Wednesday, July 22

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Railway GK: आम बजट से पहली बार कब अलग हुआ था रेलवे बजट? जानिए भारतीय रेल से जुड़े 15 अहम सवाल-जवाब
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Railway GK: आम बजट से पहली बार कब अलग हुआ था रेलवे बजट? जानिए भारतीय रेल से जुड़े 15 अहम सवाल-जवाब

  भारतीय रेलवे देश की सबसे बड़ी परिवहन व्यवस्था होने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं का भी एक महत्वपूर्ण विषय है। रेलवे, SSC, बैंकिंग और अन्य सरकारी परीक्षाओं में भारतीय रेल से जुड़े सामान्य ज्ञान (GK) के सवाल अक्सर पूछे जाते हैं। खासतौर पर रेल बजट को आम बजट से अलग पेश किए जाने से जुड़े प्रश्न इंटरव्यू और लिखित परीक्षा दोनों में बेहद अहम माने जाते हैं।   भारतीय रेलवे का इतिहास, उसकी विरासत और प्रशासनिक निर्णय ऐसे विषय हैं, जिन पर उम्मीदवारों को मजबूत पकड़ होनी चाहिए। इसी कड़ी में यहां भारतीय रेलवे से जुड़े 15 महत्वपूर्ण GK प्रश्न और उनके उत्तर प्रस्तुत हैं, जो आपकी परीक्षा तैयारी को और मजबूत बना सकते हैं।     भारतीय रेलवे: महत्वपूर्ण GK प्रश्नोत्तर   प्रश्न 1: भारतीय रेलवे का इतिहास कितने वर्ष पुराना है? उत्तर: भारतीय रेलवे का इतिहास 160 वर्ष से भी अधिक पुर...
RRB Group D भर्ती 2026: रेलवे में 21,997 पदों पर निकली बंपर भर्ती, आवेदन शुरू
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RRB Group D भर्ती 2026: रेलवे में 21,997 पदों पर निकली बंपर भर्ती, आवेदन शुरू

  रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप डी के 21,997 पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही 31 जनवरी 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 2 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।   रेलवे की यह भर्ती 10वीं पास और आईटीआई योग्यताधारी उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर मानी जा रही है। इससे पहले रोजगार समाचार में इसका संक्षिप्त नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जबकि अब पूरा विज्ञापन आधिकारिक वेबसाइट www.rrbapply.gov.in पर उपलब्ध है।   भर्ती का संक्षिप्त विवरण   भर्ती बोर्ड: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) पद का नाम: ग्रुप डी विज्ञापन संख्या: CEN No. 09/2025 कुल पद: 21,997 आवेदन की शुरुआत: 31 जनवरी 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 2 मार्च 2026 (रात 11:59 बजे तक) फीस भुगतान क...
बजट 2026: मिडिल क्लास पर पढ़ाई का बोझ कम होगा या राहत रहेगी सीमित?
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बजट 2026: मिडिल क्लास पर पढ़ाई का बोझ कम होगा या राहत रहेगी सीमित?

    देश का मध्यम वर्ग एक बार फिर केंद्रीय बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठा है। बढ़ती स्कूल फीस, महंगे कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के बीच सवाल यह है कि क्या बजट 2026 वास्तव में पढ़ाई के बढ़ते खर्च से मिडिल क्लास को राहत दिला पाएगा या फिर यह राहत सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रह जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में बजट पेश करेंगी।   बीते कुछ वर्षों में शिक्षा की लागत में तेज़ी से इज़ाफा हुआ है। प्राइमरी स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक फीस, परीक्षा शुल्क, कोचिंग, हॉस्टल और रहने-खाने का खर्च मध्यम वर्ग के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। स्थिति यह है कि न तो यह वर्ग सरकारी योजनाओं की पात्रता में आता है और न ही निजी संस्थानों की महंगी पढ़ाई आसानी से वहन कर पाता है।   अब सिर्फ प्राइवेट नहीं, सरकारी शिक्षा भी महंगी   शिक्षा महंगाई अब केवल निजी संस्थानों तक ...
जहां PCS का नाम भी अनजान था, वहां किसान के बेटे ने देखा अफसर बनने का सपना, तीन बार फेल होकर भी नहीं माने हार
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जहां PCS का नाम भी अनजान था, वहां किसान के बेटे ने देखा अफसर बनने का सपना, तीन बार फेल होकर भी नहीं माने हार

  सपनों की कोई सीमा नहीं होती—बस उन्हें पूरा करने का जज़्बा चाहिए। मध्य प्रदेश के छोटे से गांव सिंगापुरा के रहने वाले विष्णु गुर्जर ने यह बात अपने संघर्ष और सफलता से साबित कर दी। जिस गांव में कभी PCS या PSC का नाम तक लोगों ने नहीं सुना था, वहां एक किसान के बेटे ने खेतों में काम करते हुए और भैंस चराते हुए अधिकारी बनने का सपना देखा—और उसे साकार भी किया।   विष्णु गुर्जर का बचपन बेहद साधारण और संघर्षों से भरा रहा। उनके माता-पिता कभी स्कूल नहीं गए। पिता खेती-किसानी करते थे और परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित थी। विष्णु ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और रोज़ साइकिल से स्कूल जाया करते थे। पढ़ाई में वे औसत छात्र थे, लेकिन उनका सपना असाधारण था—अफसर बनना।   BA करने के बाद विष्णु ने MPPSC की तैयारी शुरू की। उन्होंने सिलेबस को समझते हुए तय समय-सारिणी के अनुसार पढ़ाई शुरू की। वर्ष 2020 मे...
‘जब तक वर्क एक्सपीरियंस नहीं, विदेश में पढ़ाई के लिए न जाएं’, भारतीय छात्रों को मिली चेतावनी
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‘जब तक वर्क एक्सपीरियंस नहीं, विदेश में पढ़ाई के लिए न जाएं’, भारतीय छात्रों को मिली चेतावनी

    विदेश में पढ़ाई भारतीय छात्रों के बीच बहुत लोकप्रिय है। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में हर साल लाखों छात्र डिग्री लेने जाते हैं। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में दुनिया भर में 18 लाख से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। कोविड महामारी के बाद विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में और भी बढ़ोतरी हुई है।   हालांकि, छात्रों को यह समझना जरूरी है कि विदेश जाने का सही समय कब है। कई छात्रों की शिकायत है कि वे विदेश में मास्टर्स या अन्य डिग्री लेने के बाद भी सुलभ नौकरी पाने में असफल रहते हैं।   सिंगापुर से एमएससी करने वाले एक छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर साझा किया कि बिना फुल-टाइम वर्क एक्सपीरियंस के विदेश नहीं जाना चाहिए। उनका कहना है कि बिना वर्क एक्सपीरियंस मास्टर्स करने वाले छात्रों को नौकरी मिलना मुश्किल होता है। उन्होंने ब...
अमेरिका में OPT एक्सपायर होने पर स्टूडेंट्स के पास हैं 5 विकल्प
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अमेरिका में OPT एक्सपायर होने पर स्टूडेंट्स के पास हैं 5 विकल्प

  अमेरिका में पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) के जरिए देश में जॉब करने की इजाजत मिलती है। OPT आमतौर पर 12 महीने के लिए होता है। लेकिन कई छात्रों को यह नहीं पता होता कि OPT खत्म होने के बाद अमेरिका में कैसे रहना और काम करना संभव है।   OPT खत्म होने के बाद छात्रों के लिए 5 विकल्प:   STEM OPT एक्सटेंशन: अगर कोई छात्र साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग या मैथ्स (STEM) फील्ड से संबंधित कोर्स कर रहा है, तो वह STEM OPT एक्सटेंशन के लिए अप्लाई कर सकता है। इसके तहत 12 महीने के OPT के बाद 24 महीने का एक्सटेंशन मिलता है, यानी कुल 3 साल तक अमेरिका में काम कर सकते हैं। STEM OPT के लिए OPT खत्म होने से 90 दिन पहले आवेदन करना जरूरी है।   H-1B वीजा के लिए आवेदन: OPT पर काम कर रहे छात्रों के पास H-1B वीजा लेने ...
भारत के युवा जापानी भाषा सीख रहे हैं, NSDC ट्रेनिंग से मिल रहे विदेश में काम के अवसर
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भारत के युवा जापानी भाषा सीख रहे हैं, NSDC ट्रेनिंग से मिल रहे विदेश में काम के अवसर

    कौशल विकास मंत्रालय की पहल के तहत भारत के विभिन्न राज्यों से युवा जापानी भाषा सीख रहे हैं। मणिपुर, मिजोरम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड जैसे राज्यों के उम्मीदवारों को भाषा के साथ-साथ जापानी संस्कृति और वहां की इंडस्ट्री के बारे में ट्रेनिंग दी जा रही है।   इस पहल को नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) ने शुरू किया था। अब तक 400 से अधिक कैंडिडेट्स ने इस ट्रेनिंग को पूरा किया है, जिनमें से 185 उम्मीदवार जापान में काम कर रहे हैं। हाल ही में 40 और उम्मीदवारों का ग्रुप भी ट्रेनिंग पूरी कर चुका है और वे टोक्यो, इबाराकी और होक्काइडो में हॉस्पिटैलिटी, एग्रीकल्चर सहित अलग-अलग सेक्टरों में काम करेंगे। वर्तमान में 100 और उम्मीदवार ट्रेनिंग में शामिल हैं।   NSDC और जापान के ट्रेनरों के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम युवाओं को हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, कंस्ट्रक्श...
MBBS की पढ़ाई के लिए चीन बनी पसंदीदा मंज़िल, THE रैंकिंग में टॉप-10 मेडिकल यूनिवर्सिटी की सूची
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MBBS की पढ़ाई के लिए चीन बनी पसंदीदा मंज़िल, THE रैंकिंग में टॉप-10 मेडिकल यूनिवर्सिटी की सूची

    मेडिकल एजुकेशन के लिए चीन भारतीय छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसका मुख्य कारण यह है कि चीन में भारत के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की तुलना में MBBS की डिग्री कम खर्च में और वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ मिलती है। चीनी मेडिकल यूनिवर्सिटी की डिग्रियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं और यहां का मेडिकल रिसर्च भी दुनिया में शीर्ष स्तर का है।   हाल ही में जारी ‘टाइम्स हायर एजुकेशन’ (THE) 2026 वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में मेडिकल फील्ड में चीन की यूनिवर्सिटीज का दबदबा देखा गया। इस रैंकिंग में कुल 1230 विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन किया गया और दुनिया की टॉप-50 मेडिकल यूनिवर्सिटी में चीन की 4 यूनिवर्सिटी शामिल हैं।   चीन में MBBS करने के लिए टॉप-10 मेडिकल यूनिवर्सिटी:   सिंघुआ यूनिवर्सिटी पेकिंग यूनिवर्सिटी फुडान यूनिवर्सिटी शंघ...
रविदास जयंती 2026: मानवता और समानता का संदेश देने वाले संत रविदास को याद किया जाएगा
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रविदास जयंती 2026: मानवता और समानता का संदेश देने वाले संत रविदास को याद किया जाएगा

  1 फरवरी 2026 को पूरे देश में संत रविदास जयंती मनाई जाएगी। इस दिन महान कवि, समाज सुधारक और भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत रविदास जी को याद किया जाता है। रविदास जी ने अपने जीवन में जाति-पाति और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समानता, भक्ति और मानवता का संदेश दिया।   संत रविदास का जन्म 14वीं शताब्दी में हुआ था। उन्होंने अपने पदों और दोहों के माध्यम से समाज में समानता, प्रेम और सेवा का संदेश फैलाया। उनकी प्रसिद्ध वाणी है:   "ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहे प्रसन्न।"   इसका अर्थ है कि संत रविदास ऐसे समाज की कामना करते थे, जहां कोई भूखा न रहे और सभी छोटे-बड़े समान हों। उन्होंने गरीब और पिछड़े वर्गों के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।   रविदास जी के भक्ति-भाव से प्रेरित होकर कई भक्तों ने उनके मार्ग का अनुसरण किया...
बजट से पहले कोचिंग पर GST में राहत की मांग, करोड़ों छात्रों और माता-पिता को मिल सकती है राहत
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बजट से पहले कोचिंग पर GST में राहत की मांग, करोड़ों छात्रों और माता-पिता को मिल सकती है राहत

    1 फरवरी 2026 को आने वाले केंद्रीय बजट से पहले, शिक्षा क्षेत्र में छात्रों और माता-पिता की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इस बार कोचिंग संस्थानों पर लागू वस्तु एवं सेवा कर (GST) में राहत देने की मांग उठी है।   नई दिल्ली स्थित कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में केंद्रीय बजट में कोचिंग और सहायक शिक्षा सेवाओं पर GST की दर घटाने या पूरी तरह छूट देने की अपील की है। फेडरेशन का कहना है कि वर्तमान में GST छात्र की फीस में सीधे जोड़ दिया जाता है, जिससे माता-पिता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है।   CFI ने अपने 28 जनवरी के प्रतिनिधित्व में सुझाव दिया है कि GST की दर को वर्तमान 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया जाए या इसे पूरी तरह से छूट दी जाए। यदि सरकार इस पर सकारात्मक कदम उठाती है, तो JEE, NEET, SSC, UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की त...