Wednesday, July 22

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बीड़ी बनाने वाली मां और बस कंडक्टर पिता की बेटी बनी IPS, इन्बा की कहानी हर युवा के लिए प्रेरणा
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बीड़ी बनाने वाली मां और बस कंडक्टर पिता की बेटी बनी IPS, इन्बा की कहानी हर युवा के लिए प्रेरणा

तमिलनाडु के कोयंबटूर की 25 वर्षीय एस. इन्बा ने गरीबी और कठिनाइयों को मात देकर IPS बन अपने परिवार और खुद का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं। गरीबी के बावजूद अडिग सपना एस. इन्बा तेनकासी जिले के सेंगोट्टई की रहने वाली हैं। उनकी मां एक फैक्ट्री में बीड़ी बनाती हैं और पिता श्रीनिवासन बस कंडक्टर हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद इन्बा ने हमेशा सरकारी नौकरी का सपना देखा और इसके लिए कड़ी मेहनत की। भाई की प्रेरणा और सहयोग इन्बा की सफलता के पीछे उनके भाई बालामुरली का योगदान भी अहम रहा। उन्होंने न केवल प्रेरित किया, बल्कि UPSC की तैयारी में होने वाले खर्च का ज्यादातर भार भी उठाया। बालामुरली सऊदी अरब में एक गैस कंपनी में काम कर रहे हैं और डिप्लोमा धारक हैं। शिक्षा और तैयारी का संघर्ष...
ब्रिटेन में नौकरी कर रही भारतीय महिला ने बताया अलग वर्क-कल्चर, मैनेजर खुद छुट्टी लेने के लिए कहते हैं
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ब्रिटेन में नौकरी कर रही भारतीय महिला ने बताया अलग वर्क-कल्चर, मैनेजर खुद छुट्टी लेने के लिए कहते हैं

लंदन। विदेश में काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस हमेशा एक बड़ी वजह रही है। ब्रिटेन की एक टेक कंपनी में कार्यरत भारतीय महिला मोधुरा रॉय ने भारत और ब्रिटेन के वर्क-कल्चर के बीच गहरा अंतर बताते हुए कहा कि वहां कर्मचारियों की सेहत और जीवन को प्राथमिकता दी जाती है। मोधुरा रॉय ने मनीकंट्रोल को बताया, "ब्रिटेन में नौकरी को जीवन का एक हिस्सा माना जाता है, न कि हर घंटे किए जाने वाले काम के रूप में। यहां हेल्थ, फिटनेस, छुट्टियां और परिवार के साथ समय बिताने पर ज्यादा फोकस रहता है। इस अप्रोच की वजह से मैं ऑफिस और घर दोनों जगह बेहतर ढंग से जीवन जी पा रही हूं।" काम की क्वालिटी पर जोर कोलकाता और पुणे में 7.5 साल काम करने के बाद मार्च 2020 में लंदन आईं मोधुरा ने कहा कि ब्रिटिश और ऑस्ट्रेलियाई मैनेजर्स काम की क्वालिटी, प्रोफेशनल विकास और क्लाइंट वैल्यू पर अधिक ध्यान देते हैं। उन्हों...
क्या है ‘आइंस्टीन वीजा’? H-1B पर सख्ती के बीच अमेरिका में नौकरी का वैकल्पिक रास्ता बना EB-1A
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क्या है ‘आइंस्टीन वीजा’? H-1B पर सख्ती के बीच अमेरिका में नौकरी का वैकल्पिक रास्ता बना EB-1A

वॉशिंगटन। अमेरिका में नौकरी के लिए लंबे समय तक H-1B वीजा को सबसे बेहतर विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन हालिया नीतिगत बदलावों ने विदेशी पेशेवरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। H-1B वीजा की फीस बढ़ाकर लगभग 1 लाख डॉलर किए जाने और लॉटरी सिस्टम खत्म होने के बाद अब विदेशी वर्कर्स एक नए विकल्प की ओर रुख कर रहे हैं। इसी बीच एक खास वीजा—जिसे आम तौर पर ‘आइंस्टीन वीजा’ कहा जाता है—की मांग में जबरदस्त उछाल देखा गया है। EB-1A वीजा की बढ़ती लोकप्रियता सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, EB-1A वीजा के लिए आवेदन बीते चार वर्षों में करीब तीन गुना बढ़ गए हैं। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून 2025 के बीच लगभग 7500 आवेदन किए गए, जबकि 2021 की इसी अवधि में यह संख्या करीब 2500 थी। यह वीजा उन लोगों को दिया जाता है, जिनके पास साइंस, आर्ट्स, एजुकेशन, बिजनेस या एथलेटिक्स जैसे...
स्टूडेंट लोन की EMI सैलरी से वसूलने का फैसला टला, अमेरिका में 50 लाख छात्रों को बड़ी राहत
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स्टूडेंट लोन की EMI सैलरी से वसूलने का फैसला टला, अमेरिका में 50 लाख छात्रों को बड़ी राहत

वॉशिंगटन। अमेरिका में उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत के बीच स्टूडेंट लोन लेकर पढ़ाई करने वाले लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने फिलहाल उस योजना को बदल दिया है, जिसके तहत डिफॉल्ट कर चुके छात्रों की सैलरी या टैक्स रिटर्न से सीधे स्टूडेंट लोन की EMI वसूलने की तैयारी की जा रही थी। इस फैसले से अमेरिका में करीब 50 लाख छात्रों को तत्काल राहत मिली है। अमेरिका में हायर एजुकेशन काफी महंगी होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र फेडरल स्टूडेंट लोन लेकर पढ़ाई करते हैं। पढ़ाई पूरी होने के बाद इन्हें लोन चुकाना होता है, लेकिन मौजूदा समय में खराब जॉब मार्केट और बढ़ती महंगाई के चलते लाखों छात्र यह भुगतान करने में असमर्थ हो गए हैं। क्यों बदला गया फैसला अमेरिकी शिक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि फिलहाल फेडरल स्टूडेंट लोन की जबरन वसूली पर रोक लगाई जा रही है, क्योंकि सरकार इस पू...
भारतीय भी बन सकते हैं अमेरिकी सेना का हिस्सा, जानिए भर्ती की पूरी प्रक्रिया और जरूरी शर्तें
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भारतीय भी बन सकते हैं अमेरिकी सेना का हिस्सा, जानिए भर्ती की पूरी प्रक्रिया और जरूरी शर्तें

वॉशिंगटन/नई दिल्ली। दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में शुमार अमेरिकी सेना (US Army) युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। अत्याधुनिक हथियारों, विश्वभर में फैले सैन्य ठिकानों और सख्त अनुशासन के लिए जानी जाने वाली अमेरिकी सेना में अब भारतीय मूल के लोग भी कुछ शर्तों के साथ शामिल हो सकते हैं। अक्सर हॉलीवुड फिल्मों में अमेरिकी सैनिकों की बहादुरी और पेशेवर कार्यशैली देखकर युवाओं में वहां सेवा देने की इच्छा पैदा होती है। अच्छी खबर यह है कि भारतीय नागरिक भी अमेरिकी सशस्त्र बलों में भर्ती हो सकते हैं, बशर्ते वे तय मानकों और प्रक्रियाओं को पूरा करें। किन भारतीयों को मिल सकता है मौका अमेरिकी सेना में भर्ती के लिए आमतौर पर अमेरिकी नागरिक होना जरूरी होता है, लेकिन गैर-नागरिकों के लिए भी एक रास्ता मौजूद है। ऐसे भारतीय जिनके पास अमेरिका का स्थायी निवास प्रमाण पत्र (ग्रीन कार्ड) है या जिन्होंने अमेरि...
गणतंत्र दिवस 2026: लोकतंत्र, संविधान और नागरिक कर्तव्यों का उत्सव
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गणतंत्र दिवस 2026: लोकतंत्र, संविधान और नागरिक कर्तव्यों का उत्सव

नई दिल्ली। 26 जनवरी का दिन भारत के इतिहास में अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक स्थान रखता है। इसी दिन वर्ष 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ और देश एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष तथा लोकतांत्रिक गणराज्य बना। गणतंत्र दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिक जिम्मेदारियों का उत्सव है। देशभर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इन आयोजनों में भाषण प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, झंडारोहण और देशभक्ति कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल होते हैं। गणतंत्र दिवस हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके संघर्ष के कारण भारत आज स्वतंत्र और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में खड़ा है। साथ ही यह दिन संविधान निर्माताओं—विशेष रूप से डॉ. भी...
CBSE Admit Card 2026: हर छात्र खुद नहीं कर पाएगा डाउनलोड, जानिए 10वीं-12वीं का एडमिट कार्ड कैसे और कब मिलेगा
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CBSE Admit Card 2026: हर छात्र खुद नहीं कर पाएगा डाउनलोड, जानिए 10वीं-12वीं का एडमिट कार्ड कैसे और कब मिलेगा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रही हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्रों के लिए सबसे अहम दस्तावेज होता है एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र)। लेकिन इस बार एक जरूरी बात जानना बेहद जरूरी है—हर छात्र खुद अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर पाएगा। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि प्राइवेट और रेगुलर छात्रों के लिए एडमिट कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया अलग-अलग है। ऐसे में छात्रों को समय रहते सही जानकारी होना जरूरी है।   CBSE एडमिट कार्ड 2026 कब जारी होगा? सीबीएसई बोर्ड ने प्राइवेट छात्रों के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं का एडमिट कार्ड 17 जनवरी 2026 को ही आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जारी कर दिया है। हालांकि, कई छात्रों को सर्वर की समस्या के कारण वेबसाइट खुलने में दिक्कत आ रही है। वहीं, रेगुलर (नियमित) छात्रों के एड...
गणतंत्र दिवस 2026: 77वां उत्सव, जानें मुख्य तथ्यों और रोचक सवाल-उत्तर
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गणतंत्र दिवस 2026: 77वां उत्सव, जानें मुख्य तथ्यों और रोचक सवाल-उत्तर

      देश में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के इतिहास, संविधान और राष्ट्रीय गौरव की याद दिलाता है। इस अवसर पर स्कूलों और अन्य संस्थानों में जीके क्विज प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। इस साल यानी 2026 में गणतंत्र दिवस के समारोह और क्विज से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें यहां जानें।   भारत किस वर्ष गणतंत्र बना? उत्तर: 26 जनवरी 1950   देश का पहला राष्ट्रपति कौन थे? उत्तर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद   संविधान नागरिकों को क्या अधिकार देता है? उत्तर: लोकतांत्रिक तरीके से अपनी सरकार चुनने का अधिकार   पहले राष्ट्रपति ने क्या किया था? उत्तर: 26 जनवरी 1950 को 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया   राष्ट्रीय ध्वज का नाम क्या है? उत्तर: तिरंगा   स...
सफलता की कहानी: दिहाड़ी मजदूर पिता की सीख ने बनाया जंगल में अफसर, शहर वाली नौकरी छोड़ी बेटा
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सफलता की कहानी: दिहाड़ी मजदूर पिता की सीख ने बनाया जंगल में अफसर, शहर वाली नौकरी छोड़ी बेटा

      झारखंड के डुमका जिले के मनीष कुमार की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। बचपन से ही जंगल और प्रकृति से लगाव रखने वाले मनीष ने शहर की भव्य आईटी नौकरी छोड़कर फॉरेस्ट ऑफिसर बनने का रास्ता चुना।   प्रकृति से पहला परिचय पिता के जरिए मनीष के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। वे कई बार फॉरेस्ट ऑफिसर्स के सहायक के तौर पर जंगल जाते थे और अपने बेटे को भी अक्सर साथ ले जाते थे। जंगल की हर चीज को करीब से देखने और समझने का मौका मनीष को पिता के साथ मिला। यही अनुभव उनके अंदर प्रकृति के प्रति गहरा लगाव पैदा हुआ।   इंजीनियरिंग में करियर बनाने का सपना मनीष ने जमशेदपुर के RVS कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक किया। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने कुछ समय फाइनेंस कंपनी में और फिर TCS में नौकरी शुरू की।   मन की शांति के लिए छ...
IIT जाना है तो पहले पूरी करनी होंगी ये 5 शर्तें, वरना JEE एडवांस्ड भी नहीं दे पाएंगे
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IIT जाना है तो पहले पूरी करनी होंगी ये 5 शर्तें, वरना JEE एडवांस्ड भी नहीं दे पाएंगे

      आईआईटी में बीटेक का सपना हर विद्यार्थी का होता है। लेकिन इसके लिए सिर्फ मेहनत करना ही काफी नहीं, आपको JEE एडवांस्ड 2026 की परीक्षा में बैठने से पहले 5 जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। इन शर्तों को पूरा किए बिना परीक्षा देना मुमकिन नहीं है।   आईआईटी रुड़की ने ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर इस बार JEE एडवांस्ड की पात्रता और नियम घोषित किए हैं। आइए जानते हैं वो पांच शर्तें:   JEE मेंस 2026 में परफॉर्मेंस JEE एडवांस्ड 2026 में शामिल होने के लिए स्टूडेंट्स को JEE मेंस 2026 में पास होना अनिवार्य है और देशभर के टॉप 2.50 लाख कैंडिडेट्स में शॉर्टलिस्ट होना होगा। इसमें आरक्षण नियम लागू होंगे।   जनरल कैटेगरी: 1,01,250 स्टूडेंट्स ओबीसी एनसीएल: 67,500 स्टूडेंट्स एससी: 37,500 स्टूडेंट्स एसटी: 18,750 स्टूडेंट्स दिव्यांग (PwD) उम्मीदवारों के लिए अलग को...