पायलट की सैलरी और जिम्मेदारियां: आसमान छूने के साथ ये 4 अहम कर्तव्य
पायलट बनने का सपना कई युवाओं का होता है। यह पेशा सिर्फ बादलों के ऊपर उड़ान भरने का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और समर्पण का भी प्रतीक है। आइए जानते हैं, एक पायलट की मंथली सैलरी कितनी होती है और उनके ऊपर प्लेन उड़ाने के अलावा कौन-कौन सी जिम्मेदारियां होती हैं।
कमर्शियल पायलट कैसे बनें?
कमर्शियल पायलट बनने के लिए उम्मीदवार को फिजिक्स और मैथ्स के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। इसके बाद किसी मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल से ट्रेनिंग लेकर CPL (कमर्शियल पायलट लाइसेंस) लेना होता है। यह लाइसेंस DGCA द्वारा जारी किया जाता है।
पायलट की ट्रेनिंग और खर्चा
CPL हासिल करने के लिए लगभग 200 घंटे की फ्लाइंग ट्रेनिंग पूरी करनी होती है और कई एग्जाम पास करने पड़ते हैं। इस पूरे प्रोसेस में खर्च लगभग 35 लाख से 1 करोड़ रुपये तक हो सकता है, जो फ्लाइंग स्कूल, ट्रेनिंग के घंटे और टाइप रेटिंग पर ...










