Wednesday, July 22

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एयर इंडिया को अहमदाबाद हादसे का झटका, इंडिगो ने इंटरनेशनल यात्री संख्या में किया रिकॉर्ड तोड़
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एयर इंडिया को अहमदाबाद हादसे का झटका, इंडिगो ने इंटरनेशनल यात्री संख्या में किया रिकॉर्ड तोड़

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को पीछे छोड़ दिया है। जुलाई-सितंबर 2025 की तिमाही में इंडिगो ने 41.36 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सेवा दी, जबकि एयर इंडिया ग्रुप के विमान में कुल 41 लाख यात्रियों ने सफर किया। यह पहली बार है जब इंडिगो इंटरनेशनल पैसेंजर संख्या में एयर इंडिया ग्रुप से आगे निकली। क्या है कारण? 12 जून को एयर इंडिया का एक विमान अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें 260 लोगों की जान गई। इस घटना के बाद एयर इंडिया ने लंबी दूरी के रूट्स पर लगभग 15% की कटौती की। हादसे ने यात्रियों के बीच एयर इंडिया के प्रति भरोसे को प्रभावित किया, जिससे इंडिगो को अंतरराष्ट्रीय मार्गों में बढ़त मिली। इंडिगो की स्थिति हालांकि इंडिगो की घरेलू उड़ानों में कई रद्द की गईं, अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन पर इसका असर...
एनपीएस नियमों में बड़े बदलाव: 85 साल तक निवेश, 80% निकासी और नई सुविधाएँ
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एनपीएस नियमों में बड़े बदलाव: 85 साल तक निवेश, 80% निकासी और नई सुविधाएँ

नई दिल्ली: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेशकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS को सब्सक्राइबर्स के लिए और आकर्षक, लचीला और फायदेमंद बनाने के लिए 10 बड़े बदलाव किए हैं। ये बदलाव सरकारी, गैर-सरकारी और एनपीएस-लाइट सभी सब्सक्राइबर्स पर लागू होंगे। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं: निवेश की उम्र बढ़ी: अब सब्सक्राइबर्स 75 साल की बजाय 85 साल तक एनपीएस में निवेश जारी रख सकते हैं। एन्युटी खरीदने का विकल्प: अब गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स अपने जमा राशि का केवल 20% एन्युटी खरीदने में लगा सकते हैं। 100% रकम निकालने की सुविधा: जमा राशि 8 लाख रुपये तक होने पर सब्सक्राइबर्स अब पूरी राशि एक साथ निकाल सकते हैं। सिस्टमैटिक यूनिट रिडेम्पशन (SURS): अब सब्सक्राइबर्स अपने कॉर्पस से धीरे-धीरे, यानी किस्तों में पैसा निकाल सकते हैं। यह सुविधा कम से कम...
हेल्थ, एग्रीकल्चर, एजुकेशन और सस्टेनेबल ग्रोथ में गूगल करेगा लाखों डॉलर का निवेश, भारत बनेगा AI का नया केंद्र
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हेल्थ, एग्रीकल्चर, एजुकेशन और सस्टेनेबल ग्रोथ में गूगल करेगा लाखों डॉलर का निवेश, भारत बनेगा AI का नया केंद्र

नई दिल्ली: दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और भारत भी इसका महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। भारत को ग्लोबल AI लीडरशिप की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए गूगल ने स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश और साझेदारियों की घोषणा की है। मंगलवार को आयोजित Lab to Impact कार्यक्रम में, जो India AI Impact Summit 2026 के सहयोग से आयोजित हुआ, गूगल ने भारत में AI के लिए कुल 1.49 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान किया। कितना निवेश कहाँ जाएगा? AI सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (IISc बैंगलोर, IIT कानपुर, IIT मद्रास, IIT रोपड़): 80 लाख डॉलर Wadhwani AI (Health Vaani और Agrivaani/Garuda): 45 लाख डॉलर IIT बॉम्बे – इंडिक लैंग्वेज टेक्नोलॉजीज रिसर्च हब: 20 लाख डॉलर हेल्थ फाउंडेशन मॉडल के विकास के लिए: 4 लाख डॉलर AI स्टार्टअप्स और रिसर्...
लेपा के किसान से अरबपति CEO: ललित केशरे ने बनाया Groww और छू लिया सफलता का शिखर
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लेपा के किसान से अरबपति CEO: ललित केशरे ने बनाया Groww और छू लिया सफलता का शिखर

नई दिल्ली: ज वेंचर्स लिमिटेड के सह-संस्थापक और सीईओ ललित केशरे अब आधिकारिक रूप से अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए हैं। कंपनी के शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद उनकी संपत्ति में जबरदस्त उछाल आया है। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के छोटे से लेपा गांव के किसान परिवार से आने वाले ललित की यह सफलता भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में बढ़ते अवसरों को उजागर करती है। गांव से IIT तक का सफर ललित केशरे का बचपन लेपा गांव में बीता। सीमित संसाधनों और वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद, उन्होंने जिले के एकमात्र अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षा ग्रहण की। कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने प्रतिष्ठित IIT-JEE पास किया और IIT बॉम्बे से अपनी शिक्षा पूरी की। ऐसे आया आइडिया पढ़ाई पूरी करने के बाद ललित ने फ्लिपकार्ट में शुरुआती प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में काम किया। वहाँ काम के दौरान उन्होंने महसूस किया कि...
आज इन शेयरों से होगी कमाई: LT Foods और Kirloskar Oil में तेजी के संकेत
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आज इन शेयरों से होगी कमाई: LT Foods और Kirloskar Oil में तेजी के संकेत

नई दिल्ली: बीते मंगलवार को शेयर बाजार में नरमी देखने को मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी, डॉलर के मुकाबले रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर जाने और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख के बीच बीएसई और एनएसई के प्रमुख सूचकांक गिरकर बंद हुए। सेंसेक्स 533.50 अंक यानी 0.63% गिरकर 84,679.86 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 84,620.61 अंक तक भी गिर गया। निफ्टी 167.20 अंक यानी 0.64% लुढ़ककर 25,860.10 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के घटक शेयरों में एक्सिस बैंक में सबसे ज्यादा 5.03% की गिरावट रही। इसके अलावा इटर्नल, एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और बजाज फाइनेंस के शेयर भी नुकसान में रहे। वहीं, टाइटन, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एशियन पेंट्स के शेयरों में तेजी का रुख देखा गया। इन शेयरों में दिख रही मजबूत खरीदारी: निवेशकों की नजर निम्नलिखित शेय...
रुपये की गिरावट: निर्यातकों के लिए लाभ या नुकसान? रिपोर्ट से खुला असली खेल
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रुपये की गिरावट: निर्यातकों के लिए लाभ या नुकसान? रिपोर्ट से खुला असली खेल

नई दिल्ली: भारतीय रुपये के कमजोर होने को लेकर बहस लंबे समय से जारी है। क्या यह वास्तव में भारत के निर्यातकों के लिए लाभकारी है या नुकसानदेह? सिस्टमैटिक्स रिसर्च की नई रिपोर्ट इस पर प्रकाश डालती है। रिपोर्ट के अनुसार, कमजोर मुद्रा कुछ क्षेत्रों को फायदा तो देती है, लेकिन आयात पर निर्भरता के कारण लाभ सीमित हो जाता है। कौन से क्षेत्र लाभ में? रिपोर्ट बताती है कि खाद्य और कृषि-आधारित निर्यात रुपये के कमजोर होने से सबसे अधिक लाभान्वित होते हैं। इन क्षेत्रों को आयात पर कम निर्भरता होने के कारण मुद्रा की कमजोरी सीधे मुनाफे में बदल जाती है। उदाहरण के लिए, चावल, गेहूं और अन्य कृषि उत्पाद सीधे विदेशों में बेचे जाते हैं, जिससे किसानों को अधिक विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। कौन से क्षेत्र नुकसान में? वहीं कपड़ा, चमड़ा, रत्न और आभूषण जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों पर रुपया कमजोर होने का उल्टा असर ...
चीन को भारत का निर्यात बढ़ा, अमेरिकी टैरिफ के नुकसान से बचाया भारत
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चीन को भारत का निर्यात बढ़ा, अमेरिकी टैरिफ के नुकसान से बचाया भारत

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच 100 अरब डॉलर का बड़ा व्यापार घाटा है। लेकिन इस साल पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक सामान के निर्यात में जबरदस्त बढ़ोतरी ने भारत को बड़े आर्थिक नुकसान से बचा लिया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-नवंबर 2025 में चीन को भारत का निर्यात 12.22 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की तुलना में 32.83% ज्यादा है। वहीं अप्रैल-नवंबर 2024 में यह आंकड़ा 9.20 अरब डॉलर था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ोतरी ने भारत के निर्यात में विविधता (डायवर्सिफिकेशन) को दिखाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए 50% टैरिफ के कारण अमेरिकी बाजार में नुकसान हुआ था, जिसे चीन और अन्य देशों में निर्यात बढ़ाकर कुछ हद तक पूरा किया जा सका। चीन को निर्यात में सबसे बड़ा योगदान पेट्रोलियम उत्पादों का रहा। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक सामान, समुद्री उत्प...
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10 साल पहले दुनिया के सबसे बड़े रईस थे बिल गेट्स, इस साल भारी नुकसान, नेटवर्थ घटकर 117 अरब डॉलर पर

नई दिल्ली: माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने लंबे समय तक दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति का दर्जा बनाए रखा। 2013 से 2017 तक लगातार पांच साल वह दुनिया के सबसे बड़े रईस रहे। लेकिन इस साल उनके लिए वित्तीय मोर्चे पर नुकसान का साल साबित हुआ। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के अनुसार, इस साल गेट्स की नेटवर्थ में 41.3 अरब डॉलर की गिरावट आई है। अब उनकी कुल संपत्ति 117 अरब डॉलर रह गई है, जिससे वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 16वें स्थान पर हैं। यही कारण है कि गेट्स इस साल टॉप 30 में नेटवर्थ गंवाने वाले एकमात्र रईस बने हैं। गेट्स ने अपने जीवनकाल में दान के जरिए भी बड़ी संपत्ति छोड़ी है, लेकिन इस साल की गिरावट निवेश और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण आई है। दुनिया के अन्य शीर्ष अमीरों की बात करें तो: एलन मस्क 638 अरब डॉलर के साथ दुनिया के सबसे बड़े रईस हैं और अगले साल ट्रिलिनेयर बनने की उम्मीद...
45 साल में पहली बार: चांदी ने कच्चे तेल को पीछे छोड़ा, निवेशकों के लिए नया रुझान
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45 साल में पहली बार: चांदी ने कच्चे तेल को पीछे छोड़ा, निवेशकों के लिए नया रुझान

नई दिल्ली: इस साल चांदी ने निवेशकों को सुखद चौंकाया है। हाल के महीनों में चांदी की कीमत में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है और यह पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चांदी की कीमत लगभग 65 डॉलर प्रति ओंस तक पहुँच गई है। इसके विपरीत, कच्चे तेल की कीमत में इस साल भारी गिरावट दर्ज हुई है। डब्ल्यूटीआई क्रूड 55.93 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 59.71 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। 1980 के बाद यह पहला मौका है जब चांदी की कीमत कच्चे तेल से ऊपर चली गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, 2022 के मध्य में डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत चांदी से लगभग 5.5 गुना ज्यादा थी। तब से चांदी की कीमत में 206% की जबरदस्त वृद्धि हुई है, जबकि कच्चे तेल में 44% की गिरावट दर्ज हुई है। इस साल चांदी का प्रदर्शन 1979 के बाद सबसे बेहतर रहा है और कच्चे तेल के लिए यह महामारी के बाद का सबसे ...
प्रदूषण ने बदली लग्ज़री हाउसिंग की दिशा
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प्रदूषण ने बदली लग्ज़री हाउसिंग की दिशा

शुद्ध हवा की तलाश में अमीर खरीदार, गोवा से कसौली तक बढ़ी मांग** नई दिल्ली। देश के बड़े महानगरों में बढ़ते प्रदूषण ने अब केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि लग्ज़री हाउसिंग मार्केट की दिशा भी बदल दी है। दिल्ली-एनसीआर सहित कई महानगरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 700 के पार पहुंचने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इसके चलते संपन्न वर्ग अब शुद्ध हवा, कम भीड़-भाड़ और प्रकृति के करीब बसे इलाकों में घर खरीदने को प्राथमिकता दे रहा है। इस बदलाव का सीधा असर भारत के महंगे प्रॉपर्टी बाजार पर दिख रहा है। गोवा, अलीबाग, कुन्नूर, कसौली और खोपोली जैसे शांत और प्रदूषण-मुक्त इलाकों में लग्ज़री विला और प्रीमियम प्लॉट्स की मांग तेज़ी से बढ़ी है। वीकेंड होम नहीं, अब फुल-टाइम लाइफस्टाइल कोरोना काल के बाद लोगों की जीवनशैली में आए बदलाव ने इस ट्रेंड को और मजबूती दी है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुस...