Wednesday, July 22

Politics

यूपी में SIR को लेकर अहम जानकारी: गाजियाबाद DM ने बताईं वोटरों के लिए 5 जरूरी बातें
Politics, State, Uttar Pradesh

यूपी में SIR को लेकर अहम जानकारी: गाजियाबाद DM ने बताईं वोटरों के लिए 5 जरूरी बातें

गाजियाबाद, 24 नवंबर 2025उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। मतदाता सूची को अपडेट करने के इस अभियान को लेकर आम लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच गाजियाबाद के डीएम ने अपने X हैंडल पर वोटरों के लिए पांच महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी बताया गया है। DM के अनुसार वोटरों के लिए 5 जरूरी बातें गणना प्रपत्र पूरी तरह भरकर बीएलओ को वापस करेंफार्म जमा करते समय पावती लेना न भूलें। फार्म जमा न करने पर नाम कटने का खतराप्रपत्र न देने वालों को अनुपस्थित माना जाएगा और मतदाता सूची से नाम हट सकता है। यह फॉर्म वेरिफिकेशन के लिए अनिवार्य हैमतदाता के अस्तित्व और पते की पुष्टि इसी के आधार पर होगी। किसी भी दस्तावेज की जरूरत नहींबीएलओ को फार्म देते समय कोई प्रमाण पत्र संलग्न करने की आवश्यकता नहीं है। समस्...
बिहार के 35 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत! 1 अप्रैल 2026 से बिल होगा सस्ता, हर महीने 140 रुपये तक की बचत संभव
Bihar, Politics, State

बिहार के 35 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत! 1 अप्रैल 2026 से बिल होगा सस्ता, हर महीने 140 रुपये तक की बचत संभव

पटना, 24 नवंबर 2025बिहार के शहरी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य की बिजली आपूर्ति कंपनी ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BRC) को नया प्रस्ताव भेजा है, जिसके मंजूर होने पर शहरी क्षेत्रों में बिजली की दरें कम हो जाएंगी। नई व्यवस्था लागू होते ही 35 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा और शहरी परिवारों को गांवों की तरह सस्ती बिजली मिल सकेगी। सिंगल स्लैब लागू करने की तैयारी कंपनी ने यह प्रस्ताव ग्रामीण मॉडल की तर्ज पर तैयार किया है। पिछले वर्ष ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए दो स्लैब हटाकर एक ही स्लैब लागू किया गया था। अब उसी तरह शहरी उपभोक्ता भी एकीकृत दर का लाभ उठा सकते हैं।आयोग की मंजूरी मिलने पर नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। अभी क्या है व्यवस्था? बिहार में फिलहाल शहरी उपभोक्ताओं पर दो स्लैब लागू हैं— पहला स्लैब: 1–100 यूनिट बिना सब्स...
अमित शाह से शिकायत तक पहुंचा विवाद, दहानु की रैली में BJP पर अप्रत्यक्ष हमला स्थानीय निकाय चुनाव से पहले महायुति में बढ़ी तकरार
Maharashtra, Politics, State

अमित शाह से शिकायत तक पहुंचा विवाद, दहानु की रैली में BJP पर अप्रत्यक्ष हमला स्थानीय निकाय चुनाव से पहले महायुति में बढ़ी तकरार

मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सत्ता पक्ष महायुति में तनाव खुलकर सामने आने लगा है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दहानु में अपनी रैली के दौरान बिना नाम लिए भाजपा पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “तानाशाही और अहंकार के खिलाफ जनता एकजुट हो रही है। रावण भी अहंकारी था, इसलिए उसकी लंका जला दी गई। 2 दिसंबर को आपको भी ऐसा ही करना है—भ्रष्टाचार खत्म कर विकास के लिए वोट दीजिए।” दहानु में सीधी टक्कर शिंदे ने जनता से शिवसेना उम्मीदवार राजू माछी को जीताने की अपील की। शिवसेना की जिला प्रमुख किरण सांख्ये ने बताया कि माछी पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार हैं भाजपा अपने जिला प्रमुख भरत राजपूत के समर्थन में खड़ी है एनसीपी के दोनों धड़े शिवसेना के साथ आए हैं इस सीट पर दोनों सहयोगी दलों के बीच सीधा मुकाबला बन गया है। ठाणे–पालघर में वर्चस्व की जंग तनाव की शुरुआ...
बिहार में 450 से अधिक बीएलओ निलंबित, पर आत्महत्या का कोई मामला नहीं चुनाव आयोग के अधिकारियों ने किए दावे, फेज-2 की रफ्तार पहले से सुचारू
Bihar, Politics, State

बिहार में 450 से अधिक बीएलओ निलंबित, पर आत्महत्या का कोई मामला नहीं चुनाव आयोग के अधिकारियों ने किए दावे, फेज-2 की रफ्तार पहले से सुचारू

नई दिल्ली/पटना। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बीएलओ की मौतों और कथित आत्महत्याओं को काम के दबाव से जोड़कर उठ रही आशंकाओं के बीच चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, बिहार में पहले चरण के दौरान 450 से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर्स को लापरवाही के कारण निलंबित तो किया गया, लेकिन एक भी आत्महत्या का मामला सामने नहीं आया। फेज-1 बनाम फेज-2: रफ्तार में बड़ा अंतर अधिकारियों ने बताया कि फेज-1 केवल बिहार में आयोजित हुआ था और एन्यूमरेशन फॉर्म वितरण का कार्य मात्र 4 दिनों में पूरा करना पड़ा। इसके विपरीत, फेज-2 में 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यही प्रक्रिया 10 दिनों तक चली, जिसके कारण काम का दबाव अपेक्षाकृत कम रहा। पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में मौतों की जांच जारी पश्चिम बंगाल में कथित आत्महत्या के मामलों ने चिंता बढ़...
सीएम भूपेंद्र पटेल का संवेदनशील फैसला शादी में बाधा न हो, जामनगर का कार्यक्रम बदला
Gujarat, Politics, State

सीएम भूपेंद्र पटेल का संवेदनशील फैसला शादी में बाधा न हो, जामनगर का कार्यक्रम बदला

अहमदाबाद, संवाददाता। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एक बार फिर अपने सरल और संवेदनशील व्यवहार को लेकर सुर्खियों में हैं। जामनगर में निर्धारित उनका सरकारी कार्यक्रम उस स्थल के पास तय था, जहां एक परिवार की बेटी का विवाह समारोह होना था। परिवार की ओर से जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने न सिर्फ कार्यक्रम बदलने का निर्णय लिया, बल्कि स्वयं फोन कर परिजनों को आश्वस्त भी किया कि उनके उत्सव में कोई व्यवधान नहीं डाला जाएगा। जानकारी मिलते ही बदला कार्यक्रम जामनगर के टाउनहॉल में 23 नवंबर को विवाह समारोह तय था। इसी दौरान टाउनहॉल प्रबंधन ने परिवार को सूचित किया कि उसी दिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम भी वहीं प्रस्तावित है। अचानक उत्पन्न स्थिति से परिवार चिंतित हो गया और इसकी सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची। मामले की जानकारी मिलते ही सीएम भूपेंद्र पटेल ने परिवार को फोन कर कहा—“आप चिंता न करें, आप...
इंदौर में दिग्विजय सिंह के तीखे बयान न्यूयॉर्क मेयर ममदानी की दिलेरी की सराहना, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
Madhya Pradesh, Politics, State

इंदौर में दिग्विजय सिंह के तीखे बयान न्यूयॉर्क मेयर ममदानी की दिलेरी की सराहना, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

इंदौर: पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र और चुनाव आयोग पर गंभीर टिप्पणियां कीं। उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने खुलकर बोलने का साहस दिखाया, जबकि भारत में बड़े पदों पर बैठे लोग भी सत्ता के डर से चुप रहते हैं। चुनाव आयोग पर बेईमानी के आरोपदिग्विजय सिंह ने दावा किया कि SIR (Special Summary Revision) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने पर कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “आज वोट का अधिकार छीना जा रहा है और कल नागरिकता तक खतरे में पड़ सकती है।”सिंह ने कहा कि 272 सेवानिवृत्त अधिकारियों को आगे लाकर चुनाव आयोग की साख बचाने की कोशिश की जा रही है, जिनमें से कई पर राजनीतिक झुकाव और भ्रष्टाचार के आरोप रहे हैं। उन्होंने 26 नवंबर को संविधान संरक्षण...
10वीं बार सत्ता में लौटे नीतीश कुमार के सामने बड़ी चुनौती: बिहार की कमियों को कैसे करेंगे दूर
Bihar, Politics, State

10वीं बार सत्ता में लौटे नीतीश कुमार के सामने बड़ी चुनौती: बिहार की कमियों को कैसे करेंगे दूर

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में दसवीं बार शपथ लेने वाले नीतीश कुमार के पास राजनीति का लंबा अनुभव तो है ही, साथ ही राज्य की जमीनी समस्याओं की गहरी समझ भी है। लेकिन अब असली परीक्षा सिर्फ पहचान की नहीं, बल्कि उन कमियों को दूर करने की है, जिनकी वजह से बिहार शेष देश के मुकाबले पिछड़ता रहा है। सवाल यह है कि आने वाले कार्यकाल में नीतीश इन चुनौतियों से कैसे निपटेंगे। आंकड़ों में नहीं, गुणवत्ता में पिछड़ रही अर्थव्यवस्था बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) कई बार बेहतर वृद्धि दर दर्ज करता है, लेकिन यह विकास सतही माना जाता है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय आज भी राष्ट्रीय औसत की करीब एक-तिहाई तीन-चौथाई परिवार खेती पर निर्भर, लेकिन कृषि सिर्फ कुल उत्पादन का एक-चौथाई सर्विस सेक्टर बड़ा, पर कम आय वाले कामों में सीमित मैन्युफैक्चरिंग अब भी कमजोर इसी असंतुलन ने बिहार की अर्थव्...
राजस्थान में अनोखी शादी का नज़ारा, 101 ट्रैक्टरों पर निकली दूल्हे की बारात
Politics, Rajasthan, State

राजस्थान में अनोखी शादी का नज़ारा, 101 ट्रैक्टरों पर निकली दूल्हे की बारात

जयपुर। राजस्थान अपनी शादियों की शान-ओ-शौकत और अनोखे अंदाज़ के लिए हमेशा सुर्खियों में रहता है। इसी कड़ी में डीडवाना-कुचामन जिले में हुई एक अनोखी शादी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जिले के हिराणी निवासी किसान दयालराम डोडवाडिया ने अपने बेटे महेंद्र की शादी में ऐसा आयोजन किया, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। एक किलोमीटर लंबा ट्रैक्टर काफिला बारात के लिए न सिर्फ एक-दो, बल्कि पूरे 101 ट्रैक्टरों का काफिला सजाया गया। जब बारात गांव की सड़कों से रवाना हुई तो लगभग एक किलोमीटर लंबी यह अनोखी शोभायात्रा देखने वालों को दंग कर गई। ट्रैक्टरों पर ग्रामीण संग-संग नाचते-गाते आगे बढ़े और पूरा माहौल उत्सव में बदल गया। ग्रामीण परंपरा और आधुनिकता का संगम स्थानीय लोगों का कहना है कि किसान परिवार ने अपनी पहचान और परंपरा को अनोखे अंदाज़ में उजागर किया। जहां आमतौर पर बारातें लग्जरी...
पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद का ऐलान: टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर करेंगे 6 दिसंबर को शिलान्यास
Politics, State, West Bengal

पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद का ऐलान: टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर करेंगे 6 दिसंबर को शिलान्यास

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि वह 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करेंगे। उन्होंने दावा किया है कि यह मस्जिद तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगी। राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ बीजेपी ने इस कदम की तुष्टिकरण की राजनीति के रूप में आलोचना की है। पश्चिम बंगाल बीजेपी की सेक्रेटरी प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि टीएमसी का सेक्युलरिज़्म “धर्म-विशेष” है और यह घोषणा केवल राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही है। वहीं, बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि मस्जिद बन सकती है, लेकिन इसे सही जगह पर होना चाहिए। कांग्रेस ने इस विवाद से दूरी बनाए रखी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि उनकी पार्टी शासन और विकास के मुद्दों पर केंद्रित है, न कि धार्मिक या राजनीतिक विवा...
दमोह: SIR कार्य के दबाव में बीएलओ की ड्यूटी के दौरान मौत
Madhya Pradesh, Politics, State

दमोह: SIR कार्य के दबाव में बीएलओ की ड्यूटी के दौरान मौत

दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के कार्य में लगे बीएलओ सीताराम गौड़ की ड्यूटी के दौरान अचानक तबियत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया गया कि वे कार्य का भारी दबाव झेल रहे थे और अभी तक उनके क्षेत्र का केवल 13% काम ही पूरा हुआ था। घटना का विवरण:दमोह विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रंजरा निवासी सीताराम गौड़ (उम्र 50 वर्ष) गुरुवार शाम ड्यूटी पर थे, जब उनकी तबियत अचानक खराब हो गई। उन्हें पहले दमोह जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर जबलपुर रेफर कर दिया गया। शुक्रवार को जबलपुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके शव को पैतृक गांव पठारी लाया गया, जहां शनिवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। किस दबाव में थे बीएलओ:जिला शिक्षा अधिकारी एस.के. नेमा ने बताया कि गौड़ की ड्यूटी ग्राम रंजरा और कूड़ा कुड़न में लगी थी, जिनमें कुल 1319 मतदाता थे। काम का के...