
महाराष्ट्र की राजनीति में अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव ने सबको चौंका दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और एनसीपी के अजित पवार गुट के साथ मिलकर ऐसा गठबंधन बनाया, जिसने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ में ही उन्हें मात दे दी। इस गठबंधन के बाद अंबरनाथ नगर परिषद में बहुमत हासिल किया गया और तेजश्री करंजुले पाटिल अध्यक्ष बनीं।
चुनावी आंकड़े और बहुमत
अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 59 सीटें हैं। चुनाव में परिणाम इस प्रकार रहे:
शिवसेना (शिंदे गुट): 23 सीटें
भाजपा: 16 सीटें
कांग्रेस: 12 सीटें
एनसीपी (अजित पवार गुट): 4 सीटें
भाजपा (16), कांग्रेस (12) और एनसीपी (4) मिलकर कुल 32 सीटें लेकर बहुमत हासिल कर लिया, जिससे शिंदे गुट की शिवसेना विपक्ष में चली गई।
मनीषा वलेकर को हराया
नगर परिषद अध्यक्ष पद की प्रतिष्ठा की लड़ाई भाजपा राज्य अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण और शिंदे गुट के सांसद श्रीकांत शिंदे के बीच चल रही थी। कड़े मुकाबले में भाजपा की तेजश्री करंजुले ने शिंदे गुट की मनीषा वलेकर को हराकर अध्यक्ष पद हासिल किया। भाजपा के उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा कि उन्होंने शिंदे गुट के साथ महायुति को लेकर कई बार बातचीत की, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला।
एकनाथ शिंदे पड़े अलग-थलग
इतिहास में अंबरनाथ शिवसेना और भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है, लेकिन इस बार भाजपा ने कांग्रेस के साथ मिलकर शिंदे गुट को स्थानीय स्तर पर अलग-थलग कर दिया। यह गठबंधन बड़े राज्य चुनावों से पहले पार्टियों की रणनीतिक चाल को दर्शाता है।
तेजश्री करंजुले पाटिल का प्रोफाइल
तेजश्री करंजुले पाटिल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट और फाइनेंस प्रोफेशनल हैं। वह वांगानी गांव की रहने वाली हैं और राणे विरासत से आती हैं। उनके पति का नाम विश्वजीत गुलाबराव करंजुले पाटिल है।
तेजश्री GBK कंपनी की फाइनेंशियल हेड भी हैं। यह कंपनी अंबरनाथ, बदलापुर, उल्हासनगर, कल्याण, शिरडी, नासिक के साथ दुबई और थाईलैंड में 5000 से अधिक परिवारों के लिए आवासीय परियोजनाओं का संचालन करती है।
परिवार और जनहित
तेजश्री के ससुर गुलाबराव बाबूराव करंजुले पाटिल ने अंबरनाथ में छत्रपति शिवाजी महाराज बाजार की स्थापना की थी। उन्होंने कई दशकों में हजारों लोगों को रोजगार और घर उपलब्ध कराए, जिससे यह परिवार स्थानीय जनहित में भी सक्रिय रहा।