Thursday, January 15

हजारों साल पुरानी पाल विधि वाला INSV कौंडिन्य अब आधुनिक सैटेलाइट तकनीक से लैस

 

This slideshow requires JavaScript.

गुजरात: भारतीय नौसेना का जहाज INSV कौंडिन्य, जिसे 2 हजार साल पुरानी पाल विधि से बनाया गया है, ने गुजरात से ओमान तक की 18 दिनों की समुद्री यात्रा पूरी की। इस ऐतिहासिक यात्रा में जहाज में वनवेब (OneWeb) सैटेलाइट कनेक्टिविटी जोड़कर आधुनिक तकनीक का कमाल दिखाया गया।

 

जहाज में लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क की मदद से क्रू मेंबर्स को पूरी यात्रा के दौरान रियल-टाइम कम्युनिकेशन और भरोसेमंद संपर्क की सुविधा मिली। यह सुविधा खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि पारंपरिक विधि से बने जहाज में कोई आधुनिक संचार व्यवस्था नहीं थी।

 

कौंडिन्य प्रोजेक्ट के मुख्य सदस्य और आर्किटेक्ट साजीव सान्याल ने कहा, “वनवेब की सैटेलाइट कनेक्टिविटी क्रू के लिए बेहद कीमती रही। इससे हमें जमीन पर मौजूद टीमों से जुड़े रहने, लाइव फीड भेजने और कठिन समुद्री सफर के दौरान मनोबल बनाए रखने में मदद मिली।”

 

वनवेब में भारती एंटरप्राइजेस की हिस्सेदारी है, जो भारत में एयरटेल चलाती है। कंपनी का कहना है कि इस ऐतिहासिक यात्रा में उनका नेटवर्क लगातार काम करता रहा। इस मिशन का उद्देश्य समुद्री व्यापार मार्गों का पुनर्निरीक्षण, भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देना था।

 

वनवेब इंडिया की बोर्ड डायरेक्टर नेहा इडनानी ने कहा, “ईटेलसैट के सहयोग से इस ऐतिहासिक यात्रा के लिए कनेक्टिविटी देने का अवसर मिला, जिससे मिशन और क्रू दोनों को मजबूती मिली।”

 

Leave a Reply