Wednesday, August 12

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भारतीय वायुसेना में भर्ती का सुनहरा अवसर, अग्निवीर वायु INTAKE 01/2027 के लिए आवेदन शुरू
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भारतीय वायुसेना में भर्ती का सुनहरा अवसर, अग्निवीर वायु INTAKE 01/2027 के लिए आवेदन शुरू

नई दिल्ली। देश की सेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय वायुसेना (IAF) ने अग्निवीर वायु INTAKE 01/2027 के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के लिए अविवाहित पुरुष और महिला उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 1 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। वायुसेना की ओर से जारी सूचना के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 12 जनवरी 2026 से शुरू हो चुके हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन के लिए लिखित परीक्षा 30 और 31 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी।   कहां और कैसे करें आवेदन अग्निवीर वायु भर्ती के लिए आवेदन भारतीय वायुसेना की आधिकारिक वेबसाइट iafrecruitment.edcil.co.in पर किए जा रहे हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।   भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारियां भर्ती संगठन: भारती...
‘मेडिकल कॉलेज जाना बेकार है…’ एलन मस्क की चौंकाने वाली भविष्यवाणी, बोले—3 साल में डॉक्टरों से बेहतर होंगे AI रोबोट
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‘मेडिकल कॉलेज जाना बेकार है…’ एलन मस्क की चौंकाने वाली भविष्यवाणी, बोले—3 साल में डॉक्टरों से बेहतर होंगे AI रोबोट

नई दिल्ली। टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने चिकित्सा शिक्षा और डॉक्टरों के भविष्य को लेकर एक ऐसी भविष्यवाणी की है, जिसने दुनिया भर में बहस छेड़ दी है। मस्क का कहना है कि आने वाले तीन वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ह्यूमनॉइड रोबोट्स मेडिकल फील्ड में इंसानी डॉक्टरों से बेहतर प्रदर्शन करने लगेंगे, ऐसे में मेडिकल कॉलेज जाना “बेकार” साबित हो सकता है। एलन मस्क ने यह टिप्पणी एक्स प्राइज फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पीटर डायमंडिस के पॉडकास्ट में की। इस दौरान शिक्षा, तकनीक और हेल्थकेयर के भविष्य पर चर्चा करते हुए मस्क ने कहा कि एक महान डॉक्टर बनने में वर्षों लग जाते हैं, जबकि तकनीक बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है।   मेडिकल कॉलेज को क्यों बताया ‘बेकार’? पॉडकास्ट में जब मस्क से पूछा गया कि क्या मेडिकल स्कूल जाना अब जरूरी नहीं रहा, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा— “हां, य...
राजस्थान में 10 हजार से अधिक पदों पर बंपर भर्ती, RSSB ने जारी किया LDC व जूनियर असिस्टेंट का नोटिफिकेशन
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राजस्थान में 10 हजार से अधिक पदों पर बंपर भर्ती, RSSB ने जारी किया LDC व जूनियर असिस्टेंट का नोटिफिकेशन

जयपुर। राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने लिपिक ग्रेड-II (LDC) और कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) के पदों पर संयुक्त सीधी भर्ती-2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 10,644 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। RSSB की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 जनवरी 2026 से शुरू होकर 13 फरवरी 2026 तक चलेगी। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in या राजस्थान के SSO पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।   इन विभागों में होगी नियुक्ति इस भर्ती के माध्यम से राज्य के कई अहम विभागों में पद भरे जाएंगे, जिनमें प्रमुख रूप से— राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रशासनिक सुधार विभाग कृषि विपणन निदेशालय (कृषि उपज मंडी समितियां) राजस्थान ...
CBSE बोर्ड में बड़ा बदलाव: 10वीं में साल में दो बार परीक्षा, नई मार्कशीट का फॉर्मेट तय; 11वीं–12वीं पर भी अहम अपडेट
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CBSE बोर्ड में बड़ा बदलाव: 10वीं में साल में दो बार परीक्षा, नई मार्कशीट का फॉर्मेट तय; 11वीं–12वीं पर भी अहम अपडेट

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए वर्ष 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार कराने का फैसला किया है। इसके साथ ही मार्कशीट का नया फॉर्मेट भी तैयार कर लिया गया है, जिसे दूसरी बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बाद जारी किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का एक अतिरिक्त अवसर देना है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, फरवरी 2026 के मध्य से दो चरणों में बोर्ड परीक्षा की शुरुआत होगी। पहले चरण के रिजल्ट के बाद छात्रों को केवल मार्क्स स्टेटमेंट दी जाएगी, जिसके आधार पर वे कक्षा 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन ले सकेंगे। जबकि दूसरे चरण की परीक्षा के बाद फाइनल रिजल्ट और प्रिंटेड मार्कशीट उपलब्ध कराई जाएगी।   दो बोर्ड परीक्षाओं में कैसी होगी 10वीं की नई मार्कशीट? CBSE क...
राजस्थान 2026 भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी: 1 लाख से अधिक पदों पर मिलेगी भर्ती, देखें पूरी सूची
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राजस्थान 2026 भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी: 1 लाख से अधिक पदों पर मिलेगी भर्ती, देखें पूरी सूची

जयपुर: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजस्थान सरकार ने 2026 में होने वाली 44 भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर के अनुसार 1 लाख से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया होगी। उम्मीदवार अब आसानी से यह देख सकते हैं कि कौन-सी परीक्षा कब आयोजित होगी और उनके पास तैयारी के लिए कितना समय है। प्रमुख परीक्षाओं की जानकारी इस कैलेंडर में शिक्षा विभाग, राजस्थान राज्य एंव अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त) परीक्षा, सफाई कर्मचारी भर्ती, कॉन्स्टेबल भर्ती और अन्य महत्वपूर्ण भर्तियों का विवरण दिया गया है। उदाहरण के लिए: राजस्थान प्राथमिक विद्यालय अध्यापक (लेवल-I) – 5449 पद, जनवरी सहायक कृषि अभियंता भर्ती – 281 पद, अप्रैल कॉन्स्टेबल परीक्षा – 4000 पद, जून-जुलाई लिपिक ग्रेड-II/कनिष्ठ सहायक – 10,644 पद, जुलाई सफाई कर्मचारी भर्ती – 24,793 पद, अक्टूबर...
पिता चलाते हैं ऑटो, सेना में अफसर बनकर लौटी बेटी… रेवाड़ी जिले में हासिल की टॉप रैंक
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पिता चलाते हैं ऑटो, सेना में अफसर बनकर लौटी बेटी… रेवाड़ी जिले में हासिल की टॉप रैंक

रेवाड़ी (हरियाणा): “म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के…” – यह डायलॉग दंगल फिल्म का सिर्फ संवाद नहीं, बल्कि हरियाणा की बेटियों की मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुका है। इसी में से एक हैं जिया, जिन्होंने अपने कठिन परिश्रम और परिवार के सहयोग से UPSC नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) एग्जाम में रेवाड़ी जिले में टॉप रैंक हासिल की और सेना में लेफ्टिनेंट बनकर लौटकर गांव का नाम रोशन किया। ऑटो चलाते हैं पिता, घर संभालती मां जिया बावल क्षेत्र के गांव सुलखा की रहने वाली हैं। उनके पिता मोहन लाल ऑटो रिक्शा चलाते हैं और मां रेखा देवी गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने जिया और उनके दो भाई-बहनों – पारुल और हिमांशु – को अच्छी पढ़ाई दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकारी स्कूल से पढ़ाई, बड़े सपने जिया ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सुलखा से 12वीं तक की पढ़ाई की। उनकी सफलता साबित करती है कि मेहनत ...
‘लोन लेकर पढ़ने आए, तो दिवालिया होने का खतरा’, भारतीय छात्रों को आयरलैंड से चेतावनी
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‘लोन लेकर पढ़ने आए, तो दिवालिया होने का खतरा’, भारतीय छात्रों को आयरलैंड से चेतावनी

नई दिल्ली: आयरलैंड में उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों की बढ़ती रुचि के बीच एक गंभीर चेतावनी सामने आई है। देश में पढ़ाई और बाद में नौकरी पाने को लेकर छात्रों को सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर अगर वे एजुकेशन लोन लेकर इस देश में पढ़ाई करने आए हैं। एक भारतीय छात्र, जिसने यूनिवर्सिटी ऑफ गैलवे से 2025 में कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स किया, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपनी अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां जॉब पाना बेहद मुश्किल है। उनके अनुसार, 130 ग्रेजुएट्स के बैच में केवल 15 छात्रों को ही टेक्निकल सेक्टर में नौकरी मिली, जबकि बाकी सुपरमार्केट, रेस्तरां और अन्य नॉन-टेक्निकल सेक्टर में काम कर रहे हैं। वीजा और जॉब की कठिनाइयाँ छात्र ने बताया कि उसे नौकरी इसलिए मिली क्योंकि उसके पास पहले से 5 साल का वर्क एक्सपीरियंस था। इसके बावजूद उसकी जॉब के लिए वीजा स्पॉन्सरशिप नहीं है। अधिकांश छात्र...
अमेरिका को चाहिए हजारों ‘मिसाइल मैन’, करोड़ों में मिल रहा पैकेज
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अमेरिका को चाहिए हजारों ‘मिसाइल मैन’, करोड़ों में मिल रहा पैकेज

नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि हवा में उड़ती मिसाइलों को कौन डिजाइन करता है? उन मिसाइलों का निर्माण, तकनीकी फिटिंग और टेस्टिंग करने का काम एयरोस्पेस इंजीनियर करते हैं, जिन्हें आम बोलचाल में 'मिसाइल मैन' भी कहा जाता है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि एयरोस्पेस इंजीनियर सिर्फ एयरक्राफ्ट बनाने तक ही सीमित होते हैं। लेकिन वास्तव में वे कमर्शियल और लड़ाकू विमान, मिसाइलें, सैटेलाइट्स और अन्य उन्नत तकनीकी उपकरणों के डिजाइन और निर्माण में काम करते हैं। अमेरिका में जॉब के अवसर अमेरिका में डिफेंस इंडस्ट्री बहुत बड़ी है और यहां हर साल लगभग 4500 एयरोस्पेस इंजीनियर्स की जरूरत होती है। इस फील्ड के इंजीनियर्स को 'नेशनल इंटरेस्ट वेवर' लिस्ट के तहत वीजा आसानी से मिल जाता है, क्योंकि उनका काम देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। किस डिग्री से बन सकते हैं 'मिसाइल मैन'? अगर आप अमेरिका में एयरोस...
दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए जापान में इंटर्नशिप और नौकरी का सुनहरा अवसर
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दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए जापान में इंटर्नशिप और नौकरी का सुनहरा अवसर

नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए जापान में इंटर्नशिप करने का शानदार अवसर सामने आया है। सिर्फ इंटर्नशिप ही नहीं, बल्कि चयनित छात्रों के लिए जापान में फुल-टाइम नौकरी का विकल्प भी उपलब्ध है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट वेलफेयर ऑफिस के अंतर्गत सेंट्रल प्लेसमेंट सेल ने इंडिया-जापान टैलेंट ब्रिज (IJTB) के साथ मिलकर यह अवसर तैयार किया है। IJTB को जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) का समर्थन प्राप्त है। इस पहल के तहत जापानी कंपनियों में छात्रों को इंटर्नशिप के साथ-साथ संभावित जॉब ऑफर भी मिलेगा। इंटर्नशिप की अवधि दो महीने की होगी और इसकी शुरुआत मई 2026 से होगी, जो जुलाई 2026 तक चलेगी। चयनित छात्रों को जापान जाकर काम करना होगा, हालांकि कुछ इंटर्नशिप ऑनलाइन भी उपलब्ध हो सकती हैं। इंटर्नशिप के लिए संभावित पद सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर्स एआई और...
बिलकुल! मैं इस खबर को अख़बार में प्रकाशित होने योग्य, प्रवासली और आकर्षक हिंदी में तैयार कर देता हूँ:  —  ### भारत के डॉक्टर-नर्स और ग्रीन एनर्जी वर्कर्स को जर्मनी में नई जॉब के अवसर  **नई दिल्ली:** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हाल ही में हुई बैठक से भारतीयों के लिए अच्छी खबर आई है। जर्मनी की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब दोनों देश अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल और रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे कर रहे हैं।  बैठक में शिक्षा, जॉब, डिफेंस और सिक्योरिटी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। खास तौर पर, भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के वर्कर्स के लिए जॉब के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।  **डॉक्टर्स-नर्सों के लिए आसान जॉब:** भारत और जर्मनी ने ग्लोबल स्किल पार्टनरशिप के तहत ‘ज्वाइंट डेक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (JDI)’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एक रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे भारतीय डॉक्टर और नर्स जर्मनी में नौकरी के लिए जा सकेंगे। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रक्रिया पूरी तरह नैतिक और श्रम कानूनों के अनुरूप हो, ताकि भारतीय हेल्थकेयर वर्कर्स का शोषण न हो।  **ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अवसर:** इसके अलावा, दोनों देशों ने रिन्यूअबल एनर्जी सेक्टर में ‘सेंटर ऑफ एक्सलेंस’ स्थापित करने पर सहमति जताई। यह प्रशिक्षण केंद्र भारतीय वर्कर्स को सोलर, विंड और ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग देगा। जर्मनी अपने ड्यूअल एजुकेशन मॉडल के जरिए भारतीय वर्कर्स को तैयार करेगा, ताकि उन्हें ग्रीन एनर्जी सेक्टर में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।  इस समझौते से न केवल भारतीय वर्कर्स को रोजगार मिलेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच तकनीकी और शैक्षिक सहयोग भी मजबूत होगा।  —  अगर आप चाहो तो मैं इसे **अख़बार के लिए और भी छोटा, हेडलाइन-पॉइंट स्टाइल में** बना दूँ, ताकि पेज पर और आकर्षक लगे।  क्या मैं ऐसा कर दूँ?
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बिलकुल! मैं इस खबर को अख़बार में प्रकाशित होने योग्य, प्रवासली और आकर्षक हिंदी में तैयार कर देता हूँ: — ### भारत के डॉक्टर-नर्स और ग्रीन एनर्जी वर्कर्स को जर्मनी में नई जॉब के अवसर **नई दिल्ली:** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हाल ही में हुई बैठक से भारतीयों के लिए अच्छी खबर आई है। जर्मनी की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब दोनों देश अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल और रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे कर रहे हैं। बैठक में शिक्षा, जॉब, डिफेंस और सिक्योरिटी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। खास तौर पर, भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के वर्कर्स के लिए जॉब के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया। **डॉक्टर्स-नर्सों के लिए आसान जॉब:** भारत और जर्मनी ने ग्लोबल स्किल पार्टनरशिप के तहत ‘ज्वाइंट डेक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (JDI)’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एक रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे भारतीय डॉक्टर और नर्स जर्मनी में नौकरी के लिए जा सकेंगे। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रक्रिया पूरी तरह नैतिक और श्रम कानूनों के अनुरूप हो, ताकि भारतीय हेल्थकेयर वर्कर्स का शोषण न हो। **ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अवसर:** इसके अलावा, दोनों देशों ने रिन्यूअबल एनर्जी सेक्टर में ‘सेंटर ऑफ एक्सलेंस’ स्थापित करने पर सहमति जताई। यह प्रशिक्षण केंद्र भारतीय वर्कर्स को सोलर, विंड और ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग देगा। जर्मनी अपने ड्यूअल एजुकेशन मॉडल के जरिए भारतीय वर्कर्स को तैयार करेगा, ताकि उन्हें ग्रीन एनर्जी सेक्टर में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। इस समझौते से न केवल भारतीय वर्कर्स को रोजगार मिलेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच तकनीकी और शैक्षिक सहयोग भी मजबूत होगा। — अगर आप चाहो तो मैं इसे **अख़बार के लिए और भी छोटा, हेडलाइन-पॉइंट स्टाइल में** बना दूँ, ताकि पेज पर और आकर्षक लगे। क्या मैं ऐसा कर दूँ?

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हाल ही में हुई बैठक से भारतीयों के लिए अच्छी खबर आई है। जर्मनी की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब दोनों देश अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल और रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे कर रहे हैं। बैठक में शिक्षा, जॉब, डिफेंस और सिक्योरिटी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। खास तौर पर, भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के वर्कर्स के लिए जॉब के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया। डॉक्टर्स-नर्सों के लिए आसान जॉब: भारत और जर्मनी ने ग्लोबल स्किल पार्टनरशिप के तहत ‘ज्वाइंट डेक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (JDI)’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एक रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे भारतीय डॉक्टर और नर्स जर्मनी में नौकरी के लिए जा सकेंगे। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रक्रिया पूरी तरह नैतिक और श्रम कानूनों के अनुरूप हो, ताकि...