Wednesday, July 22

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विदेश में पढ़ाई से पहले जान लें ये 5 बातें, जर्मनी में PhD करने वाले भारतीय ने दी 100% काम की सलाह
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विदेश में पढ़ाई से पहले जान लें ये 5 बातें, जर्मनी में PhD करने वाले भारतीय ने दी 100% काम की सलाह

  नई दिल्ली: विदेश में पढ़ाई का सपना हर भारतीय छात्र देखता है, लेकिन हर किसी के लिए यह सही विकल्प नहीं होता। जर्मनी से पीएचडी करने वाले एक भारतीय छात्र ने अपने अनुभव के आधार पर बताया कि किन हालातों में विदेश में पढ़ाई करना वाकई फायदेमंद होता है।   दुनिया भर में 150 से अधिक देशों में 18 लाख से ज्यादा भारतीय पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से कुछ बैचलर्स, कुछ मास्टर्स और कुछ पीएचडी कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि किसे वास्तव में विदेश में पढ़ाई के लिए जाना चाहिए।   विदेश में छात्र का अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर इस छात्र ने साझा किया कि आर्थिक रूप से सीमित परिवार के बावजूद उसने भारत की टियर-1 यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप पाई। इसके बाद जर्मनी में पीएचडी की, जहां उसे 4 साल तक हर महीने लगभग 2100 यूरो भी मिले। इससे उसकी पढ़ाई मुफ्त हुई और कुछ पैसे भी बच गए। पीएचडी पूरी कर...
एक गलत जवाब और छिन गया H-1B वीजा! भारतीय ने बताया—ऐसा क्या कहा कि टूट गया अमेरिका में जॉब का सपना
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एक गलत जवाब और छिन गया H-1B वीजा! भारतीय ने बताया—ऐसा क्या कहा कि टूट गया अमेरिका में जॉब का सपना

नई दिल्ली: अमेरिका में नौकरी पाने का सपना देखने वाले भारतीयों के लिए H-1B वीजा अब पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण बन गया है। वीजा इंटरव्यू के दौरान एक भी गलत जवाब या हिचकिचाहट आवेदक के लिए महंगी पड़ सकती है।   हाल ही में एक भारतीय वर्कर ने Reddit पर साझा किया कि उसके H-1B वीजा इंटरव्यू में सिर्फ ‘ना’ कहने भर से उसका सपना टूट गया। अमेरिकी वीजा अधिकारी ने उससे पूछा कि क्या उसने DS-160 फॉर्म में अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी दी है। जब उसने इसका जवाब नहीं दिया, तो अधिकारी ने उसका पासपोर्ट भी नहीं लिया और उसे DS-5535 फॉर्म भरने के लिए कहा। इस फॉर्म में सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की डिटेल्स देने के साथ यह सुनिश्चित करना होता है कि ये अकाउंट पब्लिक हों। इसके बाद उसके वीजा आवेदन पर ‘रिफ्यूज्ड’ का स्टेटस दिखने लगा।   सोशल मीडिया जांच अब अनिवार्य अमेरिका ने 15 दिसंबर से नए नियम...
बीटेक के बाद करियर विकल्प: सॉफ्टवेयर इंजीनियर या सॉफ्टवेयर डेवलपर – कौन बेहतर और किसमें मोटी सैलरी?
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बीटेक के बाद करियर विकल्प: सॉफ्टवेयर इंजीनियर या सॉफ्टवेयर डेवलपर – कौन बेहतर और किसमें मोटी सैलरी?

    बीटेक करने के बाद आईटी सेक्टर में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए सबसे चर्चित विकल्पों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर और सॉफ्टवेयर डेवलपर के रोल शामिल हैं। हालांकि दोनों के नाम में फर्क कम लगता है, लेकिन काम और करियर पथ में अंतर है। सही विकल्प चुनने के लिए दोनों प्रोफाइल के बारे में समझना जरूरी है।   सॉफ्टवेयर इंजीनियर कौन होते हैं?   सॉफ्टवेयर इंजीनियर सिस्टम को डिजाइन, डेवलप, टेस्ट और मेंटेन करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। उनका ध्यान मुख्य रूप से सिस्टम आर्किटेक्चर, परफॉर्मेंस और विश्वसनीयता पर रहता है। इस रोल में लंबी अवधि की प्रोजेक्ट प्लानिंग और समस्या समाधान शामिल होता है।   सॉफ्टवेयर डेवलपर कौन होते हैं?   सॉफ्टवेयर डेवलपर मुख्य रूप से एप्लिकेशन या सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट के लिए कोड लिखने, टेस्ट करने और उसे मेंटेन करने का काम करते हैं। वे यूजर की जरूरत...
BARC भर्ती 2025: भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में साइंटिफिक ऑफिसर की वैकेंसी, 1.35 लाख तक सैलरी, ऐसे करें आवेदन
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BARC भर्ती 2025: भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में साइंटिफिक ऑफिसर की वैकेंसी, 1.35 लाख तक सैलरी, ऐसे करें आवेदन

यदि आप परमाणु विज्ञान और तकनीक से जुड़े क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक हैं, तो आपके लिए भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) ने शानदार अवसर निकाला है। BARC ने साइंटिफिक ऑफिसर ग्रेड-A के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जहां चयनित उम्मीदवार को बेसिक पे के साथ साथ बढ़ोतरी और एमटेक में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर 1,35,000 रुपये तक का वेतन मिलेगा।   BARC वैकेंसी 2025 – जरूरी जानकारी   पद का नाम: साइंटिफिक ऑफिसर ग्रेड-A भर्ती निकाय: भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) आवेदन की शुरुआत: 22 दिसंबर 2025 आवेदन की अंतिम तिथि: 21 जनवरी 2026 आयु सीमा: 18-26 वर्ष (आरक्षित श्रेणियों को छूट) सैलरी/स्टाइपेंड: 70,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड + 30,000 रुपये बुक अलाउंस, एमटेक ट्यूशन फीस सालाना 60,000 रुपये। नियुक्ति के बाद बेसिक पे 56,100 रुपये (लेवल-10), बढ़ोतरी के बाद 1,35,000 रुपये तक। चयन प्रक्रिया...
शिक्षा में बदलावों का साल होगा 2026: स्कूल से कॉलेज तक इन 5 बड़े फैसलों पर टिकी रहेंगी नजरें
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शिक्षा में बदलावों का साल होगा 2026: स्कूल से कॉलेज तक इन 5 बड़े फैसलों पर टिकी रहेंगी नजरें

    नई दिल्ली। बीते कुछ वर्षों से देश की शिक्षा व्यवस्था बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। नई शिक्षा नीति, परीक्षा सुधार, पाठ्यक्रम में संशोधन और विदेशी विश्वविद्यालयों की एंट्री जैसे फैसलों ने शिक्षा जगत में व्यापक बहस को जन्म दिया है। इसी कड़ी में साल 2026 शिक्षा के मोर्चे पर बेहद अहम साबित होने वाला है, जब स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बड़े फैसलों का असर जमीन पर दिखाई देगा।   विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में शिक्षा से जुड़े जिन पांच बड़े बदलावों, चुनौतियों और घटनाक्रमों पर सबसे ज्यादा निगाहें रहेंगी, वे इस प्रकार हैं—     10वीं में दो बार बोर्ड परीक्षा: कितना सफल होगा प्रयोग?   साल 2026 से सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित करेगा। पहला एग्जाम फरवरी के मध्य और दूसरा मई के मध्य में होगा। छात्रों को दोनों में से बेहतर प्रदर्शन क...
जिसे समझा गया ‘बुद्धू’, उसी ने फोड़ा IIT-JEE: मां के विश्वास ने गोलेम इफेक्ट को दी मात
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जिसे समझा गया ‘बुद्धू’, उसी ने फोड़ा IIT-JEE: मां के विश्वास ने गोलेम इफेक्ट को दी मात

    नई दिल्ली। अक्सर बच्चों को उनकी शुरुआती आदतों और व्यवहार के आधार पर आंक लिया जाता है। कभी-कभी यही लेबल उनके भविष्य पर भारी पड़ जाता है। लेकिन कुछ कहानियां ऐसी भी होती हैं, जो यह साबित कर देती हैं कि विश्वास, धैर्य और सही समझ किसी भी बच्चे की किस्मत बदल सकते हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है आईआईटी बॉम्बे के छात्र करन सुखदेव की।   जिस बच्चे को नर्सरी में ही उसकी टीचर ने “बुद्धू” कहकर खारिज कर दिया था, वही आगे चलकर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल IIT-JEE को पास कर आईआईटी बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में दाखिला लेने में सफल हुआ।   ‘इसे प्राइवेट स्कूल में मत पढ़ाइए’   करन सुखदेव ने हाल ही में सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में उस घटना को याद किया, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। वीडियो में उनकी मां बताती हैं कि जब करन नर्सरी में था, तब उसकी टीचर न...
NBE परीक्षा कैलेंडर 2026 जारी: मेडिकल की 11 प्रमुख परीक्षाएं जनवरी से जून तक होंगी आयोजित
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NBE परीक्षा कैलेंडर 2026 जारी: मेडिकल की 11 प्रमुख परीक्षाएं जनवरी से जून तक होंगी आयोजित

  नई दिल्ली। मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेस (NBEMS) ने वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली मेडिकल परीक्षाओं का संभावित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। यह परीक्षाएं जनवरी 2026 से जून 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी।   इस कैलेंडर में एफएमजीई, डीएनबी, डिप्लोमा, जीपीएटी, फेलोशिप और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तिथियां शामिल हैं। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम टेंटेटिव (अस्थायी) है और आवश्यकता पड़ने पर इसमें बदलाव किया जा सकता है।   एनबीईएमएस परीक्षा कैलेंडर 2026 (संभावित)   NBEMS डिप्लोमा फाइनल परीक्षा (दिसंबर 2025 सत्र) – 6, 7 और 8 जनवरी 2026 FMGE दिसंबर 2025 – 17 जनवरी 2026 FDST MDS 2025 – 21 फरवरी 2026 FDST BDS 2025 – 1 मार्च 2026 ग्रेजुए...
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2026: अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, अब नहीं होगी निगेटिव मार्किंग
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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2026: अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, अब नहीं होगी निगेटिव मार्किंग

    लखनऊ। यूपी पुलिस में कॉन्स्टेबल और जेल वार्डर भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने इन दोनों पदों की भर्ती परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग समाप्त करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।   इस फैसले के बाद अब परीक्षा में गलत उत्तर देने पर अभ्यर्थियों के अंक नहीं काटे जाएंगे। इससे उम्मीदवार बिना डर के अधिक प्रश्न हल कर सकेंगे और बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।   पहले क्या था नियम   अब तक यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक मिलते थे, जबकि गलत उत्तर देने पर 0.5 अंक की कटौती की जाती थी। यही व्यवस्था जेल वार्डर भर्ती परीक्षा में भी लागू थी। लेकिन नए निर्णय के तहत यह निगेटिव मार्किंग पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।   अभ्यर्थियों ...
बिहार पुलिस SI परीक्षा 2025: आज जारी होंगे एडमिट कार्ड, ऐसे करें डाउनलोड
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बिहार पुलिस SI परीक्षा 2025: आज जारी होंगे एडमिट कार्ड, ऐसे करें डाउनलोड

    बिहार पुलिस सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा 2025 में शामिल होने जा रहे उम्मीदवारों के लिए अहम खबर है। बिहार पुलिस अवर सेवा चयन आयोग (BPSSC) आज, 30 दिसंबर 2025 से दरोगा भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड (E-Admit Card) जारी कर रहा है। जिन अभ्यर्थियों ने 1799 पदों के लिए आवेदन किया है, वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।   एडमिट कार्ड डाउनलोड किए बिना उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।   कब होगी बिहार पुलिस SI परीक्षा?   बिहार सरकार के गृह विभाग के तहत पुलिस अवर निरीक्षक की प्रारंभिक लिखित परीक्षा 18 जनवरी 2026 (रविवार) और 21 जनवरी 2026 (बुधवार) को आयोजित की जाएगी।   परीक्षा दोनों दिनों में दो पालियों में होगी—   पहली पाली: सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दूसरी पाली: दो...
विदेश नौकरी के लिए एजेंट की जरूरत नहीं, सरकार के इस पोर्टल पर खुद ढूंढें सुरक्षित जॉब
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विदेश नौकरी के लिए एजेंट की जरूरत नहीं, सरकार के इस पोर्टल पर खुद ढूंढें सुरक्षित जॉब

    नई दिल्ली। विदेश में नौकरी का सपना देखने वाले लाखों भारतीयों के लिए एक राहत भरी खबर है। अब जॉब के नाम पर धोखाधड़ी से बचने और एजेंटों के चक्कर में फंसने की जरूरत नहीं है। भारत सरकार ने एक ऐसा आधिकारिक और सुरक्षित पोर्टल तैयार किया है, जहां इच्छुक उम्मीदवार खुद ही विदेश में नौकरी ढूंढ सकते हैं और सीधे आवेदन भी कर सकते हैं।   दरअसल, कंबोडिया, म्यांमार, लाओस जैसे देशों में भारतीयों के साथ जॉब के नाम पर ठगी और जबरन बंधक बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आने के बाद सरकार अलर्ट हुई है। इसी को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने ई-माइग्रेट (E-Migrate) पोर्टल को मजबूत किया है।   क्या है ई-माइग्रेट पोर्टल?   ई-माइग्रेट पोर्टल भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की पहल है। इसका उद्देश्य विदेश जाने वाले भारतीय श्रमिकों और प्रोफेशनल्स को धोखाधड़ी, शोषण और फर्जी एजेंटों से बचाना है। &...