Friday, June 12

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अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए बड़ी टेंशन! OPT खत्म करने की उठी मांग, जानें क्या होंगे बड़े नुकसान

अमेरिका में पढ़ने जा रहे लाखों विदेशी छात्रों के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है। एरिजोना के सांसद पॉल गोसर ने अमेरिकी सरकार से ‘ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT)’ प्रोग्राम को तुरंत खत्म करने की मांग की है। उनका दावा है कि यह प्रोग्राम न तो कांग्रेस से कभी मंजूर हुआ और न ही यह अमेरिकी वर्कर्स के हित में है।

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क्या है OPT प्रोग्राम?

OPT प्रोग्राम के तहत विदेशी छात्र अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद 12 महीने तक अमेरिकी कंपनियों में काम कर सकते हैं।
STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) छात्रों को अतिरिक्त 24 महीने का समय भी मिलता है।
यानी कुल 3 साल तक अमेरिका में नौकरी करने का मौका मिलता है।

इसी OPT अनुभव के आधार पर छात्रों के लिए H-1B वीजा पाना आसान होता है।

सांसद गोसर ने क्या कहा?

सांसद पॉल गोसर ने होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी को लिखी चिट्ठी में कहा—

  • OPT को कभी कांग्रेस की मंजूरी नहीं मिली।
  • यह ‘खतरनाक’ और ‘दुरुपयोग’ होने वाला प्रोग्राम है।
  • अमेरिकी टैक्सपेयर्स की जेब पर बोझ है।
  • कंपनियां अमेरिकी छात्रों के बजाय कम सैलरी में विदेशी छात्रों को रख लेती हैं।
  • OPT के कारण H-1B वीजा की तय लिमिट को भी दरकिनार किया जा रहा है।

उन्होंने मांग की कि राष्ट्रपति इसे कार्यकारी आदेश के जरिए तुरंत खत्म करें।

अगर OPT खत्म हुआ तो क्या होगा? विदेशी छात्रों के 5 बड़े नुकसान

1. विदेश में पढ़ाई का ROI खत्म

भारतीय छात्र लाखों रुपये खर्च इसलिए करते हैं क्योंकि OPT पर जॉब की उम्मीद रहती है।
OPT खत्म होता है तो पढ़ाई के बाद नौकरी का रास्ता बंद हो जाएगा।
H-1B वीजा पाना लगभग असंभव जैसा हो जाएगा।

2. एंट्री-लेवल जॉब्स मिलना मुश्किल

आज अधिकांश एंट्री-लेवल नौकरियां विदेशी छात्रों को OPT के जरिए मिलती हैं।
H-1B की फीस पहले ही एक लाख डॉलर तक पहुंच चुकी है—
कोई भी कंपनी इतनी महंगी लागत पर फ्रेशर को भर्ती नहीं करेगी।

3. अमेरिकी वर्क एक्सपीरियंस नहीं मिलेगा

अब तक छात्र OPT के दौरान अनुभव लेकर यूरोप या अन्य देशों में आसानी से जॉब पा लेते हैं।
OPT खत्म होगा तो बिना अनुभव के अच्छी नौकरी मिलना बेहद कठिन हो जाएगा।

4. अमेरिका में विदेशी छात्रों की संख्या घटेगी

अगर OPT खत्म होता है तो

  • लाखों छात्र अमेरिका आने से बचेंगे
  • भारतीय छात्र UK, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप की ओर रुख करेंगे
    इससे अमेरिकी यूनिवर्सिटीज की आय पर बड़ा असर पड़ेगा।

5. छात्रों पर बढ़ेगा मानसिक दबाव

अमेरिका में पढ़ाई का पूरा प्लान OPT पर ही आधारित होता है।
अगर यह बंद हो गया, तो

  • पढ़ाई खत्म होते ही सिर्फ 60 दिनों में नौकरी ढूंढनी होगी
  • हजारों छात्र मानसिक तनाव का सामना करेंगे
  • अभी पढ़ रहे छात्रों का भविष्य भी अधर में लटक जाएगा

OPT पर कितने छात्र काम कर रहे हैं?

ओपन डोर्स रिपोर्ट के मुताबिक—

  • 2024-25 में अमेरिका में 11 लाख से ज्यादा विदेशी छात्र पढ़ रहे थे।
  • OPT पर काम करने वालों की संख्या एक साल में 21% बढ़ी।
  • भारतीय छात्रों की संख्या 47% बढ़ी।
  • वर्तमान में करीब 3 लाख छात्र OPT पर जॉब कर रहे हैं—
    जिनमें लगभग आधा हिस्सा भारतीय छात्रों का है।

निष्कर्ष

OPT खत्म होने की मांग ने अमेरिका में पढ़ाई करने का सपना देख रहे लाखों भारतीय छात्रों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।
अगर यह कदम लागू हो गया, तो इसका असर सिर्फ छात्रों पर नहीं बल्कि अमेरिकी यूनिवर्सिटीज, कंपनियों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।

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