
भोपाल। महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर क्रांति गौड़ के घर में 13 साल बाद खुशियों की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके पिता मुन्ना सिंह की निलंबित नौकरी को पुनः बहाल करवाकर अपने वादे को पूरा किया।
क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह, जो मध्यप्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे, वर्ष 2012 में चुनावी ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के कारण निलंबित कर दिए गए थे। इसके बाद से 13 वर्षों तक उनका मामला लंबित रहा। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल और संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण उन्हें सेवा में पुनः बहाल कर दिया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महिला वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में क्रांति गौड़ से वादा किया था कि उनके पिता की नौकरी बहाल की जाएगी। सोमवार को पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मुन्ना सिंह को फिर से सेवा में शामिल किया।
इस निर्णय से न केवल गौड़ परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहारा मिला है, बल्कि क्रांति गौड़ का वह सपना भी साकार हुआ, जिसमें वह अपने पिता को सम्मानपूर्वक पुलिस वर्दी में सेवा करते और सेवानिवृत्त होते देखना चाहती थीं। क्रांति गौड़ मूल रूप से छतरपुर की रहने वाली हैं और वर्तमान में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की यह पहल न केवल खेल प्रतिभाओं के प्रति सम्मान को दर्शाती है, बल्कि सरकार की न्यायप्रियता और संवेदनशील दृष्टिकोण का भी उदाहरण है।