Monday, January 19

गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए भारत-पाकिस्तान को ट्रंप का न्योता, मेंबरशिप फीस एक अरब डॉलर

 

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वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के लिए बनाए जा रहे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में कई देशों को आमंत्रित किया है। यह बोर्ड इजरायल और हमास के बीच हुए सीजफायर समझौते के दूसरे चरण का अहम हिस्सा है और गाजा के पुनर्निर्माण की देखरेख करेगा।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बोर्ड में शामिल होने के लिए प्रत्येक देश को एक अरब डॉलर (लगभग नौ हजार करोड़ रुपये) का भुगतान करना होगा। अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह राशि मुख्य रूप से गाजा के पुनर्निर्माण के लिए इस्तेमाल की जाएगी, न कि प्रशासनिक खर्च या कर्मचारियों की सैलरी के लिए। जो सदस्य प्रारंभिक तीन वर्षों में भुगतान नहीं करेंगे, उनका कार्यकाल केवल तीन साल तक ही रहेगा।

 

इस बोर्ड की अध्यक्षता डोनाल्ड ट्रंप स्वयं करेंगे। इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। ट्रंप ने इस पहल को अब तक का “सबसे महान और प्रतिष्ठित बोर्ड” बताते हुए कहा है कि यह पूरे क्षेत्र में शांति लाने में मदद करेगा।

 

अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान को इस बोर्ड का हिस्सा बनने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रंप ने व्यक्तिगत पत्र लिखा है, जिसे अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने साझा किया। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी इसमें शामिल होने का न्योता मिला है।

 

गाजा के अधिकांश हिस्से पर दो साल के इजरायली हमलों का असर देखा गया है। हालांकि बोर्ड में फिलिस्तीनी अथॉरिटी का प्रतिनिधित्व अभी नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि सुधारों के बाद उसे गाजा का नियंत्रण सौंपा जाएगा।

 

 

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