बिहार में जमीन के जाली दस्तावेज बनाना पड़ेगा भारी, दोषियों को होगी 7 साल की जेल
पटना, 14 फरवरी 2026: बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े जाली दस्तावेज बनाने और पेश करने वालों पर सख्त रुख अपनाया है। अब ऐसे मामलों में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सात साल तक की जेल का प्रावधान होगा। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में दी।
विधानसभा में बड़ी घोषणा
शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जमीन के फर्जी कागजात बनाने वालों पर शिकंजा कस रही है। इस दौरान सदन ने विभाग के 21 अरब 90 करोड़ 15 लाख 1 हजार रुपए के बजट को सर्वसम्मति से पारित किया। हालांकि, विपक्षी दलों ने सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर वाकआउट किया।
जिला स्तर पर होंगे 'जनकल्याण संवाद'
विजय सिन्हा ने बताया कि 12 दिसंबर से प्रमंडल स्तर पर शुरू हुए 'भूमि सुधार जनकल्याण संवाद' अब जिला स्तर पर आयोजित...










