Thursday, July 23

Politics

पीएम मोदी के ‘ड्रामा’ बयान पर प्रियंका गांधी का पलटवार: “मुद्दों पर बोलना ड्रामा नहीं”
Natioanal, Politics

पीएम मोदी के ‘ड्रामा’ बयान पर प्रियंका गांधी का पलटवार: “मुद्दों पर बोलना ड्रामा नहीं”

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामे के बीच हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को चेतावनी दी कि सदन में “ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए”। इस बयान पर कांग्रेस नेता और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पलटवार किया है। प्रियंका गांधी ने कहा, “मुद्दों पर बोलना और उन्हें उठाना ड्रामा नहीं है। ड्रामा का मतलब है चर्चा न होने देना। चुनावी स्थिति, SIR और प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करना संसद का मूल उद्देश्य है।” प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि संसद परिसर में ड्रामा करने की जगह बाहर है, लेकिन सदन में हंगामे की कोई जगह नहीं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि सत्र को सुचारू और गरिमामय तरीके से चलाने में सहयोग दें। इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का संसद सत्र की शुरुआत से पहले बयान देना केवल पाखंड है। पार्टी मह...
BLO की बढ़ती आत्महत्या: SIR के बोझ तले दम तोड़ते बूथ स्तर के कर्मचारी
Natioanal, Politics

BLO की बढ़ती आत्महत्या: SIR के बोझ तले दम तोड़ते बूथ स्तर के कर्मचारी

नई दिल्ली: देश के अलग-अलग राज्यों में चल रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की आत्महत्याओं के मामले सामने आ चुके हैं। सवाल उठता है कि आखिर BLO अपने जीवन के साथ इतना जोखिम क्यों उठा रहे हैं? तनाव और दबाव: BLO के सामने काम का बोझ असहनीय है। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश से कई मौतों की खबरें आई हैं। कम समय में भारी कार्य, समय पर काम पूरा न होने का डर, वरिष्ठ अधिकारियों का दबाव और पोर्टल के तकनीकी दिक्कतें—इन सबने BLO के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाला है। सिस्टम की कठोरता: कई BLO पर FIR दर्ज, कुछ को निलंबित किया गया और कुछ इस्तीफा देने को मजबूर हुए। सिस्टम की यह कठोरता उनके लिए अतिरिक्त मानसिक दबाव बन गई है। अतिरिक्त जिम्मेदारी: BLO अपने नियमित कार्यों के साथ ही SIR के लिए भी जिम्मेदार हैं। हर BLO ...
संसद के शीतकालीन सत्र में पीएम मोदी ने किया सभापति सीपी राधाकृष्णन का जोरदार स्वागत
Natioanal, Politics

संसद के शीतकालीन सत्र में पीएम मोदी ने किया सभापति सीपी राधाकृष्णन का जोरदार स्वागत

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच हुई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत करते हुए उनके जीवन और समाज सेवा के योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि राधाकृष्णन जी किसान परिवार से आते हैं और उनका जीवन समाज सेवा और अंत्योदय की भावना से भरा हुआ है। उन्होंने सभापति के काशी दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि वहां मां गंगा की पूजा के बाद राधाकृष्णन ने नॉनवेज त्यागने का संकल्प लिया, जो उनके सात्विक जीवन दर्शन का प्रतीक है। साथ ही पीएम मोदी ने राधाकृष्णन के जीवन की दो बड़ी घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मंदिर के तालाब में डूबने की संभावनाओं के बावजूद उन्होंने ईश्वर की सहायता से बचकर समाज सेवा को अपनाया। इसके अलावा कोयंबटूर में लाल कृष्ण आडवाणी की यात्रा से पहले हुए बम धमाके में भी राधाकृष...
मेरठ की पॉश कॉलोनियों में SIR का बुरा हाल! अफसर घंटी बजाते रहे, चौकीदार बोले- साहब आराम कर रहे
Politics, State, Uttar Pradesh

मेरठ की पॉश कॉलोनियों में SIR का बुरा हाल! अफसर घंटी बजाते रहे, चौकीदार बोले- साहब आराम कर रहे

मेरठ: साकेत और डिफेंस कॉलोनियों में चल रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के दौरान प्रशासन को ऐसी लापरवाही का सामना करना पड़ा, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। मतदाता सूची अपडेट करने के लिए अधिकारी घर-घर गणना प्रपत्र जमा कराने पहुंचे, लेकिन बड़े-बड़े घरों के दरवाजे बंद मिले। चौकीदारों ने साफ कह दिया कि मालिक उपलब्ध नहीं हैं और आराम कर रहे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार और अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट खुद जाकर घंटी बजाते रहे और आवाज लगाते रहे, लेकिन अधिकांश घरों के दरवाजे नहीं खुले। मुश्किल से कुछ ही घरों में गेट खोला गया, लेकिन वहां भी चौकीदारों ने ही बातचीत की। 50% प्रपत्र अधर में, समय सिर्फ पांच दिनमेरठ की सात विधानसभा सीटों के 27 लाख मतदाताओं में से अब तक केवल 50% लोगों ने अपना गणना प्रपत्र जमा किया है। यह काम 4 नवंबर से चल रहा है और 4 दिसंबर तक स...
असम हिंसा की सच्चाई 41 साल बाद खुली: कांग्रेस ने दबाई थी तिवारी आयोग की रिपोर्ट
Assam, Politics, State

असम हिंसा की सच्चाई 41 साल बाद खुली: कांग्रेस ने दबाई थी तिवारी आयोग की रिपोर्ट

गुवाहाटी। असम में जमीन और पहचान को लेकर बनाई गई एक विवादित रिपोर्ट 41 साल बाद सार्वजनिक हुई। यह रिपोर्ट त्रिभुवन प्रसाद तिवारी आयोग द्वारा जनवरी-अप्रैल 1983 में तैयार की गई थी और तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसे दबाकर रखा था। रिपोर्ट में 1983 के नेल्ली नरसंहार और अन्य उपद्रवों की वास्तविक वजहों का खुलासा किया गया है। तिवारी आयोग की रिपोर्ट: क्या है सच? आयोग ने अवैध आव्रजन, भूमि कब्जा और असमिया पहचान को लेकर कई महत्वपूर्ण सिफारिशें कीं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि 1983 के दंगे किसी एक धर्म, जाति या भाषाई समूह के खिलाफ नहीं थे। हिंसा का खामियाजा समाज के सभी वर्गों ने भुगता। भूमि विवाद और आर्थिक हित टकराव इन दंगों के प्रमुख कारण थे। अवैध अप्रवासियों द्वारा भूमि पर कब्जा असमिया लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या थी। पूर्व न्यायाधीश तिवारी ने यह भी लिखा कि 1979 के बाद अतिक्रमण क...
यूपी में SIR की जमीनी हकीकत: वोटर लिस्ट अपडेट की सुस्त रफ्तार और चुनौतियों का पहाड़ मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के BLO की रिपोर्ट ने खोली कई खामियां
Politics, State, Uttar Pradesh

यूपी में SIR की जमीनी हकीकत: वोटर लिस्ट अपडेट की सुस्त रफ्तार और चुनौतियों का पहाड़ मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के BLO की रिपोर्ट ने खोली कई खामियां

मेरठ/मुजफ्फरनगर/सहारनपुर। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान तेज़ी से चल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल अलग तस्वीर दिखा रहे हैं। मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के BLO की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वोटर लिस्ट अपडेट का काम कई बाधाओं के कारण बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। लोगों की उदासीनता, सुरक्षा की समस्या और कम साक्षरता अभियान को खासा प्रभावित कर रही है। मेरठ: बदले माहौल में BLO की कठिन ड्यूटी ढोलकी मोहल्ला – लोग शिफ्ट, घर खाली, परिवार गायब BLO यशपाल सिंह का अनुभव बताता है कि ढोलकी मोहल्ला अब पहले जैसा नहीं रहा।अधिकतर लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। घरों पर दस्तक देने पर लोग मिलते ही नहीं।कई फॉर्म नाम और पते से मैच नहीं हो पा रहे, जिससे संशोधन कार्य बार-बार अटक रहा है। सदर दाल मंडी – फॉर्म लेकर गायब लोग, शादीशुदा युवतियों के रिकॉर्ड में मुश्कि...
बालाघाट में सनसनी: तालाब में तैरते मिले जेठ-बहू के शव, पास में मिली जहर की बोतल शनिवार से लापता थे दोनों, पुलिस जांच में जुटी
Madhya Pradesh, Politics, State

बालाघाट में सनसनी: तालाब में तैरते मिले जेठ-बहू के शव, पास में मिली जहर की बोतल शनिवार से लापता थे दोनों, पुलिस जांच में जुटी

बालाघाट। जिले के रामपायली थाना क्षेत्र के ग्राम सालेबर्डी में रविवार सुबह एक ही परिवार के जेठ और बहू के शव तालाब में तैरते मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान प्रकाश रहांगडाले (45) और उनकी बहू सीमा रहांगडाले (37) के रूप में हुई है। दोनों शनिवार से ही रहस्यमय तरीके से लापता थे। सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों ने सालेबर्डी और येरवाटोला के बीच स्थित तालाब में दो शवों को तैरते देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। तालाब किनारे मिली बाइक और चप्पलें पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकलवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए रामपायली अस्पताल भेजा। तालाब के किनारे मृतक प्रकाश की बाइक और दोनों की चप्पलें भी मिलीं, जिससे पुलिस को तालाब में उनकी उपस्थिति की पुष्टि मिली। बताया जा रहा है कि दोनों को शनिवार देर रात एरवटोला क्षेत्र में भ...
ममता बनर्जी का यू-टर्न: कहा था ‘गोली मार दो’, लेकिन 7 महीने बाद बंगाल में लागू किया वक्फ कानून 82,000 वक्फ संपत्तियों को 5 दिसंबर तक UMEED पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश
Politics, State, West Bengal

ममता बनर्जी का यू-टर्न: कहा था ‘गोली मार दो’, लेकिन 7 महीने बाद बंगाल में लागू किया वक्फ कानून 82,000 वक्फ संपत्तियों को 5 दिसंबर तक UMEED पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महीनों तक जिस वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का जोरदार विरोध किया, आखिरकार वही कानून अब राज्य में लागू कर दिया है। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद बंगाल सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर 82,000 वक्फ संपत्तियों का पूरा ब्यौरा 5 दिसंबर तक UMEED पोर्टल (umeedminority.gov.in) पर अपलोड करने को कहा है। इस आदेश के साथ स्पष्ट हो गया है कि ममता सरकार ने नए वक्फ कानून को राज्य में लागू कर दिया है। विरोध से लागू करने तक: क्या हुआ बीच में? केंद्र का वक्फ संशोधन अधिनियम इस साल अप्रैल में संसद से पारित हुआ था। ममता बनर्जी ने न सिर्फ इसका कड़ा विरोध किया था, बल्कि सार्वजनिक मंच से चुनौती भी दी थी कि—“मुझे गोली मार दो, लेकिन बंगाल में वक्फ कानून लागू नहीं होने दूंगी।”कानून के खिलाफ राज्य में विरोध प्रदर्शन हुए, और तृणमूल सरकार अदालत भी गई, लेकि...
बिहार चुनाव 2025: आधी आबादी को नहीं मिला एक चौथाई प्रतिनिधित्व, विधानसभा में कितनी हैं महिला विधायक?
Bihar, Karnataka, Politics, State

बिहार चुनाव 2025: आधी आबादी को नहीं मिला एक चौथाई प्रतिनिधित्व, विधानसभा में कितनी हैं महिला विधायक?

पटना, 1 दिसंबर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आधी आबादी ने एनडीए को भारी बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन खुद के लिए प्रतिनिधित्व का दायरा बढ़ाने में वे नाकाम रहीं। न तो चुनावी मैदान में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी दिखी और न ही जीत में उनका अनुपात बढ़ पाया। कुल महिला उम्मीदवारों और विजयी विधायकों का आंकड़ा अभी भी पुरुषों की तुलना में बेहद कम है। उम्मीदवारी में बड़ी असमानता इस चुनाव में जहां 2,357 पुरुष मैदान में थे, वहीं केवल 258 महिलाएं चुनाव लड़ रही थीं। प्रमुख दलों में सबसे अधिक महिला उम्मीदवार उतारने का दावा राजद ने किया। तेजस्वी यादव ने 23 महिलाओं को टिकट दिया। कांग्रेस ने 6, वीआईपी और वामदलों ने कुल 2 महिलाओं को उतारा। एनडीए में किसने दिया कितना टिकट? एनडीए में बीजेपी और जेडीयू ने समान रूप से 13-13 महिलाओं को टिकट देकर आधी आबादी का प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास क...
SIR ड्यूटी के दबाव में बीएलओ अध्यापक ने की आत्महत्या: ‘मम्मी, मेरी बेटियों का ख़याल रखना…’ कहते हुए बनाया दर्दनाक वीडियो
Politics, State, Uttar Pradesh

SIR ड्यूटी के दबाव में बीएलओ अध्यापक ने की आत्महत्या: ‘मम्मी, मेरी बेटियों का ख़याल रखना…’ कहते हुए बनाया दर्दनाक वीडियो

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्यूटी में लगाए गए 43 वर्षीय बीएलओ सर्वेश कुमार की आत्महत्या ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपोजिट विद्यालय जाहिदपुर भगतपुर टांडा में तैनात अध्यापक सर्वेश को बूथ संख्या 406 का बीएलओ बनाया गया था। काम के बढ़ते दबाव से परेशान होकर उन्होंने शनिवार देर रात मौत को गले लगा लिया। रविवार सुबह परिजनों ने सर्वेश का शव कमरे में फंदे से लटका देखा तो घर में कोहराम मच गया। परिवार का आरोप है कि सर्वेश को SIR के कार्य का अत्यधिक बोझ दे दिया गया था, जिसकी वजह से वे कई दिनों से तनाव में थे। ■ आत्महत्या से पहले रोते हुए बनाया वीडियो, कहा—“मैं जीना चाहता हूँ, पर दबाव बहुत है…” सोशल मीडिया पर वायरल सर्वेश का वीडियो पूरे प्रदेश में लोगों को झकझोर रहा है। वीडियो में वह फूट-फूटकर रोते हुए कहते हैं—“मम्मी,...