां क्षेत्रीय सिनेमा के योगदान को सही पहचान और सम्मान मिल सके।”
‘ससुरा बड़ा पैसावाला’ की हो रही है चर्चा
मनोज तिवारी के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि वह 2003 में रिलीज हुई भोजपुरी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘ससुरा बड़ा पैसावाला’ की ही बात कर रहे थे। इस फिल्म ने न सिर्फ भोजपुरी सिनेमा को नई पहचान दी, बल्कि कम बजट में रिकॉर्डतोड़ कमाई कर इंडस्ट्री का इतिहास भी बदल दिया।
फिल्म में मनोज तिवारी के साथ रानी चटर्जी मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। दर्शकों से मिले जबरदस्त प्यार के चलते यह फिल्म लंबे समय तक सिनेमाघरों में चली और भोजपुरी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में शुमार हो गई।
बजट से 14,900% ज्यादा कमाई
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो ‘ससुरा बड़ा पैसावाला’ ने अपने बजट से लगभग 14,900 प्रतिशत अधिक कमाई की, जो भारतीय सिनेमा में बेहद दुर्लभ उदाहरण माना जाता है। इसके बावजूद फिल्म से जुड़े रचनात्मक लोगों को वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसके वे हकदार थे।
भोजपुरी सिनेमा के सम्मान की जरूरत
मनोज तिवारी ने INCA को भोजपुरी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के लिए एक बड़ा और जरूरी कदम बताया। उनका कहना है कि ऐसे मंचों से न सिर्फ कलाकारों और तकनीशियनों को पहचान मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती भी मिलेगी।
मनोज तिवारी का फिल्मी सफर
मनोज तिवारी ने 2003 से 2016 के बीच भोजपुरी सिनेमा में कई सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। ‘धरती कहे पुकार के’, ‘बंधन टूटे ना’, ‘दामाद जी’, ‘भोले शंकर’, ‘राजा ठाकुर’, ‘इंटरनेशनल दरोगा’ और ‘गंगा जमुना सरस्वती’ जैसी फिल्में उनके सफल करियर का हिस्सा रहीं।
बॉलीवुड में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर-2’, ‘देश द्रोही’ और शाहरुख खान की फिल्म ‘फैन’ में उनके अभिनय को सराहा गया।
कम बजट में बनी ‘ससुरा बड़ा पैसावाला’ आज भी इस बात की मिसाल है कि सशक्त कहानी और दर्शकों का प्यार किसी भी फिल्म को इतिहास रचने वाला बना सकता है—भले ही उसे पुरस्कारों का मंच न मिला हो।