
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के छोटे से गांव शेणदुरसनी में पिछले तीन महीनों में जन्मों का ऐसा रिकॉर्ड सामने आया कि अधिकारी और आम जनता दोनों ही हैरान रह गए। इस गांव की कुल आबादी केवल 1,500 है, लेकिन सितंबर से नवंबर 2025 के बीच 27,397 जन्म रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए।
बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि इन बर्थ सर्टिफिकेटों में दर्ज अधिकांश नाम पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लोगों के हैं। उनका कहना है कि यह साइबर धोखाधड़ी का मामला है और सरकार को इसकी गंभीर जांच करनी चाहिए।
जांच में खुलासा:
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने इस मामले की शिकायत यवतमाल पुलिस में दर्ज कराई। शुरुआती जांच में पता चला कि ग्राम पंचायत के कंप्यूटर ऑपरेटर के लॉगिन डिटेल्स का गलत इस्तेमाल किया गया। जन्म पंजीकरणों में दर्ज 99.99% नाम गांव की वास्तविक आबादी से मेल नहीं खाते।
डीएचओ ने तुरंत जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से जानकारी मांगी और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया। तकनीकी जांच में यह भी पुष्टि हुई कि शेणदुरसनी की CRS (MH18241RE) आईडी मुंबई से जुड़ी हुई थी, जिससे स्पष्ट होता है कि यह मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा है।
पुलिस की कार्रवाई:
पुलिस निरीक्षक नंदकिशोर काले ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस धोखाधड़ी में शामिल गिरोह का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने में जुटी है।
इस मामले ने न केवल यवतमाल बल्कि पूरे महाराष्ट्र में जन्म पंजीकरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।