Monday, June 22

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प्रियंका गांधी को कांग्रेस कमान मिलने की अटकलों से बिहार में सियासी हलचल

 

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पटना: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पार्टी में नई और अहम जिम्मेदारी देने की अटकलों ने बिहार की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। संकेत हैं कि वर्ष 2026 में उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण पद सौंपा जा सकता है।

 

प्रियंका गांधी को मिल सकती है नई भूमिका

फिलहाल बिना किसी विशेष पोर्टफोलियो के महासचिव की जिम्मेदारी निभा रही प्रियंका गांधी को अब किसी राज्य तक सीमित रखने के बजाय ‘कैंपेन कमेटी प्रमुख’ या ‘इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी’ जैसे प्रभावशाली पद देने की चर्चाएँ चल रही हैं। उनके पति रॉबर्ट वाड्रा और यूपी से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयानों ने इस चर्चा को और हवा दी है। मसूद ने प्रियंका को पीएम पद का संभावित दावेदार बताया, जबकि वाड्रा ने कहा कि जनता उनकी बड़ी भूमिका में सक्रियता चाहती है। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस अध्यक्ष पद की ओर संकेत मान रहे हैं।

 

राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए उपेंद्र कुशवाहा ने

राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने रॉबर्ट वाड्रा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “प्रियंका को आगे लाने की बातें दिखाती हैं कि कांग्रेस को खुद राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा।” कुशवाहा ने यह भी तंज कसा कि चाहे प्रियंका हों या राहुल, कांग्रेस का कोई भी नेता अभी वर्षों तक प्रधानमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंच पाएगा।

 

विदेश में राहुल गांधी के बयान पर कुशवाहा का ऐतराज

कुशवाहा ने राहुल गांधी द्वारा बर्लिन में भारतीय संस्थानों की आलोचना पर भी कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “देश की बातें विदेश में जाकर नहीं, बल्कि देश में ही होनी चाहिए। विदेश में आलोचना करना आपत्तिजनक है। जनता ने पहले भी इसका जवाब दिया है और आगे भी इसे भुगतना पड़ेगा।”

 

राजनीतिक गलियारों में हलचल

प्रियंका गांधी को लेकर इस नई जिम्मेदारी की चर्चा ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष इसे राहुल गांधी की ‘विफलता’ के रूप में पेश कर रहा है, जबकि कांग्रेस के भीतर उनके लिए बड़ी भूमिका देने की मांग लगातार बढ़ रही है।

 

 

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