Wednesday, July 22

Politics

25 से 30 नीतीश, तो फिर आगे कौन? बिहार की सियासत में ‘विरासत’ की नई चुनौती—NDA से महागठबंधन तक उलझे समीकरण
Bihar, Politics, State

25 से 30 नीतीश, तो फिर आगे कौन? बिहार की सियासत में ‘विरासत’ की नई चुनौती—NDA से महागठबंधन तक उलझे समीकरण

नई दिल्ली:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA ने रिकॉर्ड बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया। बीजेपी–जेडीयू गठबंधन की इस बंपर जीत ने जहां सत्ता की वापसी सुनिश्चित की, वहीं भीतर ही भीतर नए सवाल भी जन्म दे दिए हैं। खास तौर पर—नीतीश कुमार के बाद बिहार की राजनीति किस दिशा में जाएगी? इसी तरह महागठबंधन की हार ने विपक्षी खेमे में भी नई चुनौती खड़ी कर दी है—विपक्षी स्पेस का असली वारिस कौन? नीतीश कुमार का अगला कार्यकाल और विरासत का सवाल नीतीश कुमार 75 वर्ष के हो चुके हैं। राजनीतिक हलकों में यह सामान्य धारणा बन चुकी है कि यह उनका आखिरी चुनाव हो सकता है। NDA की जीत का बड़ा श्रेय उन्हें मिला जरूर है, लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि जेडीयू में उनके बाद नेतृत्व का स्पष्ट विकल्प दिखाई नहीं देता। चुनाव से पहले उनके बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने की चर्चाएं जरूर उठीं, पर वे अभी भी सक्रिय राजनीति ...
असम में मतदाता सूची का ‘स्पेशल रिविजन’, NRC की पृष्ठभूमि में बड़ा फैसला SIR नहीं, चुनाव आयोग करेगा विशेष पुनरीक्षण—जानिए दोनों में क्या अंतर
Assam, Politics, State

असम में मतदाता सूची का ‘स्पेशल रिविजन’, NRC की पृष्ठभूमि में बड़ा फैसला SIR नहीं, चुनाव आयोग करेगा विशेष पुनरीक्षण—जानिए दोनों में क्या अंतर

गुवाहाटी। असम में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग (ECI) ने मतदाता सूचियों का ‘विशेष पुनरीक्षण’ (Special Revision – SR) कराने का निर्णय लिया है। यह कदम राज्य की विशिष्ट नागरिकता व्यवस्था और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) से अलग होगी। क्यों लिया गया यह निर्णय? असम में नागरिकता से जुड़े कानूनी प्रावधान अन्य राज्यों की तुलना में भिन्न हैं। 2019 में तैयार हुआ NRC अभी अंतिम रूप से प्रकाशित नहीं हो सका है और मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में SIR जैसी प्रक्रिया, जिसमें पात्रता की जांच के लिए दस्तावेज़ मांगे जाते हैं, NRC डेटा के साथ टकराव पैदा कर सकती थी।इसी वजह से आयोग ने SR को अपनाया ह...
भूपेंद्र पटेल मंत्रिमंडल में बदलाव, PM मोदी के दो दौरे: क्या गुजरात में BJP vs AAP की होगी अगली टक्कर?
Gujarat, Politics, State

भूपेंद्र पटेल मंत्रिमंडल में बदलाव, PM मोदी के दो दौरे: क्या गुजरात में BJP vs AAP की होगी अगली टक्कर?

अहमदाबाद: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद बीजेपी ने अब पश्चिम बंगाल पर फोकस कर दिया है, वहीं महागठबंधन को झटका लगा और कांग्रेस सन्नाटे में है। राहुल गांधी ने बीजेपी को उसके गढ़ गुजरात में हराने का संकल्प लिया था, लेकिन गुजरात में पार्टी पहले ही कोर्स करेक्शन में जुट गई है। राज्य में कांग्रेस से ज्यादा आम आदमी पार्टी (AAP) की चर्चा हो रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अगला मुकाबला गुजरात में BJP बनाम AAP होगा? कांग्रेस की सक्रियता नहीं दिख रहीबीजेपी ने बिहार चुनावों के बीच ही गुजरात के मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव किए, जिसमें 10 मंत्रियों की छुट्टी की गई। एनडीए की जीत और विधायक संख्या में इजाफा (1654) के बाद पार्टी उत्साहित है। अगले दो साल में गुजरात समेत 11 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस ने राज्य में संगठन को मजबूत करने की कवायद की, लेकिन सक्रियता न के बराबर ...
BJP में बढ़ती आंतरिक खींचतान: अंता उपचुनाव हार के बाद सिंघवी का ‘चिट्ठी’ धमाका
Politics, Rajasthan, State

BJP में बढ़ती आंतरिक खींचतान: अंता उपचुनाव हार के बाद सिंघवी का ‘चिट्ठी’ धमाका

राजस्थान की एकमात्र विधानसभा सीट अंता पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को करारी हार के तीन दिन बाद ही पार्टी में गुटबाजी का बड़ा खुलासा हुआ है। बारां जिले के छबड़ा विधायक और राजस्थान BJP के दूसरे सबसे वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह सिंघवी ने बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक पत्र लिखकर अपनी उपेक्षा और अपमान की शिकायत दर्ज कराई। सिंघवी ने पत्र में लिखा कि उन्हें अपमानित करने की कोई सीमा नहीं रही। अंता उपचुनाव में 40 बीजेपी नेताओं की प्रचार सूची से उन्हें पूरी तरह बाहर रखा गया। जबकि मुख्यमंत्री के रोड शो ‘विजय संकल्प यात्रा’ के पोस्टरों में उनके से कनिष्ठ विधायकों की तस्वीरें शामिल थीं, उनका नाम तक नहीं था। अंदरूनी मतभेद उजागरसिंघवी ने पत्र में स्पष्ट किया कि वे राजस्थान के दूसरे सबसे वरिष्ठ विधायक हैं, फिर भी पार्टी ने उन्हें उपेक्षित किया। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को इस बारे में अवगत करान...
बिहार नतीजों के बाद शरद पवार का बड़ा बयान: “कांग्रेस कभी खत्म नहीं होगी, फिर से उभरेगी”
Maharashtra, Politics, State

बिहार नतीजों के बाद शरद पवार का बड़ा बयान: “कांग्रेस कभी खत्म नहीं होगी, फिर से उभरेगी”

मुंबई।बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन की शिकस्त के बाद राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कांग्रेस जल्द ही टूट जाएगी। इस बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता शरद पवार ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि कांग्रेस कभी खत्म नहीं होगी और देश में फिर से अपना अलग मुकाम बनाएगी। पवार ने कहा- कांग्रेस हमेशा पुनर्जीवित होगी सोलापुर में स्थानीय चुनावी सभा में शरद पवार ने कहा, “मैं जिस कांग्रेस को समझता हूं, वह खत्म होने वाली कांग्रेस नहीं है। यह पार्टी गांधी-नेहरू के विचारों को मानने वाली है और देश में हमेशा अपनी अलग पहचान बनाए रखेगी। उतार-चढ़ाव आते रहेंगे, लेकिन कांग्रेस फिर से उठ खड़ी होगी।” उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के 1957 के स्थानीय चुनाव में कांग्रेस हार गई थी, तब भी कहा गया था कि पार्टी खत्म हो गई ...
कश्मीर को जल्द ही मिलेगा पूर्ण राज्य का दर्जा: J&K उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी का बागपत में बड़ा बयान
Politics, State, Uttar Pradesh

कश्मीर को जल्द ही मिलेगा पूर्ण राज्य का दर्जा: J&K उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी का बागपत में बड़ा बयान

बागपत।जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने सोमवार को बागपत में कहा कि कश्मीर को जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि महबूबा मुफ्ती दुविधा में हैं और उन्हें तय करना होगा कि वे आखिर क्या चाहती हैं। महबूबा मुफ्ती के बयानों पर प्रतिक्रिया सुरेंद्र चौधरी ने महबूबा मुफ्ती पर तंज कसते हुए कहा कि 2019 में उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, वहीं अब वे बेतुके बयान दे रही हैं। चौधरी ने कहा, “महबूबा मुफ्ती खुद साफ नहीं कर पा रही कि उन्हें जम्मू-कश्मीर में कौन सी लकीर खींचनी है। अब उन्हें खुद तय करना होगा कि कौन सी छोटी और कौन सी बड़ी लकीर होनी चाहिए।” महबूबा मुफ्ती ने हाल ही में कहा था कि कश्मीर की समस्याएं लाल किले के सामने गूंजी गईं और सरकार का वादा था कि जम्मू-कश्मीर सुरक्षित रहेगा, ले...
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को फांसी की सजा, ICT ने लगाया मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप
Opinion, Politics, World

बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को फांसी की सजा, ICT ने लगाया मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप

ढाका।बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके सहयोगियों पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने मानवता के खिलाफ गंभीर अपराधों के आरोप में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने शेख हसीना, तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को जुलाई–अगस्त 2024 के आरक्षण विरोधी छात्र आंदोलन के दौरान 1400 प्रदर्शनकारियों की हत्या के आरोप में दोषी ठहराया। कोर्ट का आदेश और आरोप ICT की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि शेख हसीना ने छात्रों और नागरिकों पर क्रूर दमन के आदेश दिए। कोर्ट ने बताया कि उन्होंने हेलीकॉप्टर और ड्रोन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों पर निगरानी और घातक हमले करने की अनुमति दी। ढाका यूनिवर्सिटी के वीसी को फोन कर धमकी दी कि जैसे रजाकारों को सजा दी गई थी, उसी तरह प्रदर्शनकारियों को भी मारा जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि अस्पतालों को निर्देशित...
फांसी की सजा पर शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया: बांग्लादेशी कोर्ट का फैसला ‘पक्षपाती और राजनीतिक प्रेरित’
Politics, World

फांसी की सजा पर शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया: बांग्लादेशी कोर्ट का फैसला ‘पक्षपाती और राजनीतिक प्रेरित’

ढाका/नई दिल्ली।मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में दोषी ठहराए जाने और मौत की सजा सुनाए जाने के बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के फैसले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “धांधली से स्थापित पक्षपातपूर्ण और अलोकतांत्रिक ट्रिब्यूनल” का फैसला बताया। शेख हसीना का बयान हसीना ने कहा कि यह ट्रिब्यूनल एक अंतरिम सरकार द्वारा चलाया जा रहा है, जिसका कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है। उनके अनुसार, उनके खिलाफ मौत की सजा की सिफारिश इस बात का संकेत है कि सरकार के चरमपंथी तत्व बांग्लादेश की निर्वाचित प्रधानमंत्री और अवामी लीग को राजनीतिक रूप से समाप्त करना चाहते हैं। हसीना ने आरोप लगाया कि ICT के ट्रायल न तो न्याय दिलाने के लिए थे और न ही 2025 की घटनाओं की सच्चाई सामने लाने के लिए। उनका उद्देश्य अवामी लीग को बलि का बकरा बनाना और अंतरिम सर...
तेलंगाना स्पीकर को सुप्रीम कोर्ट का अवमानना नोटिस, CJI गवई ने कसा कड़ा रुख
Politics, State, Telangana

तेलंगाना स्पीकर को सुप्रीम कोर्ट का अवमानना नोटिस, CJI गवई ने कसा कड़ा रुख

हैदराबाद/नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर गद्दाम प्रसाद कुमार को शीर्ष अदालत के आदेश की अनदेखी करने पर अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति और मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने टिप्पणी की कि स्पीकर का रवैया घोर अवमानना वाला है। सीजेआई गवई ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को यह तय करना चाहिए कि नया साल कहां मनाना है, और अयोग्य विधायकों पर अगले एक सप्ताह में फैसला लिया जाना चाहिए। क्या है मामला मामला बीआरएस (BRS) के कुछ विधायकों की अयोग्यता को लेकर है। केटीआर की याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेआई गवई ने कहा कि स्पीकर के पास कोई संवैधानिक संरक्षण नहीं है। बीआरएस के 10 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से उनकी सदस्यता को लेकर फैसला लंबित था। स्पीकर कार्यालय ने समय सीमा बढ़ाने के लिए नई याचिका दायर की थी। पीठ ने पहले दिया था आदेश ...
संजय तो तेजस्वी के ‘आंख-कान’, RJD में 30 साल से हरियाणवी प्रभाव कायम—लालू यादव के दो खासों की कहानी
Politics, State

संजय तो तेजस्वी के ‘आंख-कान’, RJD में 30 साल से हरियाणवी प्रभाव कायम—लालू यादव के दो खासों की कहानी

पटना/चंडीगढ़।लालू यादव परिवार में विरासत की जंग के बीच एक नाम सबसे अधिक चर्चा में है—संजय यादव, तेजस्वी यादव के सबसे भरोसेमंद सलाहकार। तेजस्वी के हरियाणवी मित्र संजय यादव पर पार्टी में फूट का आरोप लगाया जा रहा है। रोहिणी आचार्य के ट्वीट के बाद विपक्ष से लेकर सत्तारूढ़ दलों तक कई नेताओं ने उन्हें निशाने पर लिया है। संजय 2024 में बिहार से राज्यसभा पहुंचे और आरजेडी में आज सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं। दिलचस्प यह है कि संजय यादव आरजेडी में अकेले हरियाणवी नहीं हैं। उनसे पहले प्रेमचंद गुप्ता, जो हरियाणा के भिवानी से आते हैं, तीन दशकों तक लालू यादव के सबसे विश्वसनीय सहयोगी रहे हैं और लगातार राज्यसभा भेजे जाते रहे। तेजप्रताप ने कहा ‘जयचंद’, रोहिणी ने ठहराया जिम्मेदार बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद RJD परिवार के अंदर संघर्ष खुलकर सामने आ गया है।परिवार के कई सदस्य तेज...