RTI के 20 साल बाद भी रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट ने MCD को लगाई फटकार
नई दिल्ली: सूचना का अधिकार (RTI) कानून लागू होने के दो दशक बाद भी दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा अपने विधायी रिकॉर्ड और सदन की कार्यवाही सार्वजनिक न किए जाने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई है। अदालत ने निगम को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि वह इस संबंध में विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करे और बताए कि RTI एक्ट की धारा 4 के पालन के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे एनजीओ ‘सेंटर फॉर यूथ, कल्चर, लॉ एंड एनवायरनमेंट’ ने दायर किया है। याचिका में मांग की गई है कि एमसीडी अपने विधायी रिकॉर्ड, सदन की कार्यवाही, स्थायी समितियों के प्रस्ताव और अन्य सार्वजनिक दस्तावेज समयबद्ध तरीके से वेबसाइट पर अपलोड करे।
कोर्ट: धारा 4 का पालन अनिवार्य
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि RTI एक्ट की ध...









