Wednesday, August 12

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गांव की गलियों से राष्ट्र की शान तक…26 जनवरी पर राष्ट्रपति संग तिरंगा फहराएंगी अक्षिता धनखड़
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गांव की गलियों से राष्ट्र की शान तक…26 जनवरी पर राष्ट्रपति संग तिरंगा फहराएंगी अक्षिता धनखड़

नई दिल्ली: 26 जनवरी से पहले अक्षिता धनखड़ का नाम पूरे देश में चर्चा में है। वजह है कि वह इंडियन एयर फोर्स में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के रूप में 77वें गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगी। गांव की गलियों से देश सेवा का सपना:हरियाणा के कासानी गांव की रहने वाली अक्षिता बचपन में गणतंत्र दिवस परेड देखती थीं। खास बात यह थी कि जब वह परेड में अपने पिता की वर्दी में भागीदारी देखतीं, तो उनका देशसेवा का सपना और मजबूत हो जाता। पिता से प्रेरणा लेकर उन्होंने बचपन में ही अपने लिए एक लक्ष्य तय किया – देश की सेवा करना। शिक्षा और NCC ने बनाया मजबूत आधार:अक्षिता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से पढ़ाई की। इसी दौरान वह नेशनल कैडेट कोर (NCC) में शामिल हो गईं। NCC की ट्रेनिंग ने उन्हें अनुशासन, लीडरशिप और आर्मी में आवश्यक कौशल सिखाए। यही आ...
न्यूजीलैंड में पढ़ाई का गोल्डन चांस, भारतीय छात्रों को मिल रही लाखों की स्कॉलरशिप
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न्यूजीलैंड में पढ़ाई का गोल्डन चांस, भारतीय छात्रों को मिल रही लाखों की स्कॉलरशिप

नई दिल्ली: हायर एजुकेशन के लिए न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। इस बीच ऑकलैंड यूनिवर्सिटी ने भारतीय छात्रों के लिए एक शानदार अवसर पेश किया है। यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों को ‘इंडिया हाई अचीवर्स स्कॉलरशिप’ देती है, जिसके तहत उन्हें 20,000 न्यूजीलैंड डॉलर (लगभग 10.70 लाख रुपये) की आर्थिक मदद मिलेगी। स्कॉलरशिप का उद्देश्य:इस स्कॉलरशिप की शुरुआत 2022 में हुई थी और इसका मकसद भारत के छात्रों को न्यूजीलैंड में पढ़ने का मौका देना और पढ़ाई के खर्च को कम करना है। हर साल 30 भारतीय छात्रों को यह स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है। यह स्कॉलरशिप साल में दो बार दी जाती है और इसके जरिए ऑकलैंड यूनिवर्सिटी में पढ़ने की ट्यूशन फीस पूरी तरह कवर हो जाती है। कौन अप्लाई कर सकता है: इस स्कॉलरशिप के लिए केवल भारतीय छात्र अप्लाई कर सकते हैं। स्टूडेंट्स को फुल-टाइम ...
ना बढ़ी फीस, ना बदली लाइफस्टाइल, फिर भी विदेश में पढ़ाई क्यों हो गई महंगी?  रुपए की गिरावट ने बढ़ाया विदेशी डिग्री का खर्च, फाइनेंशियल प्लानिंग है जरूरी
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ना बढ़ी फीस, ना बदली लाइफस्टाइल, फिर भी विदेश में पढ़ाई क्यों हो गई महंगी? रुपए की गिरावट ने बढ़ाया विदेशी डिग्री का खर्च, फाइनेंशियल प्लानिंग है जरूरी

नई दिल्ली: लाखों भारतीय छात्रों का सपना है विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करना, लेकिन पिछले एक साल में यह सपना महंगा होता जा रहा है, और इसका मुख्य कारण है भारतीय रुपये की गिरती वैल्यू। विदेश में पढ़ाई की फीस और रेंट में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई, न ही छात्रों की लाइफस्टाइल बदली है। इसके बावजूद पढ़ाई का खर्च कई लाख रुपये बढ़ गया है। पैरेंट्स और स्टूडेंट्स दोनों परेशान हैं, क्योंकि अपने बजट के हिसाब से विदेश में पढ़ाई की योजना बनाना अब कठिन हो गया है। रुपए की गिरावट ने बढ़ाया खर्च:पिछले एक साल में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड और यूरो के मुकाबले काफी कमजोर हुआ है। उदाहरण के लिए, अमेरिका में एक स्टूडेंट का एक साल का टोटल खर्च 40,000 डॉलर था। जब डॉलर की वैल्यू 75 रुपये थी, तो खर्च 30 लाख रुपये था। अब जैसे ही डॉलर 83-85 रुपये के बराबर पहुंच गया है, खर्च बढ़कर 33-34 लाख रुपये हो गया है।...
अमेरिका के 20 कॉलेज, जहां बैचलर्स के लिए मिल रही लाखों रुपये की फाइनेंशियल एड
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अमेरिका के 20 कॉलेज, जहां बैचलर्स के लिए मिल रही लाखों रुपये की फाइनेंशियल एड

नई दिल्ली: अमेरिका में उच्च शिक्षा हासिल करना किसी भी छात्र के लिए सपना होता है, लेकिन इसकी महंगी ट्यूशन फीस और जीवनयापन खर्च इसे चुनौतीपूर्ण बना देते हैं। हॉस्टल, खाने-पीने, किताबें, ट्रैवल और वीजा की फीस सहित खर्च विदेशी छात्रों के लिए लाखों रुपये तक पहुंच जाता है। अमेरिकी सरकार विदेशी छात्रों को फेडरल स्टूडेंट लोन या आर्थिक मदद भी नहीं देती। इसी वजह से कई अमेरिकी कॉलेज विदेशी छात्रों को फाइनेंशियल एड (आर्थिक मदद) प्रदान करते हैं, ताकि उनकी पढ़ाई का खर्च काफी हद तक कम हो सके। यूएस न्यूज के मुताबिक, अकेडमिक ईयर 2024-25 में 823 कॉलेजों ने विदेशी छात्रों को औसतन 25,000 डॉलर की आर्थिक मदद दी। सबसे ज्यादा मदद देने वाले 20 कॉलेज:इनमें कुछ ऐसे कॉलेज भी हैं, जहां औसत फाइनेंशियल एड आम मदद का 3 गुना यानी लगभग 84,000 डॉलर (लगभग 75 लाख रुपये) तक है। ये कॉलेज हैं: वेस्लेयन यूनिवर्सिटी – ₹75 ...
सिंगापुर का स्टार्टअप वीजा: विदेशी वर्कर्स को देता है बिजनेस करने की अनुमति
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सिंगापुर का स्टार्टअप वीजा: विदेशी वर्कर्स को देता है बिजनेस करने की अनुमति

सिंगापुर: यदि आप सिंगापुर में अपना स्टार्टअप शुरू करने का सपना देखते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। सिंगापुर सरकार ने स्टार्टअप वीजा नामक खास वर्क वीजा शुरू किया है, जिसे एंट्रीपास भी कहा जाता है। यह वीजा उन विदेशी उद्यमियों और वर्कर्स को दिया जाता है, जो देश में अपना बिजनेस शुरू या ऑपरेट करना चाहते हैं। वीजा का उद्देश्य:इस योजना का मकसद मजबूत निवेश वाली कंपनियों और इनोवेटिव वेंचर को सिंगापुर में लाना है। सिंगापुर खुद को स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करना चाहता है, और यही वीजा इसे संभव बनाता है। अधिकार और प्रशासनिक काम:स्टार्टअप वीजा से जुड़े सभी प्रशासनिक कार्य सिंगापुर की मिनिस्ट्री ऑफ मैनपॉवर (MOM) देखती है। यह वीजा योग्य उद्यमियों को अपने बिजनेस के लिए मार्गदर्शन और औपचारिक अनुमति देता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। कौन अप्लाई कर सकता है? स्टार्...
गणतंत्र दिवस 2026: ‘जब तिरंगा लहराता है, तब हर दिल…’  मंच संचालन के लिए शानदार लाइनें और एंकरिंग स्क्रिप्ट
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गणतंत्र दिवस 2026: ‘जब तिरंगा लहराता है, तब हर दिल…’ मंच संचालन के लिए शानदार लाइनें और एंकरिंग स्क्रिप्ट

नई दिल्ली: 26 जनवरी को हर साल पूरे देश में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और सार्वजनिक स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें मंच संचालन (एंकरिंग) की जिम्मेदारी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि आप इस बार मंच संचालन करने जा रहे हैं, तो कुछ प्रेरणादायक और शानदार लाइनें आपको कार्यक्रम को जीवंत और यादगार बनाने में मदद करेंगी। शानदार एंकरिंग लाइनें: “जब तिरंगा लहराता है, तब हर दिल ‘भारत’ बन जाता है।” “हर चेहरा गर्व से मुस्कुराता है, तिरंगे का हर रंग हमें एकता की याद दिलाता है।” “इस ध्वज के नीचे हम सब एक हैं, चाहे हमारी भाषा या धर्म अलग हो।” “तिरंगा हमें सिखाता है कि देश सबसे पहले आता है।” मंच संचालन की रूपरेखा: स्वागत और परिचय: सभी सम्मानित अतिथियों, शिक्षकों और प्यारे विद्यार्थियों को सुप्रभात। मैं (अपना नाम) और मेरे साथी (एंकर-2 का नाम)...
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी: इतिहास, महत्व और देशभक्ति का प्रतीक
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गणतंत्र दिवस 26 जनवरी: इतिहास, महत्व और देशभक्ति का प्रतीक

नई दिल्ली: भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन 1950 में भारतीय संविधान को अपनाने और भारत को एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में घोषित करने की याद दिलाता है। भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. बी. आर. अंबेडकर थे, जिन्होंने इसे तैयार कर भारतीय लोकतंत्र की नींव रखी। इतिहास और 26 जनवरी का महत्व:भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को तैयार हुआ था, लेकिन इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन चुना गया। इसके पीछे ऐतिहासिक कारण यह है कि साल 1930 में इसी दिन लाहौर अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा की थी। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू करके, भारत ने ब्रिटिश शासन से अपनी स्वतंत्रता की लड़ाई को पूरा किया और लोकतांत्रिक युग की शुरुआत की। इस तरह यह दिन हमारे स्वतंत्रता संघर्ष की स्मृति और लोकतंत्र की शक्ति का प्रतीक बन गया। गणतं...
NIT Rourkela में निकली नॉन-टीचिंग वैकेंसी, सैलरी ₹2.18 लाख तक, 50 साल से ऊपर वाले भी अप्लाई कर सकते हैं
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NIT Rourkela में निकली नॉन-टीचिंग वैकेंसी, सैलरी ₹2.18 लाख तक, 50 साल से ऊपर वाले भी अप्लाई कर सकते हैं

राउरकेला: अगर आप अच्छे इंस्टीट्यूट में नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान राउरकेला (NIT Rourkela) ने लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन, मेडिकल ऑफिसर, असिस्टेंट रजिस्ट्रार सहित विभिन्न नॉन-टीचिंग पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए उम्र की अधिकतम सीमा 50 साल रखी गई है, जबकि लाइब्रेरियन पद के लिए 56 साल तक भी उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं। पदों का विवरण और सैलरी: पद का नाम पे लेवल सैलरी (प्रति माह) वैकेंसी संख्या लाइब्रेरियन 14 ₹2,18,200/- 01 डिप्टी लाइब्रेरियन 12 ₹1,31,100/- 01 सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर 12 ₹1,31,100/- 01 असिस्टेंट रजिस्ट्रार 10 ₹56,100/- 02 असिस्टेंट लाइब्रेरियन 10 ₹56,100/- 01 साइंटिफिक ऑफिसर 10 ₹56,100/- 01 मेडिकल ऑफिसर 10 ₹56,100/- 02 कुल पद: 09 योग्यता: लाइ...
प्राइवेट स्कूलों में RTE एडमिशन: बस सीट देना काफी नहीं, गरीब बच्चों के लिए आरक्षण अधूरा है
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प्राइवेट स्कूलों में RTE एडमिशन: बस सीट देना काफी नहीं, गरीब बच्चों के लिए आरक्षण अधूरा है

नई दिल्ली: निजी स्कूलों में आरटीई (Right to Education) कोटा के तहत 25% सीटों पर दाखिले का नियम लागू है। लेकिन केवल सीट मिलने से ही गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित नहीं होती। IIT कानपुर और वाधवानी स्कूल ऑफ AI के प्रोफेसर विमल कुमार बताते हैं कि नीति का उद्देश्य नेक है, लेकिन इसे लागू करने में कई चुनौतियां हैं। मुख्य चुनौतियां: सीखने की कुल लागत: शिक्षा केवल फीस की बात नहीं है। गरीब परिवारों को किताबें, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी, ट्रांसपोर्ट और स्कूल प्रोजेक्ट्स में भी खर्च करना पड़ता है। कई स्कूलों में कैंटीन का खाना और स्पोर्ट्स किट अनिवार्य हैं। बजट के बाहर खर्च: माहवारी अतिरिक्त खर्च कई गरीब परिवारों की कुल आय का 40-50% तक हो सकता है। छिपी हुई लागत: आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ तैयार करना, पोर्टल की तकनीकी जटिलताएं आदि परिवार के लिए समय और अवसर की लागत बढ़ाते हैं। ...
NPCIL Vacancy 2026: भारत सरकार की सार्वजनिक कंपनी में ट्रेनी, तकनीशियन और सहायक पदों पर आवेदन, ₹150 में भरें फॉर्म
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NPCIL Vacancy 2026: भारत सरकार की सार्वजनिक कंपनी में ट्रेनी, तकनीशियन और सहायक पदों पर आवेदन, ₹150 में भरें फॉर्म

नई दिल्ली: सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) ने नई भर्ती की घोषणा की है। कंपनी ने वैज्ञानिक सहायक, स्टाइपेंड्री ट्रेनी, एक्स-रे तकनीशियन और असिस्टेंट ग्रेड-I समेत विभिन्न पदों पर योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। भर्ती की मुख्य जानकारी: कंपनी: न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) विज्ञापन संख्या: टीएमएस/मा.सं.प्र./01/2026 पदों की संख्या: 114 आवेदन की अंतिम तिथि: 04 फरवरी 2026, शाम 4 बजे तक आधिकारिक वेबसाइट: www.npcilcareers.co.in आयुसीमा: 18 से 28 वर्ष (पदानुसार नियमानुसार छूट) सैलरी: पदानुसार ₹34,286 से ₹55,932 प्रति माह (मंहगाई भत्ते सहित) चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, कौशल/प्रैक्टिकल टेस्ट, साक्षात्कार, दस्तावेज़ सत्यापन पदवार योग्यता: वैज्ञानिक सहायक/ब...