अमेरिका छोड़ भारत लौटे इंजीनियर: कहा, “यहां आकर मुझे सच में आजादी मिली”
नई दिल्ली: अमेरिका में पढ़ाई और जॉब के दौरान भारतीय युवाओं को अक्सर वह आजादी नहीं मिलती, जिसकी उन्हें उम्मीद होती है। हरियाणा के गौरव के लिए यह सच्चाई अपने अनुभवों के जरिए सामने आई। गौरव 2014 में अमेरिका पढ़ाई के लिए गए थे और उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
गौरव ने “देसी रिटर्न” पॉडकास्ट में बताया कि अमेरिका में जॉब करते समय वीजा की अनिश्चितता और छंटनी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शुरुआती जॉब बैटरी इंजीनियर के तौर पर मिली, लेकिन 9 महीने के भीतर ही उन्हें निकाल दिया गया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 10,000 से ज्यादा जगह आवेदन किए। जनरल मोटर्स और टेस्ला से कॉल आई, दोनों जगह इंटरव्यू क्लियर किए और अंततः टेस्ला में जॉब जॉइन की।
नेवाडा के रेनो में R&D इंजीनियर के तौर पर काम करते हुए उन्हें समझ में आया कि नौकरी होना सुरक्...










