झारखंड में विस्थापन और सिंचाई परियोजनाओं को लेकर उठे सवाल, किसानों व विस्थापितों का इंतजार जारी
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को विस्थापितों और किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार चर्चा हुई। विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और डैम निर्माण से लाखों लोग विस्थापित हुए, लेकिन उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल सका।
किसानों और उद्योगों के लिए पानी की असमान उपलब्धता
विधायक जयराम कुमार महतो ने बताया कि उद्योगों को डैम से पानी उपलब्ध कराने के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) तुरंत मिल जाता है, जबकि किसानों को सिंचाई में कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है। झारखंड में अब तक 105 बड़ी और मध्यम सिंचाई योजनाओं का कार्य पूरा हुआ है, जिससे करीब 2.5 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हुई। 27 योजनाओं का निर्माण प्रगति पर है और 2029-30 तक 440 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा सृजित होने की संभावना है।
विस्थापितों का इंतजार
सविता महतो ने चांडिल डैम के विस्थापितों की समस्या उ...










