

जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़े सभी विषयों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने घोषणा की कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, जहां परीक्षा, पेपर लीक और संबंधित मामलों का अधिकतम तीन माह में निराकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के निर्णयों को लागू करने में मध्यप्रदेश हमेशा अग्रणी रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने हेतु स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (SOP) तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है तथा पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।


