
शिवपुरी। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र में एक संवेदनशील घटना ने प्रशासन की सुस्ती उजागर कर दी। शिवपुरी के मुक्तिधाम में हल्कू राम सोनी का अंतिम संस्कार इसी सप्ताह किया गया, लेकिन वहां बिजली न होने के कारण परिजन और उपस्थित लोग अपने मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में प्रियजन को अंतिम विदाई देने को मजबूर हुए।
तारकेश्वरी कॉलोनी निवासी हल्कू राम सोनी के निधन के बाद उनके परिजन शव को मुक्तिधाम ले गए। परिसर में न तो स्ट्रीट लाइटें जल रही थीं और न ही कोई वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था। परिवार और अन्य उपस्थित लोगों ने मोबाइल टॉर्च का सहारा लेकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान परिजनों ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका और बिजली कंपनी को कई बार संपर्क किया, लेकिन मौके पर कोई मदद नहीं पहुंची।
स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि शहर के कॉलोनियों और फार्म हाउस तो नगर पालिका की लाइटों से जगमगाते रहते हैं, लेकिन मुक्तिधाम जैसी संवेदनशील जगह लगातार अनदेखी की जा रही है। मृतक के बेटे शालिग्राम सोनी ने कहा, “हम पिताजी का अंतिम संस्कार करने पहुंचे तो चारों ओर अंधेरा था। सभी ने मोबाइल टॉर्च जला कर संस्कार किया। नपा और बिजली कंपनी से कोई मदद नहीं मिली।”
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नगर पालिका प्रशासन सक्रिय हुआ। नगर पालिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीएमओ) इशांक धाकड़ ने बताया कि मुक्तिधाम में बिजली व्यवस्था न होने की जानकारी मिली है और जल्द ही वहां पर्याप्त लाइट की व्यवस्था कराई जाएगी।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए पीड़ादायक रही, बल्कि शिवपुरी में विकास के दावों और संवेदनशील क्षेत्रों के प्रति नगर पालिका की उदासीनता पर भी सवाल खड़े करती है।