
नई दिल्ली: बच्चों और किशोरों के डिजिटल अनुभव को सुरक्षित और नियंत्रित बनाने के लिए YouTube ने तीन बड़े बदलाव किए हैं। अब माता-पिता अपने बच्चों के YouTube Shorts देखने के समय को तय कर सकते हैं और उन्हें सही कंटेंट तक पहुंचा सकते हैं।
- स्क्रीन टाइम कंट्रोल:
पैरंट्स अब तय कर सकेंगे कि उनका बच्चा शॉर्ट वीडियो कितनी देर तक देखे। टाइमर को पूरी तरह जीरो भी किया जा सकता है, यानी पढ़ाई या होमवर्क के समय वीडियो बंद किए जा सकते हैं। वहीं, परिवार यात्रा पर हों तो 30 या 60 मिनट का समय तय किया जा सकता है। इसके अलावा सोने के समय और बीच-बीच में ब्रेक लेने के लिए रिमाइंडर भी सेट किया जा सकेगा। YouTube के अनुसार, यह फीचर इंडस्ट्री में पहली बार पेश किया गया है।
- टीन्स के लिए अर्थपूर्ण कंटेंट:
YouTube अब किशोरों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सीखने वाला कंटेंट दिखाएगा। इसके लिए नई गाइडलाइंस तैयार की गई हैं, जिसमें यूथ एक्सपर्ट्स और शैक्षणिक संस्थाओं की सलाह शामिल है। खान अकैडमी, क्रैशकोर्स और पढ़ाई-लिखाई से जुड़े वीडियो अब अधिक दिखाई देंगे। इसके साथ ही रिकमेंडेशन सिस्टम को अपडेट कर कम क्वालिटी और भटकाने वाले वीडियो की जगह सकारात्मक और ज्ञानवर्धक कंटेंट प्रमुखता से दिखाया जाएगा।
- आसान अकाउंट मैनेजमेंट:
YouTube जल्द ही नया साइन-अप सिस्टम पेश करेगा। इससे माता-पिता बच्चों के लिए किड अकाउंट, टीन अकाउंट और पैरंट अकाउंट आसानी से बना सकेंगे और ऐप में कुछ ही टैप में अकाउंट्स के बीच स्विच कर सकेंगे। इसका उद्देश्य है कि हर परिवार का सदस्य उम्र के अनुसार सही कंटेंट और सेटिंग्स का लाभ उठाए।
YouTube की वाइस प्रेजिडेंट जेनिफर फ्लैनरी ओ’कॉनर ने कहा, “हम मानते हैं कि बच्चों को डिजिटल दुनिया से दूर रखने की बजाय उन्हें सुरक्षित रहना सीखाना ज्यादा जरूरी है। ये बदलाव स्क्रीन टाइम, कंटेंट और अकाउंट मैनेजमेंट में मददगार साबित होंगे।”