Saturday, May 30

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गिग वर्कर्स का शोषण नहीं, हड़ताल के पीछे शरारती तत्व: दीपिंदर गोयल

 

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फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Eternal) के सीईओ दीपिंदर गोयल ने वर्षांत पर हुई गिग वर्कर्स की हड़ताल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि कंपनी के डिलीवरी पार्टनर्स का किसी भी तरह से शोषण नहीं हो रहा है और 31 दिसंबर को हुई हड़ताल में ज़्यादातर गिग वर्कर्स शामिल ही नहीं होना चाहते थे। गोयल के अनुसार, कुल डिलीवरी पार्टनर्स में से महज 0.1 प्रतिशत शरारती तत्वों ने हड़ताल का आह्वान किया था।

 

दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक के बाद एक कई पोस्ट करते हुए हड़ताल के पीछे की सच्चाई बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोग, जिन्हें पहले गलत आचरण और धोखाधड़ी के चलते प्लेटफॉर्म से हटाया जा चुका था, उन्होंने जानबूझकर काम में बाधा डालने की कोशिश की। गोयल के मुताबिक, ये लोग काम करना चाहने वाले डिलीवरी पार्टनर्स से जबरदस्ती पार्सल छीन रहे थे, उन्हें पीटने और उनकी बाइकें तोड़ने तक की धमकी दे रहे थे। हालात इतने बिगड़ गए कि कई जगहों पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

 

गोयल ने यह भी दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कुछ राजनीतिक तत्व भी हो सकते हैं, जिनका मकसद केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरना था। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने डिलीवरी पार्टनर्स के साथ लगातार संवाद में है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है।

 

10 मिनट में डिलीवरी पर उठे सवालों का जवाब

 

10 मिनट में डिलीवरी को लेकर उठ रहे सवालों पर गोयल ने स्पष्ट किया कि इसमें कोई धोखाधड़ी नहीं है। उन्होंने बताया कि ऑर्डर उठाने और पैक करने में औसतन ढाई मिनट लगते हैं, जबकि बाकी समय में डिलीवरी पार्टनर लगभग दो किलोमीटर की दूरी तय करता है। उन्होंने कहा कि लाखों राइडर्स स्वेच्छा से इस प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे हैं, क्योंकि यहां उन्हें अच्छी कमाई का अवसर मिलता है, कई बार पारंपरिक नौ से पांच की नौकरी से भी अधिक।

 

हड़ताल का असर नहीं, रिकॉर्ड ऑर्डर डिलीवरी

 

गिग वर्कर्स यूनियनों ने दावा किया था कि 31 दिसंबर को देशभर में दो लाख से अधिक डिलीवरी राइडर्स हड़ताल पर रहे। हालांकि, इसका असर फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर नजर नहीं आया। कंपनी के अनुसार, जोमैटो और ब्लिंकिट ने मिलकर नए साल की पूर्व संध्या पर अब तक के सबसे अधिक 75 लाख से ज्यादा ऑर्डर डिलीवर किए। स्विगी, इंस्टामार्ट और ज़ेप्टो जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी ऑर्डर्स में भारी उछाल दर्ज किया गया।

 

यूनियनों की मांगें और कंपनी का रुख

 

गिग वर्कर्स यूनियनों ने बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्य परिस्थितियां और सामाजिक सुरक्षा लाभों की मांग को लेकर हड़ताल का आह्वान किया था। साथ ही, 10 मिनट की डिलीवरी व्यवस्था को बंद करने की मांग भी की गई थी। इस पर गोयल ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई बढ़ाना है, न कि उन्हें नुकसान पहुंचाना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए और बेहतर कदम उठाए जाएंगे।

 

 

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