डॉ. भीमराव आंबेडकर: दलितों और अल्पसंख्यकों के मसीहा, आंबेडकर नाम की कहानी
नई दिल्ली, 5 दिसंबर: देश के सामाजिक सुधारक, संविधान निर्माता और दलितों के मसीहा डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर का जीवन हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उनके योगदान, उपलब्धियों और समाज में उनके अद्वितीय स्थान को याद करते हुए महापरिनिर्णय दिवस मनाया जाता है।
बचपन और प्रारंभिक जीवन:डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में एक महार परिवार में हुआ था। उनका मूल नाम भीमराव सकपाल था। पिता का नाम रामजी राव, माता का नाम भीमाबाई और दादा का नाम मालोजी सकपाल था।
भीमराव का बचपन जातिवाद और सामाजिक भेदभाव की कठोर परिस्थितियों में बीता। उनके गांव और समाज में महार जाति को अछूत माना जाता था। बावजूद इसके, भीमराव ने पढ़ाई में अव्वल रहकर अपनी प्रतिभा साबित की।
सकपाल से आंबेडकर तक:भीमराव ने प्रारंभिक शिक्षा सतारा की प्राथमिक पाठशाला से प्राप्त की और 1900 में गवर्नमेंट वर्नाक्यूलर हाईस्कूल स...










