Saturday, January 10

ईरान में प्रदर्शन उग्र, खामेनेई के खिलाफ विद्रोह, सरकारी टीवी की इमारत में आग, इंटरनेट शटडाउन

 

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ईरान में प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर सड़कों पर आकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है। हाल के दिनों में देश में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला तेज हो गया है, और गुरुवार रात को इन प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और उन्हें सत्ता से हटाने की मांग कर रहे थे।

 

प्रदर्शनकारी क्या मांग रहे हैं?

 

देशभर के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई को सत्ता से बाहर करने की मांग की। इन प्रदर्शनों का मुख्य कारण महंगाई और आर्थिक संकट था, जो पहले बुरी तरह से प्रभावित कर चुका था। धीरे-धीरे यह विरोध एक बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदल गया और अब लोग ईरान में राजशाही की वापसी की मांग कर रहे हैं।

 

सरकारी संपत्तियों पर हमला और हिंसा

 

प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ईरान के इस्फहान शहर में सरकारी टीवी चैनल IRIB की एक इमारत को आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा, बंदर अब्बास जैसे रणनीतिक शहरों में भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुट गए। यह हिंसा और आगजनी की घटनाएँ पूरे देश में फैल गई हैं।

 

इंटरनेट शटडाउन और सुरक्षा बलों का दमन

 

जैसे-जैसे प्रदर्शन बढ़े, ईरान सरकार ने इंटरनेट शटडाउन लागू कर दिया और इंटरनेशनल टेलीफोन कॉल्स भी बंद कर दीं। यह कदम सरकार की ओर से भारी सुरक्षा तैनाती के बावजूद प्रदर्शनों को रोकने के प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।

 

प्रदर्शनों की शुरुआत और उनका रूप बदलना

 

यह विरोध प्रदर्शन 28 दिसम्बर 2025 को शुरू हुआ था, जब महंगाई और गिरती मुद्रा के चलते लोग सड़कों पर उतरे थे। शुरुआत में यह प्रदर्शन आर्थिक समस्याओं के खिलाफ थे, लेकिन जल्द ही उन्होंने राजनीतिक स्वरूप ले लिया और खामेनेई के शासन के खिलाफ बगावत का रूप अख्तियार कर लिया।

 

मानवाधिकार उल्लंघन और हिंसा

 

मानवाधिकार समूहों ने ईरानी सुरक्षा बलों पर हिंसा करने के आरोप लगाए हैं। नार्वे स्थित एक NGO के अनुसार, गुरुवार रात को भड़के प्रदर्शनों में 45 लोग मारे गए, जिनमें 8 नाबालिग भी शामिल हैं। इसके साथ ही, 2000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकार समूहों का कहना है कि ये आंकड़े असल में और भी ज्यादा हो सकते हैं, क्योंकि सरकार ने खबरों पर रोक लगा दी है और इंटरनेट शटडाउन की वजह से संपर्क सीमित हो गया है।

 

अमेरिका का चेतावनी

 

इस हिंसा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर ईरानी अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर हमला करते हैं तो अमेरिका इस पर प्रतिक्रिया देगा और बड़ा हमला कर सकता है।

 

ईरान में बढ़ती हुई हिंसा और राजनीतिक असंतोष से साफ है कि सरकार के खिलाफ असंतोष गहरा हो चुका है और यह आंदोलन एक नए मोड़ पर पहुंच चुका है।

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