Thursday, January 1

Swiggy–Zomato के लिए राजस्थान मॉडल लागू हो, गिग वर्कर्स की हड़ताल शौक नहीं मजबूरी: अशोक गहलोत

 

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जयपुर। 10 मिनट डिलीवरी नीति, कम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा के अभाव के विरोध में स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, जेप्टो और अमेज़न से जुड़े गिग वर्कर्स की हड़ताल को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि गिग वर्कर्स का हड़ताल पर जाना कोई शौक नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूरी है और देशभर में राजस्थान मॉडल लागू किया जाना चाहिए।

 

नववर्ष के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया में गहलोत ने कहा कि जब पूरा देश जश्न की तैयारी में व्यस्त है, तब गिग वर्कर्स अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं। ये वे श्रमिक हैं जो रोज़ कमाकर घर चलाते हैं, इसके बावजूद संभावित कमाई वाले दिन हड़ताल करना उनकी विवशता को दर्शाता है।

 

‘राजस्थान ने दिखाया रास्ता’

 

अशोक गहलोत ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी से गिग वर्कर्स ने अपनी पीड़ा साझा की थी। उसी के परिणामस्वरूप राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने देश का पहला ‘राजस्थान प्लेटफॉर्म आधारित गिग कर्मकार (रजिस्ट्रीकरण एवं कल्याण) अधिनियम, 2023’ पारित किया, ताकि ऐप-आधारित प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

 

उन्होंने अफसोस जताया कि वर्तमान राज्य सरकार की उदासीनता के कारण इस ऐतिहासिक कानून का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया, जिससे गिग वर्कर्स को आज सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। गहलोत ने राज्य सरकार से अविलंब नियम बनाकर कानून को उसकी मूल भावना के अनुरूप लागू करने की मांग की।

 

देशभर में लागू हो राजस्थान मॉडल

 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की तर्ज पर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भी गिग वर्कर्स के लिए कानून बनाया है। अब भारत सरकार को भी राजस्थान मॉडल अपनाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाना चाहिए, ताकि निजी कंपनियों द्वारा होने वाले शोषण से गिग वर्कर्स को बचाया जा सके।

 

क्या है राजस्थान का गिग वर्कर्स कानून

 

राजस्थान देश का पहला राज्य है, जहां गिग वर्कर्स के लिए अलग कानून बनाया गया। गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट, 2023 के तहत स्विगी, जोमैटो, ओला, उबर जैसी ऐप-आधारित कंपनियों में काम करने वाले फ्रीलांस कर्मियों के लिए—

 

गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन

कल्याण कोष की स्थापना

पंजीकरण और नियमन की व्यवस्था

सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी लाभ

 

इसके साथ ही राजस्थान मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर रूल्स, 2025 के तहत—

 

कैब यात्रियों और ड्राइवरों के लिए ₹5 लाख का अनिवार्य दुर्घटना बीमा

ड्राइवरों को न्यूनतम 80% किराया भुगतान सुनिश्चित

उपभोक्ता और ड्राइवर हितों की सुरक्षा के अन्य प्रावधान शामिल हैं।

 

मनरेगा पर भी केंद्र पर हमला

 

मनरेगा को लेकर भी अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मनरेगा का नाम बदलने और फंडिंग पैटर्न में 60:40 का बदलाव करने को ‘गरीब विरोधी षड्यंत्र’ करार दिया। गहलोत के अनुसार, इससे राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा और वे इस जनकल्याणकारी योजना से पीछे हटने को मजबूर हो सकते हैं।

 

 

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