Wednesday, July 22

Politics

MP में अब सभी स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने जताया विरोध
Madhya Pradesh, Politics, State

MP में अब सभी स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने जताया विरोध

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों, मदरसों और सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सभी 6 छंदों का गायन अनिवार्य करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने इसे तुरंत लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बोले- राष्ट्रगीत में छुपी आजादी की ताकत डॉ. मोहन यादव ने कहा, "वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता संग्राम में देशवासियों को ऊर्जा दी और हमारे शहीदों के संघर्ष की याद दिलाई। इसका गायन हर जगह होना चाहिए। यह निर्णय युवा पीढ़ी को राष्ट्रवाद से जोड़ने में मदद करेगा।" कांग्रेस विधायक का विरोध- मजहबी आजादी पर अंकुश नहीं कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस फैसले का विरोध किया और कहा कि विवाद सम्मान का नहीं बल्कि मजहबी आजादी का है। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत सभी को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है। मसूद ने कहा, "वंदे मातरम् के कुछ छंद...
पश्चिम बंगाल: हुमायूं कबीर ने किया सनसनीखेज खुलासा, हत्या के लिए दी गई 2 करोड़ की सुपारी
Politics, State, West Bengal

पश्चिम बंगाल: हुमायूं कबीर ने किया सनसनीखेज खुलासा, हत्या के लिए दी गई 2 करोड़ की सुपारी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भूचाल मच गया है। टीएमसी से निष्कासित पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने शुक्रवार को सनसनीखेज बयान देते हुए कहा कि उनकी हत्या के लिए 2 करोड़ रुपये की सुपारी दी गई है। हुमायूं कबीर, जिन्होंने हाल ही में जनता उन्नयन पार्टी (JUP) की स्थापना की है, ने बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था। इसी मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। कबीर ने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में मस्जिद की नींव रख दी गई है और इसका निर्माण करीब दो साल में पूरा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक धृतिमान सरकार ने उनकी हत्या के लिए एक सुपारी किलर को नियुक्त किया है। 63 वर्षीय हुमायूं कबीर पहले ममता बनर्जी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों को गठबंधन का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन अब वे खुद को बंगाल के किंगमेकर के रूप में स...
राजस्थान विधानसभा में टीचर्स ट्रांसफर पर बहस, शिक्षा मंत्री ने बताया: नई नीति के बाद ही होंगे थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले
Politics, Rajasthan, State

राजस्थान विधानसभा में टीचर्स ट्रांसफर पर बहस, शिक्षा मंत्री ने बताया: नई नीति के बाद ही होंगे थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों को लेकर सियासी गरमा-गरम बहस हुई। भाजपा विधायक गोविंद प्रसाद के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ग्रेड थर्ड शिक्षकों के जिलों से बाहर ट्रांसफर का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक नई तबादला नीति तैयार नहीं होती, तब तक इस वर्ग के शिक्षकों के स्थानांतरण पर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री का बयान:मदन दिलावर ने सदन में कहा कि सरकार व्यापक तबादला नीति पर काम कर रही है और नीति के अंतिम रूप लेने के बाद ही ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादलों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि वर्तमान में जिलों से बाहर तबादले का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। विपक्ष ने उठाए सवाल:नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार से सवाल किया कि सवा दो साल बीत जाने के बाद भी नीति क्यों लागू नहीं हुई। शिक्ष...
बांग्लादेश में चुनाव के बीच भारत में चिंता और उम्मीद, नेताओं ने कहा—अल्पसंख्यकों की सुरक्षा हो, लोकतंत्र रहे मजबूत
Natioanal, Politics

बांग्लादेश में चुनाव के बीच भारत में चिंता और उम्मीद, नेताओं ने कहा—अल्पसंख्यकों की सुरक्षा हो, लोकतंत्र रहे मजबूत

नई दिल्ली। बांग्लादेश में लंबे समय बाद हो रहे संसदीय चुनाव के बीच भारत में राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। विभिन्न दलों के नेताओं ने बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और खासतौर पर अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ते हमलों को लेकर चिंता जताई है। नेताओं ने उम्मीद व्यक्त की कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा और नई सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। बीजेपी नेताओं ने जताई चिंता भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि बांग्लादेश में जो भी सरकार बने, वह उसे शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन उन्होंने चेताया कि हाल के वर्षों में वहां का माहौल सांप्रदायिकता और उग्रवादी गतिविधियों से प्रभावित रहा है। उन्होंने कहा कि चरमपंथी ताकतों ने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने और निर्वाचित पदाधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिश की है। भाजपा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि बांग...
गुजरात SIR विवाद: कांग्रेस का आरोप—बीजेपी लाखों योग्य मतदाताओं का वोटिंग अधिकार छीनने की साजिश कर रही
Gujarat, Politics, State

गुजरात SIR विवाद: कांग्रेस का आरोप—बीजेपी लाखों योग्य मतदाताओं का वोटिंग अधिकार छीनने की साजिश कर रही

अहमदाबाद। गुजरात में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी के इशारे पर फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर लाखों वास्तविक और योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए इसे “वोट चोरी की साजिश” करार दिया है। कांग्रेस के अनुसार SIR प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में वर्ष 2002 की मतदाता सूची से करीब 74 लाख नाम हटाए गए, जिससे राज्य में बड़ी संख्या में मतदाताओं के अधिकारों पर सवाल खड़े हो गए हैं। फॉर्म-7 पर अचानक बढ़े ऑब्जेक्शन, कांग्रेस ने जताई साजिश की आशंका गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख अमित चावड़ा ने कहा कि 15 जनवरी तक चुनाव आयोग के पास फॉर्म-7 के आवेदन बेहद कम थे, लेकिन 15 जनवरी के बाद अचानक इनकी संख...
पुणे में बंगाली बोलने पर प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र सरकार को दी चेतावनी
Politics, State, West Bengal

पुणे में बंगाली बोलने पर प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र सरकार को दी चेतावनी

कोलकाता/पुणे: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुणे, महाराष्ट्र में बंगाली प्रवासी मजदूर सुखेन महतो की हत्या की निंदा की है। ममता बनर्जी ने इसे हेट क्राइम करार देते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं हुई तो अंजाम बुरा होगा। हेट क्राइम की गंभीरता पर जोरममता बनर्जी ने ट्वीट के माध्यम से कहा, “मैं शब्दों से परे विचलित, क्रोधित और आहत हूं। सुखेन महतो, जो अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था, उसकी पुणे में बर्बर हत्या कर दी गई। यह सीधे-सीधे हेट क्राइम है। एक युवा को उसकी भाषा, पहचान और जड़ों की वजह से निशाना बनाया गया। उसे प्रताड़ित किया गया और मार डाला गया।” परिवार और बंगाल के प्रति सहानुभूतिमुख्यमंत्री ने कहा कि सुखेन के परिवार से बंगाल पूरा खड़ा है और न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने आरोपियों...
चीन को रोकने के लिए भारत का साथ जरूरी: ट्रंप प्रशासन
Politics, World

चीन को रोकने के लिए भारत का साथ जरूरी: ट्रंप प्रशासन

वॉशिंगटन: अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती ताकत का मुकाबला करने के लिए भारत को एक अहम और भरोसेमंद सहयोगी बताया है। अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री पॉल कपूर ने बुधवार को हाउस की विदेश मामलों की कमेटी के सब-कमेटी में यह बात कही। भारत का महत्व कपूर ने कहा कि एक ऐसा मजबूत और स्वतंत्र भारत, जो अपने दम पर विकास कर सके और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके, अमेरिका के रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि भारत की मजबूती इंडो-पैसिफिक में चीन की विस्तारवादी क्षमता को कमजोर करती है। रूसी तेल और ऊर्जा संबंध अमेरिका ने यह भी बताया कि भारत रूस से तेल की खरीद कम कर रहा है और अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा खरीद रहा है। पॉल कपूर ने कहा कि नई दिल्ली की अमेरिकी तेल खरीदने की संभावनाएं भी सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि भारत का आर्थिक विकास और स्वतंत्र मिलिट...
हिमंत के ‘पॉइंट-ब्लैंक शॉट’ वाले विवादित वीडियो पर घमासान, बीजेपी ने सोशल मीडिया को-कन्वीनर को पार्टी से निकाला
Assam, Politics, State

हिमंत के ‘पॉइंट-ब्लैंक शॉट’ वाले विवादित वीडियो पर घमासान, बीजेपी ने सोशल मीडिया को-कन्वीनर को पार्टी से निकाला

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का विवादित AI वीडियो और उससे उत्पन्न राजनीतिक विवाद अब और बढ़ गया है। बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया को-कन्वीनर रॉन विकास गौरव को पार्टी से हटा दिया। गौरव ने असम बीजेपी के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें सीएम को अल्पसंख्यक समुदाय पर बंदूक ताने हुए दिखाया गया और कैप्शन में लिखा गया था, “पॉइंट-ब्लैंक शॉट”। वीडियो विवाद और राजनीतिक प्रतिक्रिया:यह वीडियो 7 फरवरी को पोस्ट किया गया था, लेकिन राजनीतिक विरोध और आलोचना के बाद इसे हटा दिया गया। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) ने इस मामले में दिसपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। कांग्रेस के एमएलए सिबामोनी बोरा और दिगंत बर्मन ने आरोप लगाया कि यह वीडियो बहुत भड़काने वाला और सांप्रदायिक था, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। शिकायत में कहा गया कि वीडियो में सीएम सरमा को मुस्...
राजस्थान विधानसभा में बजट बहस का आगाज़, दीया कुमारी ने स्पष्ट किया: स्टेट हाइवे टोल फ्री नहीं होंगे
Politics, Rajasthan, State

राजस्थान विधानसभा में बजट बहस का आगाज़, दीया कुमारी ने स्पष्ट किया: स्टेट हाइवे टोल फ्री नहीं होंगे

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में गुरुवार से बजट पर बहस शुरू हो गई है। प्रश्नकाल और शून्यकाल के बाद विधायकों द्वारा सरकार की नीतियों, योजनाओं और बजट प्रावधानों पर कड़ा सवाल-जवाब किया जा रहा है। इस दौरान विपक्षी कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा के बीच वार-पलटवार का दौर देखने को मिल रहा है। टोल फ्री को लेकर सरकार का स्पष्ट रुखसिकराय से भाजपा विधायक विक्रम बंशीवाल ने स्टेट हाईवे पर छोटे वाहनों के टोल फ्री होने को लेकर सवाल उठाया। इस सवाल का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने बताया कि वसुंधरा राजे सरकार के दौरान छोटे वाहनों से स्टेट हाईवे टोल माफ किया गया था। लेकिन बाद में कांग्रेस सरकार ने इसे बदलते हुए फिर से टोल वसूली शुरू कर दी। वर्तमान में छोटे वाहनों के टोल माफ करने की कोई योजना प्रक्रियाधीन नहीं है। अगले सप्ताह संभावित घोषणाएंडिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी अगले सप्ताह बजट बहस का ...
गुवाहाटी। असम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है और राज्य की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने जानकारी दी कि यह प्रक्रिया 10 फरवरी को समाप्त हुई, जो नवंबर से राज्य के सभी 35 जिलों में चल रही थी।  इस विशेष अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाया जा सके।  5.86 लाख नए नाम जुड़े, 2.43 लाख नाम हटाए गए  मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार सत्यापन अभियान में लगभग 6.27 लाख ऐसे युवाओं की पहचान हुई जिनकी उम्र 18 वर्ष हो चुकी है या होने वाली है।  इसके अलावा अंतिम सूची में:  5.86 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए  2.43 लाख नाम मसौदा सूची से हटाए गए  उन्होंने बताया कि यह हटाए गए नाम कुल मसौदा सूची का लगभग 0.97 प्रतिशत हैं।  35 में से 24 जिलों में मतदाता संख्या घटी  निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, असम के 35 जिलों में से 24 जिलों में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई, जबकि 11 जिलों में मतदाता संख्या बढ़ी है।  आंकड़ों में यह बदलाव कुछ सौ से लेकर 30 हजार से अधिक तक दर्ज किया गया।  आदिवासी और पहाड़ी जिलों में बड़ी गिरावट  रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के तीन पहाड़ी जिलों और बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों में मतदाता संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई।  इसके साथ ही कामरूप और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में भी वोटरों की संख्या कम हुई है, जहां राज्य की राजधानी गुवाहाटी स्थित है।  मुस्लिम बहुल जिलों में वोटर बढ़े  सबसे अहम बात यह सामने आई है कि असम के अधिकांश मुस्लिम बहुल जिलों में मसौदा सूची की तुलना में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, बहुसंख्यक आदिवासी जनसंख्या वाले जिलों में वोटरों की संख्या घटने से इस प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।  निर्वाचन अधिकारी बोले—विशेष पुनरीक्षण में गिरावट सामान्य  मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने कहा कि अधिकारियों ने पूरी सतर्कता के साथ मतदाता सूची को अपडेट किया है और यह सुनिश्चित किया गया कि सूची अधिकतम त्रुटिरहित हो।  उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी जब विशेष पुनरीक्षण होता है, तो आमतौर पर मतदाता संख्या में गिरावट देखने को मिलती है, क्योंकि मृत, स्थानांतरित या फर्जी नाम हटाए जाते हैं।  जनता से अपील—मतदाता सूची में नाम जरूर जांचें  मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य की जनता से अपील की है कि अंतिम सूची प्रकाशित हो चुकी है, इसलिए हर नागरिक को अपना नाम दोबारा जांच लेना चाहिए।  उन्होंने कहा कि लोग:  Voter Helpline App  voters.eci.gov.in पोर्टल  या अपने BLO से संपर्क कर सूची में अपना नाम सत्यापित कर सकते हैं।  उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो अपडेट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और नामांकन की अंतिम तिथि तक सूची में सुधार जारी रहेगा।
Politics, State, West Bengal

गुवाहाटी। असम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है और राज्य की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने जानकारी दी कि यह प्रक्रिया 10 फरवरी को समाप्त हुई, जो नवंबर से राज्य के सभी 35 जिलों में चल रही थी। इस विशेष अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाया जा सके। 5.86 लाख नए नाम जुड़े, 2.43 लाख नाम हटाए गए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार सत्यापन अभियान में लगभग 6.27 लाख ऐसे युवाओं की पहचान हुई जिनकी उम्र 18 वर्ष हो चुकी है या होने वाली है। इसके अलावा अंतिम सूची में: 5.86 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए 2.43 लाख नाम मसौदा सूची से हटाए गए उन्होंने बताया कि यह हटाए गए नाम कुल मसौदा सूची का लगभग 0.97 प्रतिशत हैं। 35 में से 24 जिलों में मतदाता संख्या घटी निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, असम के 35 जिलों में से 24 जिलों में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई, जबकि 11 जिलों में मतदाता संख्या बढ़ी है। आंकड़ों में यह बदलाव कुछ सौ से लेकर 30 हजार से अधिक तक दर्ज किया गया। आदिवासी और पहाड़ी जिलों में बड़ी गिरावट रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के तीन पहाड़ी जिलों और बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों में मतदाता संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। इसके साथ ही कामरूप और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में भी वोटरों की संख्या कम हुई है, जहां राज्य की राजधानी गुवाहाटी स्थित है। मुस्लिम बहुल जिलों में वोटर बढ़े सबसे अहम बात यह सामने आई है कि असम के अधिकांश मुस्लिम बहुल जिलों में मसौदा सूची की तुलना में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, बहुसंख्यक आदिवासी जनसंख्या वाले जिलों में वोटरों की संख्या घटने से इस प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। निर्वाचन अधिकारी बोले—विशेष पुनरीक्षण में गिरावट सामान्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने कहा कि अधिकारियों ने पूरी सतर्कता के साथ मतदाता सूची को अपडेट किया है और यह सुनिश्चित किया गया कि सूची अधिकतम त्रुटिरहित हो। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी जब विशेष पुनरीक्षण होता है, तो आमतौर पर मतदाता संख्या में गिरावट देखने को मिलती है, क्योंकि मृत, स्थानांतरित या फर्जी नाम हटाए जाते हैं। जनता से अपील—मतदाता सूची में नाम जरूर जांचें मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य की जनता से अपील की है कि अंतिम सूची प्रकाशित हो चुकी है, इसलिए हर नागरिक को अपना नाम दोबारा जांच लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग: Voter Helpline App voters.eci.gov.in पोर्टल या अपने BLO से संपर्क कर सूची में अपना नाम सत्यापित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो अपडेट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और नामांकन की अंतिम तिथि तक सूची में सुधार जारी रहेगा।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है। भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्यभर से मुगल शासकों से जुड़े नाम और निशान हटाए जाएंगे। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में बंगाल में बाबर जैसे “विदेशी हमलावरों” के नाम सार्वजनिक स्थानों पर बने रहेंगे, लेकिन भाजपा सरकार बनने पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। ‘अप्रैल तक इंतजार कीजिए, फिर देखिए क्या होता है’ भाजपा नेता ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में भाजपा सरकार बनाएगी और उसके बाद बंगाल में मुगल शासकों से जुड़े नामों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा—“अप्रैल तक इंतजार करें, जब हम...