Tuesday, August 11

Politics

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई चुनौती: क्या शुभेंदु अधिकारी को मिलेगा स्वतंत्र नेतृत्व का अवसर?
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बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई चुनौती: क्या शुभेंदु अधिकारी को मिलेगा स्वतंत्र नेतृत्व का अवसर?

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बाद Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री पद की शपथ तो ले ली है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या उन्हें राज्य चलाने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी या फिर वे केवल केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए दिखाई देंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि बंगाल जैसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य में शुभेंदु अधिकारी की असली परीक्षा अब शुरू होगी। चुनावी जीत हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि अवश्य है, लेकिन जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना उससे कहीं अधिक कठिन चुनौती माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुभेंदु अधिकारी वास्तव में बंगाल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं, तो उन्हें केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहने के बजाय राज्य के विकास पर विशेष ध्यान देना होगा। सबसे पहले उन्हें उन उद्...
बंगाल में ढहा ममता का अभेद्य किला! शुभेंदु अधिकारी ने दी ऐतिहासिक शिकस्त, 15 साल का सत्ता घमंड चकनाचूर
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बंगाल में ढहा ममता का अभेद्य किला! शुभेंदु अधिकारी ने दी ऐतिहासिक शिकस्त, 15 साल का सत्ता घमंड चकनाचूर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिला, जब लगभग 15 वर्षों तक सत्ता पर काबिज रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने ही गढ़ में सिमटकर मात्र 80 सीटों तक पहुंच गई। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पार्टी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को उनके ही प्रभाव क्षेत्र में कभी TMC का साधारण कार्यकर्ता रहे Suvendu Adhikari ने 15 हजार से अधिक वोटों के भारी अंतर से पराजित कर दिया। यह पहला अवसर नहीं है जब शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को राजनीतिक आईना दिखाया हो। इससे पहले वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को लगभग 2 हजार वोटों से हराया था। हालांकि उस समय TMC ने राज्य में बहुमत हासिल कर लिया था, जिसके कारण ममता की व्यक्तिगत हार बड़ा मुद्दा नहीं बन सकी थी। लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है ...
दो से अधिक संतान वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला
Politics, Rajasthan, State

दो से अधिक संतान वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला

जयपुर: राजस्थान की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया कि अब दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवार भी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत की सरकार ने करीब 30 साल पहले दो से अधिक बच्चों वाले लोगों पर चुनाव लड़ने की पाबंदी लगाई थी। उस समय यह कदम जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से उठाया गया था। अब भजनलाल सरकार ने इस पाबंदी को हटाकर चुनावी दायरे को व्यापक बनाया है और अधिक लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर दिया है। कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 2026 और राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2026 में संशोधन को मंजूरी दी है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि इस बदलाव के लिए सरकार जल्द ही विधेयक पेश करेगी। कैबिनेट की अन्य अहम...
एआई सम्मेलन में हंगामा: यूथ कांग्रेस नेताओं पर दंगे का आरोप, मुख्य साजिशकर्ता बताकर अध्यक्ष गिरफ्तार
Natioanal, Politics

एआई सम्मेलन में हंगामा: यूथ कांग्रेस नेताओं पर दंगे का आरोप, मुख्य साजिशकर्ता बताकर अध्यक्ष गिरफ्तार

नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक और कानूनी विवाद को जन्म दे दिया है। Delhi Police ने भारतीय युवा कांग्रेस के गिरफ्तार सदस्यों के खिलाफ अब दंगा करने और दंगा भड़काने की धाराएं भी जोड़ दी हैं। पुलिस ने Indian Youth Congress के अध्यक्ष Uday Bhanu Chib को प्रदर्शन का “मुख्य साजिशकर्ता” बताते हुए गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। क्या हैं आरोप? गिरफ्तारी मेमो के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने Bharat Mandapam में कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से एकत्र होकर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, ‘राष्ट्रविरोधी नारे’ लगाए और “दंगे जैसी स्थिति” पैदा करने का प्रयास किया। दिल्ली की एक अदालत ने चिब को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(1) (दंगा) और 192 (दंगा भड़क...
बंगाल में SIR के बीच रिकॉर्डतोड़ विवाह पंजीकरण, मुस्लिम दंपत्तियों की भागीदारी सबसे अधिक
Politics, State, West Bengal

बंगाल में SIR के बीच रिकॉर्डतोड़ विवाह पंजीकरण, मुस्लिम दंपत्तियों की भागीदारी सबसे अधिक

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया ने अप्रत्याशित रूप से विवाह पंजीकरण के आंकड़ों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। वर्ष 2025 में राज्य में 1,83,733 विवाह पंजीकृत हुए—जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है और 2022 के पिछले रिकॉर्ड (1,81,923) को भी पीछे छोड़ चुका है। SIR और दस्तावेज़ी जरूरतों का असर हालांकि विवाह प्रमाण पत्र SIR के लिए निर्धारित 14 मान्य दस्तावेजों में शामिल नहीं है, फिर भी महिला मतदाताओं के उपनाम और पते में बदलाव की पुष्टि के लिए सुनवाई के दौरान इसे सहायक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इसी कारण बड़ी संख्या में दंपत्तियों ने विवाह पंजीकरण कराया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए। मुस्लिम दंपत्तियों की संख्या सबसे अधिक विवाह महानिदेशक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, Special Marriage Act, 1954...
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: मांझी ने अड़ाई टांग, कुशवाहा की निगाहें दिल्ली फैसले पर
Bihar, Politics, State

बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: मांझी ने अड़ाई टांग, कुशवाहा की निगाहें दिल्ली फैसले पर

पटना: बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने एनडीए में हलचल बढ़ा दी है। चिराग पासवान के पारिवारिक दावेदारी को फिलहाल पीछे रखने के बाद, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने अपने लिए 'एक राज्यसभा सीट' की दावेदारी ठोक दी। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा भी दिल्ली में अंतिम फैसले की ओर अपनी नजरें गड़े हुए हैं। मांझी ने किया वादों की याद दिलाई मीडिया से बातचीत में जीतनराम मांझी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय उन्हें दो लोकसभा और एक राज्यसभा सीट का आश्वासन मिला था। उन्होंने यह साफ किया कि वे कोई मांग नहीं कर रहे, बल्कि गठबंधन के दौरान मिले आश्वासन की याद दिला रहे हैं। मांझी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चिराग पासवान ने अपनी मां को राज्यसभा भेजने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। पांचवीं सीट का रोमांच बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों में से बीजेपी और जेडीयू की दो-दो सीटें पक्की हैं। पांचवीं सीट...
शरद पवार के संसदीय जीवन के 60 साल: सुप्रिया और सुनेत्रा पवार ने साझा की पुरानी यादगार तस्वीर
Maharashtra, Politics, State

शरद पवार के संसदीय जीवन के 60 साल: सुप्रिया और सुनेत्रा पवार ने साझा की पुरानी यादगार तस्वीर

मुंबई/पुणे: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक शरद पवार ने अपने सार्वजनिक और संसदीय जीवन में 60 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 85 साल की उम्र में भी सक्रिय पवार साहेब को हाल ही में पुणे के रुबी हॉल क्लिनिक में डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। इस ऐतिहासिक मौके पर उनकी बहू और महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार और बेटी सुप्रिया सुले ने एक बेहद पुरानी और अनूठी तस्वीर साझा की। तस्वीर 1967 की है, जब शरद पवार पहली बार बारामती से विधायक बने थे। सुनेत्रा पवार का संदेश सुनेत्रा पवार ने लिखा:"आदरणीय शरद पवार साहेब का पब्लिक और पार्लियामेंट्री जीवन आज साठ साल का ऐतिहासिक पड़ाव पूरा कर रहा है। 1967 में शुरू हुआ उनका सार्वजनिक जीवन आज भी उसी ऊर्जा और वफादारी के साथ आगे बढ़ रहा है। महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव असेंबली से लेकर पार्लियामेंट हाउस तक, उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों को बखू...
गुजरात चुनाव आयोग के नए CEO बने संदीप सागले, अहमदाबाद और अन्य शहरों के चुनाव अब उनके जिम्मे
Gujarat, Politics, State

गुजरात चुनाव आयोग के नए CEO बने संदीप सागले, अहमदाबाद और अन्य शहरों के चुनाव अब उनके जिम्मे

अहमदाबाद। गुजरात में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पूरा होने के बाद केंद्रीय चुनाव आयोग ने राज्य के नए चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) के रूप में 2007 बैच के आईएएस अधिकारी संदीप सागले को नियुक्त किया है। संदीप सागले ने इससे पहले गुजरात के डायरेक्टर जनरल ऑफ स्पोर्ट्स अथॉरिटी की जिम्मेदारी संभाली थी। उनकी नियुक्ति से पहले यह पद आईएएस हरित शुक्ला (1999 बैच) के पास था, जिनके अधीन गुजरात में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण संपन्न हुआ। संदीप सागले कौन हैं? जन्म: 16 नवंबर 1973, महाराष्ट्र मूल घर: अकोला तहसील, अकोला जिला, महाराष्ट्र आईएएस बैच: 2007, गुजरात कैडर पूर्व पद: अहमदाबाद कलेक्टर, बनासकांठा और भरूच जिलों के कलेक्टर अन्य जिम्मेदारियां: गांधीनगर महानगरपालिका के कमिश्नर संदीप सागले को उनकी साफ-सुथरी छवि और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाना जाता है। ग...
‘100 विधायक लाओ, एक हफ्ते के लिए सीएम बन जाओ’: बयान पर सियासी घमासान, बीजेपी का पलटवार—‘अपने विधायक बचा लें तो बड़ी बात’
Politics, State, Uttar Pradesh

‘100 विधायक लाओ, एक हफ्ते के लिए सीएम बन जाओ’: बयान पर सियासी घमासान, बीजेपी का पलटवार—‘अपने विधायक बचा लें तो बड़ी बात’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में उस समय नया उबाल आ गया जब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी सरकार के दोनों डिप्टी सीएम को खुला ऑफर दे दिया। लखनऊ स्थित पार्टी दफ्तर में उन्होंने कहा, “100 विधायक लाओ और मुख्यमंत्री बन जाओ। जो 100 विधायक साथ लाएगा, वह एक हफ्ते के लिए मुख्यमंत्री बनेगा।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विदेश दौरे के बीच दिए गए इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने इसे लेकर सपा प्रमुख पर तीखा हमला बोला है। ‘पहले अपने विधायक संभाल लें’—केशव मौर्य डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी में बीजेपी से तो कोई आने वाला नहीं है। अखिलेश यादव अपने विधायकों को बचा लें तो बड़ी बात होगी।” उन्होंने सोशल मीडिया पर भी तंज कसते हुए लिखा कि गुंडई की राजनीति की विरासत ज्यादा दिन नहीं चलती। मौर्य के इस बयान के बाद सियासी जुबानी ज...
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का बड़ा कदम, वैश्विक संवाद को मिलेगा नया आयाम
Natioanal, Politics

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का बड़ा कदम, वैश्विक संवाद को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026। भारत की संसदीय कूटनीति को नई दिशा देते हुए लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूहों के गठन की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य दुनिया की विभिन्न संसदों के साथ भारत के संबंधों को और सुदृढ़ करना तथा प्रत्यक्ष संवाद को बढ़ावा देना है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब वैश्विक परिदृश्य में संवाद और सहयोग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। संसदीय मैत्री समूहों के माध्यम से भारत की संसद अब पारंपरिक कूटनीति के साथ-साथ संसदीय स्तर पर भी मजबूत और नियमित संपर्क स्थापित करेगी। सर्वदलीय भागीदारी से मजबूत होगा संदेश इन मैत्री समूहों में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसदों को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि इनमें कुछ विपक्षी सदस्य भी हैं, जिन्हें हाल ही में सदन में अनुशासनहीन व्यवहार के कारण निलंबित किया गया था। प्रमुख नेत...