गाजियाबाद की त्रासदी के बाद बहस: कोरियन कंटेंट या पैरेंटिंग—कहां हुई चूक?
नई दिल्ली/गाजियाबाद: गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की नौवीं मंजिल से गिरकर मौत की घटना ने पूरे दिल्ली-एनसीआर को झकझोर दिया है। हादसे के बाद हाउसिंग सोसायटियों में बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल, डिजिटल कंटेंट और पैरेंटिंग को लेकर तेज बहस छिड़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी स्थिति तक बात पहुंची कैसे।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक तीनों बच्चियां बेहद शांत रहती थीं और सोसायटी के अन्य बच्चों के साथ कम ही घुलती-मिलती थीं। सातवीं मंजिल पर रहने वाले एक पड़ोसी ने बताया कि करीब 15 दिन पहले उनके फ्लैट से कागज के छोटे-छोटे टुकड़े नीचे गिरते देखे गए थे। जब इस बारे में पूछने पर घर से एक महिला बाहर आईं और इसे बच्चों की शरारत बताकर टाल दिया गया। पड़ोसी का कहना है कि उस समय घर का माहौल सामान्य नहीं लगा था।
अलग-थलग रहती थीं बच्चियां
अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि बच्चियां स...










