
जबलपुर। महाकुंभ-2025 में साध्वी के रूप में चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया मकर संक्रांति पर नर्मदा स्नान के लिए ग्वारीघाट पहुंचीं। उन्होंने कहा, “मैंने धर्म नहीं अपनाया, धर्म ने मुझे अपनाया है।” हालांकि अब वे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार से कुछ समय के लिए विराम लेंगी।
हर्षा ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि “अपनों ने मेरे खिलाफ साजिश रची है।” उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कुछ साधु-संतों पर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि धर्म अपनाने की कोई जबरदस्ती नहीं है, और समाज में महिलाओं के स्वाभिमान और चरित्र पर सवाल उठाने वाले हमेशा रहते हैं।
हर्षा ने कहा, “पिछले एक साल में मेरी मानसिक परीक्षा ली गई, लेकिन महादेव की कृपा से मैं और मजबूत होकर उभरी हूं।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि भले ही वे प्रचार से विराम ले रही हैं, उनकी भक्ति कम नहीं हुई है। वे 18 जनवरी को माघ मेले में प्रयागराज में स्नान कर ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष के साथ उपस्थित रहेंगी।
सोशल मीडिया पर चर्चित हर्षा रिछारिया की यह प्रतिक्रिया महाकुंभ और धार्मिक आयोजनों के दौरान महिलाओं की भागीदारी और उनके अधिकारों पर भी नया विमर्श खड़ा कर रही है।