
नई दिल्ली, 3 जनवरी 2026: विदेश में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। अब उन छात्रों को भी भारत में प्रैक्टिस के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट और इंटर्नशिप की शर्त पूरी करनी होगी, जो बैचलर ऑफ साइंस (BS) कोर्स कर रहे हैं।
NMC के अनुसार, विदेश में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को भारत में प्रैक्टिस की इजाजत तभी मिलेगी, जब उन्होंने NEET क्वालिफाई किया हो और विदेश में NMC की गाइडलाइन वाले संस्थान से डिग्री हासिल की हो। पहले 2021 में लागू ‘फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट लाइसेंशिएट’ (FMGL) रेगुलेशन के कारण कई छात्रों की डिग्री की वैल्यू पर सवाल उठ रहे थे। नए आदेश से इन्हें राहत मिलेगी।
NMC ने स्पष्ट किया है कि अब इन छात्रों को पुराने स्क्रीनिंग टेस्ट रेगुलेशन 2002 के तहत FMGE एग्जाम पास करना होगा। इसके अलावा, भारत में एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप भी करनी होगी, जिससे पर्याप्त क्लीनिकल ट्रेनिंग सुनिश्चित हो सके।
यह नियम BS कोर्स करने वाले उन छात्रों पर लागू होगा, जिन्होंने 18 नवंबर 2021 से पहले विदेश में एडमिशन लिया था। NMC ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को यह आदेश भेज दिया है। योग्य छात्र FMGE पास कर, इंटर्नशिप पूरी करने के बाद भारत में प्रैक्टिस कर सकेंगे।
इस कदम से विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों को भारत में जॉब और प्रैक्टिस का रास्ता साफ़ हो गया है।