माइनस 40 अंक पर भी मेडिकल पीजी? NEET-PG की नई कट-ऑफ ने खड़े किए योग्यता और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
नई दिल्ली।
देश में डॉक्टरों की गुणवत्ता और चिकित्सा शिक्षा के स्तर को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा NEET-PG 2025 की न्यूनतम क्वालिफाइंग कट-ऑफ में भारी गिरावट किए जाने के बाद चिकित्सा जगत, छात्रों और आम जनता में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मंजूरी के बाद NBEMS ने SC, ST और OBC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल को 40 से घटाकर शून्य कर दिया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि 800 अंकों की परीक्षा में माइनस 40 अंक पाने वाला उम्मीदवार भी पोस्टग्रेजुएट मेडिकल काउंसलिंग के लिए पात्र माना जाएगा।
तीसरे राउंड की काउंसलिंग से लागू होगा फैसला
NBEMS के 13 जनवरी 2026 के नोटिस के अनुसार यह संशोधित कट-ऑफ 2025–26 सत्र के तीसरे राउंड की काउंसलिंग पर लागू होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल प...










