
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती कराने के झूठे दावे के मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में शिक्षा निदेशालय ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी को पूरी तरह झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया।
FIR और जांच:
आईएफएसओ (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस) सूत्रों के अनुसार, शिक्षा निदेशालय की शिकायत के बाद शुक्रवार को इस प्रकरण में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी जुटाने के साथ-साथ अपलोड किए गए कंटेंट को तुरंत हटाने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजा।
सोशल मीडिया पर तुरंत कार्रवाई:
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अर्जेंट मेल भेजकर अपलोड किए गए झूठे और भ्रामक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही पुलिस ने उन सभी अकाउंट्स की डिटेल्स मांगी, जहां से यह सामग्री अपलोड की गई थी। प्लेटफॉर्म्स की ओर से जवाब मिलने के बाद उन्हें नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा।
शिक्षा निदेशालय ने किया स्पष्टीकरण:
शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया कि निदेशालय की ओर से किसी भी सरकारी स्कूल में आवारा कुत्तों की गिनती कराने का कोई आदेश, सर्कुलर या नीति निर्णय कभी जारी नहीं किया गया। सोशल मीडिया पर चल रही बातें पूरी तरह मनगढ़ंत हैं।
सख्त संदेश:
सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस ने औपचारिक शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कदम ऑनलाइन अफवाहों और भ्रामक जानकारी को रोकने की दिशा में अहम माना जा रहा है।