राजस्थान: ड्रोन सर्वे अवैध, हाईकोर्ट ने रद्द किए करोड़ों रुपये के रिकवरी नोटिस
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए भीलवाड़ा के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि चाहे सर्वे ड्रोन से किया जाए या जमीन पर, लीजधारक को पहले नोटिस देना और उसे प्रक्रिया में शामिल करना अनिवार्य है।
हाईकोर्ट ने तुलसी दास भरवानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए विभाग द्वारा जारी करोड़ों रुपये के रिकवरी नोटिस को रद्द कर दिया। मामला 27 नवंबर 2025 का है, जब विभाग ने बिना पूर्व सूचना के ड्रोन सर्वे कर माइनिंग एरिया का निरीक्षण किया और बाद में अवैध खनन का आरोप लगाते हुए भारी-भरकम नोटिस जारी किया।
कोर्ट ने कहा, "बिना नोटिस के किया गया सर्वे और उस पर आधारित कोई भी दंड कानूनी रूप से मान्य नहीं है।" सरकार के वकील भी यह नहीं बता पाए कि नोटिस क्यों नहीं दिया गया।
हालांकि कोर्ट ने विभाग को ‘...










