अरावली विवाद के बीच पुलिस–बजरी माफिया गठजोड़ उजागर, 5 थानेदार निलंबित, 6 लाइन हाजिर
जयपुर।
अरावली पहाड़ियों के संरक्षण और ‘100 मीटर नियम’ को लेकर चल रही बहस के बीच राजस्थान में अवैध बजरी खनन और परिवहन को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। डिकॉय ऑपरेशन के जरिए यह तथ्य उजागर हुआ है कि कई स्थानों पर पुलिस की मिलीभगत से बजरी माफिया बेखौफ अवैध कारोबार चला रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए 5 थानेदारों को निलंबित और 6 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि 15 अन्य पुलिसकर्मी जांच के घेरे में हैं।
आठ जिलों तक फैला पुलिस–माफिया नेटवर्क
यह भ्रष्टाचार केवल एक-दो जिलों तक सीमित नहीं, बल्कि जयपुर, टोंक, अजमेर, धौलपुर, भीलवाड़ा, कोटा, दौसा, चित्तौड़गढ़ और जोधपुर कमिश्नरेट तक फैला हुआ पाया गया है।
निलंबित किए गए थानेदारों में शिवदासपुर (जयपुर), पीपलू व बरौनी (टोंक), पीसांगन (अजमेर) और धौलपुर कोतवाली के थाना...










